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Noida News: नोएडा-दिल्ली बॉर्डर पर पुलिस का पहरा, चप्पे-चप्पे पर नाकेबंदी
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तीनों प्रमुख बॉर्डर पर बैरिकेडिंग और सघन चेकिंग, 12 से ज्यादा लोग नजरबंद
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा/ ग्रेटर नोएडा / यमुना सिटी। दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन को रोकने के लिए गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने शनिवार को सीमाओं पर सख्त पहरा बिठा दिया। चिल्ला, डीएनडी और कालिंदी कुंज बॉर्डर पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की सघन चेकिंग की गई। पुलिस, पीएसी और अर्धसैनिक बलों की तैनाती के बीच दिल्ली जाने वाले हर संदिग्ध वाहन पर नजर रखी गई। प्रदर्शन में शामिल होने की आशंका वाले लोगों से पूछताछ की गई और कई वाहनों को लौटा दिया गया। शहरभर में पुलिस ने नेताओं, किसान और श्रमिक संगठनों के कार्यकर्ताओं की निगरानी रखी। दूसरे दिन भी 12 अधिक लोगों को घरों में नजरबंद रखा गया। शुक्रवार रात से शुरू हुई सुरक्षा की यह घेराबंदी शनिवार देर शाम तक जारी रही।
तीन बॉर्डर पर बैरिकेडिंग, हर वाहन की तलाशी
प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पहुंचने से पहले रोकने के लिए शुक्रवार रात नौ बजे से ही बॉर्डर पर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई थी। शनिवार सुबह चिल्ला, डीएनडी और कालिंदी कुंज पर अतिरिक्त पुलिस बल के साथ पीएसी की तीन कंपनी तैनात की गईं। हर बॉर्डर पर पानी से भरे दो टैंकर और अग्निशमन वाहन भी तैयार रखे गए। ड्रोन से हवाई निगरानी हुई, जबकि सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल कमांड सेंटर से गतिविधियों पर नजर रखी गई। सुबह करीब 11 बजे चिल्ला बॉर्डर पर बैरिकेडिंग कर वाहनों को दो रास्तों से जांच के बाद आगे भेजा गया। डीएनडी पर पुलिसकर्मी सड़क के बीच खड़े होकर वाहनों की निगरानी करते रहे। पुलिस की नजर खासतौर पर उन वाहनों पर रही, जिन पर यूनियन के झंडे या प्रदर्शन से जुड़े स्टीकर लगे थे। ऐसे वाहनों को रोककर चालकों से पूछताछ की गई और गहन तलाशी के बाद ही आगे जाने दिया गया। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कुछ लोगों को वापस भेज दिया गया।
कालिंदी कुंज पर रास्ता बंद, जाम में फंसे वाहन
कालिंदी कुंज बॉर्डर पर पुलिस ने सीमेंटेड बैरिकेड लगाकर आधे से अधिक रास्ता बंद कर दिया। वाहनों के निकलने के लिए केवल एक रास्ता छोड़ा गया, जिससे एक-एक करके गाड़ियों को आगे बढ़ाया गया। करीब 100 मीटर के अंतर पर लगाए गए दो बैरिकेड पर यूपी पुलिस और दिल्ली पुलिस के जवान तैनात रहे। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों ने भी मोर्चा संभाला। रास्ता संकरा होने से बड़े वाहनों को मुड़ने में परेशानी हुई और सुबह से ही जाम की स्थिति बनी रही।
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हालांकि, रोजाना दफ्तर आने-जाने वाले यात्रियों को राहत देने के लिए वाहनों को जांच के बाद आगे बढ़ाया जाता रहा।
एक्सप्रेसवे से कॉलेजों तक पुलिस की घेराबंदी
दिल्ली की ओर जाने वाले रास्तों पर ही नहीं, ग्रेटर नोएडा के प्रमुख चौराहों और शिक्षण संस्थानों के आसपास भी पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी। यमुना एक्सप्रेसवे, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, जीटी रोड और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर बस, ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली और निजी वाहनों की जांच की गई। अलीगढ़, बुलंदशहर और गाजियाबाद की सीमाओं पर भी बैरिकेडिंग कर वाहनों को रोका गया। जीबीयू चौराहे, परी चौक, नॉलेज पार्क और एक्सपो मार्ट गोलचक्कर पर पुलिस ने विशेष चेकिंग अभियान चलाया। कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और हॉस्टलों के आसपास गश्त बढ़ाई गई। खुफिया विभाग से मिले इनपुट के आधार पर विपक्षी दलों, किसान संगठनों और श्रमिक संगठनों के नेताओं व कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर भी नजर रखी गई।
