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उद्यमशीलता और नवाचार को बढ़ावा देना सराहनीय : प्रो. योगेश सिंह
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-उध्मोद्या फाउंडेशन और समर्थ भारत द्वारा आयोजित स्टार्टअप कॉन्क्लेव के समापन पर बोले कुलपति
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि स्टार्टअप कॉन्क्लेव का आयोजन उद्यमशीलता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सराहनीय कार्य है। वह उध्मोद्या फाउंडेशन के करियर डेवलपमेंट सेंटर द्वारा दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित स्टार्टअप कॉन्क्लेव के समापन अवसर पर संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस गतिशील और अभिनव कॉन्क्लेव ने उद्यमशीलता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए समर्पित एक जीवंत पारिस्थितिकी तंत्र का प्रदर्शन किया है। जो इच्छुक उद्यमियों को अपने सपनों को उड़ान देने और निवेश सुरक्षित करने के लिए एक मंच तैयार करता है। कुलपति ने उद्यमशीलता अनुसंधान विचारधारा को बढ़ावा देने की पहल की सराहना की। वहीं, उन्होंने इसके माध्यम से उभरते युवा उद्यमियों को उनके विचारों के क्रियान्वयन में मदद करने के लिए फाउंडेशन की टीम को बधाई भी दी। इस अवसर पर समर्थ भारत के संरक्षक भारत भूषण ने भी संबोधित किया।
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कॉन्क्लेव ने स्टार्टअप विचारों की प्रमुख शैलियों की मेजबानी की:
1. नवीन और स्केलेबल विचार : रचनात्मकता और व्यापक प्रभाव की क्षमता को पहचानना।
2. सामाजिक प्रभाव के लिए सर्वोत्तम विचार : सकारात्मक परिवर्तन लाने की शक्ति के साथ नवीन समाधानों का जश्न मनाना।
3. सर्वश्रेष्ठ महिला-नेतृत्व वाला नवोन्मेषी विचार : उद्यमिता में महिलाओं को स्वीकार करना और उन्हें सशक्त बनाना।
4. सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप एसएपी आइडिया : उन विचारों पर ध्यान केंद्रित करना जो स्टार्टअप एक्सेलरेटर प्रोग्राम हो।
5. सबसे टिकाऊ विचार : दीर्घकालिक व्यवहार्यता के साथ व्यावसायिक विचारों को बढ़ावा देना।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि स्टार्टअप कॉन्क्लेव का आयोजन उद्यमशीलता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सराहनीय कार्य है। वह उध्मोद्या फाउंडेशन के करियर डेवलपमेंट सेंटर द्वारा दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित स्टार्टअप कॉन्क्लेव के समापन अवसर पर संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस गतिशील और अभिनव कॉन्क्लेव ने उद्यमशीलता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए समर्पित एक जीवंत पारिस्थितिकी तंत्र का प्रदर्शन किया है। जो इच्छुक उद्यमियों को अपने सपनों को उड़ान देने और निवेश सुरक्षित करने के लिए एक मंच तैयार करता है। कुलपति ने उद्यमशीलता अनुसंधान विचारधारा को बढ़ावा देने की पहल की सराहना की। वहीं, उन्होंने इसके माध्यम से उभरते युवा उद्यमियों को उनके विचारों के क्रियान्वयन में मदद करने के लिए फाउंडेशन की टीम को बधाई भी दी। इस अवसर पर समर्थ भारत के संरक्षक भारत भूषण ने भी संबोधित किया।
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कॉन्क्लेव ने स्टार्टअप विचारों की प्रमुख शैलियों की मेजबानी की:
1. नवीन और स्केलेबल विचार : रचनात्मकता और व्यापक प्रभाव की क्षमता को पहचानना।
2. सामाजिक प्रभाव के लिए सर्वोत्तम विचार : सकारात्मक परिवर्तन लाने की शक्ति के साथ नवीन समाधानों का जश्न मनाना।
3. सर्वश्रेष्ठ महिला-नेतृत्व वाला नवोन्मेषी विचार : उद्यमिता में महिलाओं को स्वीकार करना और उन्हें सशक्त बनाना।
4. सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप एसएपी आइडिया : उन विचारों पर ध्यान केंद्रित करना जो स्टार्टअप एक्सेलरेटर प्रोग्राम हो।
5. सबसे टिकाऊ विचार : दीर्घकालिक व्यवहार्यता के साथ व्यावसायिक विचारों को बढ़ावा देना।