{"_id":"666c613716e9903b0b0603ae","slug":"police-sought-response-on-bibhavs-bail-plea-noida-news-c-340-1-del1011-51218-2024-06-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: बिभव की जमानत याचिका पर पुलिस से जवाब मांगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: बिभव की जमानत याचिका पर पुलिस से जवाब मांगा
विज्ञापन
स्वाति मालीवाल का मामला: मामले की सुनवाई एक जुलाई को होगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार की जमानत याचिका पर पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। बिभव को आप की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल पर कथित तौर पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। न्यायमूर्ति अमित शर्मा की अवकाश पीठ ने पुलिस से स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहते हुए मामले की सुनवाई 1 जुलाई तय की है।
बिभव ने 12 जून को मामले में नियमित जमानत के लिए याचिका दायर की थी। फिलहाल, बिभव न्यायिक हिरासत में हैं। उन्हें 7 जून को ट्रायल कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप गंभीर हैं और ऐसी आशंका है कि वे गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। बिभव ने हाईकोर्ट के समक्ष जमानत याचिका में कहा है कि ट्रायल कोर्ट यह विचार करने में विफल रहा कि उनकी आगे की हिरासत की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि जांच अधिकारी ने सभी साक्ष्य एकत्र कर लिए थे और गवाहों के बयान दर्ज कर लिए थे। जमानत अस्वीकृति आदेश पारित करते समय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश इस तथ्य पर विचार करने में विफल रहे कि उपरोक्त एफआईआर से संबंधित सभी साक्ष्य आईओ की ओर से एकत्र किए जा चुके हैं और गवाहों के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं, इसलिए याचिकाकर्ता की हिरासत की आवश्यकता नहीं है और याचिकाकर्ता को न्यायिक हिरासत में रखने से कोई उपयोगी उद्देश्य पूरा नहीं होगा।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार की जमानत याचिका पर पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। बिभव को आप की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल पर कथित तौर पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। न्यायमूर्ति अमित शर्मा की अवकाश पीठ ने पुलिस से स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहते हुए मामले की सुनवाई 1 जुलाई तय की है।
बिभव ने 12 जून को मामले में नियमित जमानत के लिए याचिका दायर की थी। फिलहाल, बिभव न्यायिक हिरासत में हैं। उन्हें 7 जून को ट्रायल कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप गंभीर हैं और ऐसी आशंका है कि वे गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। बिभव ने हाईकोर्ट के समक्ष जमानत याचिका में कहा है कि ट्रायल कोर्ट यह विचार करने में विफल रहा कि उनकी आगे की हिरासत की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि जांच अधिकारी ने सभी साक्ष्य एकत्र कर लिए थे और गवाहों के बयान दर्ज कर लिए थे। जमानत अस्वीकृति आदेश पारित करते समय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश इस तथ्य पर विचार करने में विफल रहे कि उपरोक्त एफआईआर से संबंधित सभी साक्ष्य आईओ की ओर से एकत्र किए जा चुके हैं और गवाहों के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं, इसलिए याचिकाकर्ता की हिरासत की आवश्यकता नहीं है और याचिकाकर्ता को न्यायिक हिरासत में रखने से कोई उपयोगी उद्देश्य पूरा नहीं होगा।
विज्ञापन