घरों से कांग्रेस कार्यालय तक पुलिस का पहरा
प्रदर्शन में शामिल होने दिल्ली जाने की आशंका के चलते कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को घरों में नजरबंद किया गया। शुक्रवार को 500 से अधिक लोगों को नजरबंद किए जाने की जानकारी सामने आई थी। पुलिस ने उन लोगों की तलाश भी की, जो अपने घरों पर नहीं मिले। जिला कांग्रेस कार्यालय पर भी पुलिस का पहरा रहा। जिला अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला समेत कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को कार्यालय में रोके जाने की बात सामने आई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें पिछले दो दिनों से घरों और कार्यालयों में नजरबंद किया जा रहा है। कलेक्ट्रेट परिसर और जिलाधिकारी मेधा रूपम के मलकपुर स्थित आवास के बाहर भी सुरक्षा बढ़ाई गई।
मेट्रो स्टेशनों पर भी सख्ती, यात्रियों को दी गई जानकारी
दिल्ली में बंद किए गए 45 मेट्रो स्टेशनों की सूची और नक्शा यात्रियों की जानकारी के लिए स्टेशनों पर चस्पा किया गया। टोकन काउंटर पर भी आदेश लगाए गए और अनाउंसमेंट के जरिए यात्रियों को जानकारी दी जाती रही। बंद स्टेशनों के लिए टोकन जारी नहीं हो रहे थे। सीआईएसएफ ने मेट्रो स्टेशनों पर निगरानी बढ़ाकर यात्रियों और उनके सामान की जांच की। बंद स्टेशनों की जानकारी पहले से मिलने के कारण सामान्य दिनों की तुलना में यात्रियों की संख्या कम रही।
सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर पुलिस अलर्ट रही। नोएडा-दिल्ली बॉर्डर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। वाहनों की सघन चेकिंग के बाद ही दिल्ली में प्रवेश दिया गया। दिनभर यातायात सुचारु रखने का प्रयास किया गया।
— राजीव नारायण मिश्र, अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था), नोएडा पुलिस कमिश्नरेट
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा/ ग्रेटर नोएडा / यमुना सिटी। दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन को रोकने के लिए गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने शनिवार को सीमाओं पर सख्त पहरा बिठा दिया। चिल्ला, डीएनडी और कालिंदी कुंज बॉर्डर पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की सघन चेकिंग की गई। पुलिस, पीएसी और अर्धसैनिक बलों की तैनाती के बीच दिल्ली जाने वाले हर संदिग्ध वाहन पर नजर रखी गई। प्रदर्शन में शामिल होने की आशंका वाले लोगों से पूछताछ की गई और कई वाहनों को लौटा दिया गया। शहरभर में पुलिस ने नेताओं, किसान और श्रमिक संगठनों के कार्यकर्ताओं की निगरानी रखी। दूसरे दिन भी 12 अधिक लोगों को घरों में नजरबंद रखा गया। शुक्रवार रात से शुरू हुई सुरक्षा की यह घेराबंदी शनिवार देर शाम तक जारी रही।
तीन बॉर्डर पर बैरिकेडिंग, हर वाहन की तलाशी
प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पहुंचने से पहले रोकने के लिए शुक्रवार रात नौ बजे से ही बॉर्डर पर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई थी। शनिवार सुबह चिल्ला, डीएनडी और कालिंदी कुंज पर अतिरिक्त पुलिस बल के साथ पीएसी की तीन कंपनी तैनात की गईं। हर बॉर्डर पर पानी से भरे दो टैंकर और अग्निशमन वाहन भी तैयार रखे गए। ड्रोन से हवाई निगरानी हुई, जबकि सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल कमांड सेंटर से गतिविधियों पर नजर रखी गई। सुबह करीब 11 बजे चिल्ला बॉर्डर पर बैरिकेडिंग कर वाहनों को दो रास्तों से जांच के बाद आगे भेजा गया। डीएनडी पर पुलिसकर्मी सड़क के बीच खड़े होकर वाहनों की निगरानी करते रहे। पुलिस की नजर खासतौर पर उन वाहनों पर रही, जिन पर यूनियन के झंडे या प्रदर्शन से जुड़े स्टीकर लगे थे। ऐसे वाहनों को रोककर चालकों से पूछताछ की गई और गहन तलाशी के बाद ही आगे जाने दिया गया। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कुछ लोगों को वापस भेज दिया गया।
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कालिंदी कुंज पर रास्ता बंद, जाम में फंसे वाहन
कालिंदी कुंज बॉर्डर पर पुलिस ने सीमेंटेड बैरिकेड लगाकर आधे से अधिक रास्ता बंद कर दिया। वाहनों के निकलने के लिए केवल एक रास्ता छोड़ा गया, जिससे एक-एक करके गाड़ियों को आगे बढ़ाया गया। करीब 100 मीटर के अंतर पर लगाए गए दो बैरिकेड पर यूपी पुलिस और दिल्ली पुलिस के जवान तैनात रहे। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों ने भी मोर्चा संभाला। रास्ता संकरा होने से बड़े वाहनों को मुड़ने में परेशानी हुई और सुबह से ही जाम की स्थिति बनी रही।
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हालांकि, रोजाना दफ्तर आने-जाने वाले यात्रियों को राहत देने के लिए वाहनों को जांच के बाद आगे बढ़ाया जाता रहा।
एक्सप्रेसवे से कॉलेजों तक पुलिस की घेराबंदी
दिल्ली की ओर जाने वाले रास्तों पर ही नहीं, ग्रेटर नोएडा के प्रमुख चौराहों और शिक्षण संस्थानों के आसपास भी पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी। यमुना एक्सप्रेसवे, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, जीटी रोड और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर बस, ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली और निजी वाहनों की जांच की गई। अलीगढ़, बुलंदशहर और गाजियाबाद की सीमाओं पर भी बैरिकेडिंग कर वाहनों को रोका गया। जीबीयू चौराहे, परी चौक, नॉलेज पार्क और एक्सपो मार्ट गोलचक्कर पर पुलिस ने विशेष चेकिंग अभियान चलाया। कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और हॉस्टलों के आसपास गश्त बढ़ाई गई। खुफिया विभाग से मिले इनपुट के आधार पर विपक्षी दलों, किसान संगठनों और श्रमिक संगठनों के नेताओं व कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर भी नजर रखी गई।
घरों से कांग्रेस कार्यालय तक पुलिस का पहरा
प्रदर्शन में शामिल होने दिल्ली जाने की आशंका के चलते कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को घरों में नजरबंद किया गया। शुक्रवार को 500 से अधिक लोगों को नजरबंद किए जाने की जानकारी सामने आई थी। पुलिस ने उन लोगों की तलाश भी की, जो अपने घरों पर नहीं मिले। जिला कांग्रेस कार्यालय पर भी पुलिस का पहरा रहा। जिला अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला समेत कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को कार्यालय में रोके जाने की बात सामने आई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें पिछले दो दिनों से घरों और कार्यालयों में नजरबंद किया जा रहा है। कलेक्ट्रेट परिसर और जिलाधिकारी मेधा रूपम के मलकपुर स्थित आवास के बाहर भी सुरक्षा बढ़ाई गई।
मेट्रो स्टेशनों पर भी सख्ती, यात्रियों को दी गई जानकारी
दिल्ली में बंद किए गए 45 मेट्रो स्टेशनों की सूची और नक्शा यात्रियों की जानकारी के लिए स्टेशनों पर चस्पा किया गया। टोकन काउंटर पर भी आदेश लगाए गए और अनाउंसमेंट के जरिए यात्रियों को जानकारी दी जाती रही। बंद स्टेशनों के लिए टोकन जारी नहीं हो रहे थे। सीआईएसएफ ने मेट्रो स्टेशनों पर निगरानी बढ़ाकर यात्रियों और उनके सामान की जांच की। बंद स्टेशनों की जानकारी पहले से मिलने के कारण सामान्य दिनों की तुलना में यात्रियों की संख्या कम रही।
सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर पुलिस अलर्ट रही। नोएडा-दिल्ली बॉर्डर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। वाहनों की सघन चेकिंग के बाद ही दिल्ली में प्रवेश दिया गया। दिनभर यातायात सुचारु रखने का प्रयास किया गया।
— राजीव नारायण मिश्र, अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था), नोएडा पुलिस कमिश्नरेट