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नाबालिग के साथ पुलिस मुठभेड़ की होगी जांच
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नाबालिग के साथ पुलिस मुठभेड़ की होगी जांच
नोएडा। फेज-2 पुलिस की 14 जून को 16 साल के नाबालिग के साथ हुई मुठभेड़ पर किशोर न्याय बोर्ड ने सवाल उठाए हैं। पुलिस कमिश्नर को तुरंत मामले की जांच कराकर रिपोर्ट भेजने को कहा है। वहीं किशोर के परिजनों ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग व मानव अधिकार आयोग के समक्ष शिकायत देकर दूसरे राज्य के अधिकारियों से जांच कराने की गुहार लगाई है।
नाबालिग के पिता का कहना है कि उनके बेटे का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। उनका आरोप है कि 14 जून को नंगला चरण दास के पास से दो बाइकों पर सवार चार पुलिसकर्मियों ने उनके बेटे को जबरन अपनी बाइक पर बैठाया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद तीन-चार पुलिसकर्मी और आए। वह बेटे को थाने के वाहन में डालकर सब्जी मंडी की तरफ ले गए। वहां पर थाने के अफसरों और पुलिसकर्मियों ने उनके बेटे के पैर में गोली मारकर फर्जी मुठभेड़ दिखा दी। लहूलुहान हालत में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया और फिर अगले दिन कई फर्जी मुकदमे दर्ज कर दिए। कुछ पुराने मामलों में वांछित दिखाकर उसे किशोर सुधार गृह भेज दिया। उनका आरोप है कि पुलिस ने बेटे को गोली मारकर अमानवीय व्यवहार का परिचय दिया है। इसलिए मामले की जांच उत्तर प्रदेश पुलिस को छोड़कर किसी दूसरे राज्य की पुलिस या अन्य संस्था से कराई जाए।
उधर, नाबालिग को जब किशोर न्याय बोर्ड में पेश किया गया तो उसने भी नोएडा फेज-दो पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगाया। किशोर ने कहा कि यदि वह बदमाश होता तो पुलिस ने जिस स्थान से उसे उठाया था वहीं मुठभेड़ होनी चाहिए थी। लेकिन पुलिसकर्मी उसे उठाकर दूसरे स्थान पर ले गए। वहां लिटाकर उसके पैर में गोली मार दी। किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य ने मुठभेड़ पर सवाल उठाते हुए पुलिस कमिश्नर को एक कमेटी गठित कर मामले की जांच कराने को कहा है।
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सुमित प्रकरण में भी उठे थे सवाल
फर्जी मुठभेड़ को लेकर पुलिस पर करीब दो साल पहले भी सवाल खडे़ हुए थे। बागपत निवासी सुमित को नोएडा-ग्रेना के 130 मीटर एक्सप्रेसवे पर पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर किया था। सुमित के परिजनों ने कई माह तक धरना-प्रदर्शन किया था। बिसरख पुलिस पर भी शेरू नाम के युवक को फर्जी पुलिस मुठभेड़ में मारने का आरोप लग चुका है।
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फेज-दो पुलिस की ओर से नाबालिग को घायल अवस्था में लाया गया था। नाबालिग ने बयान दिए हैं कि पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ दिखाते हुए उसके पैर में गोली मारी है। इसके अलावा भी कई विरोधाभाषी बयान पाए गए। पुलिस को जांच के आदेश दिए गए हैं।
अनीत बघेल, सदस्य, किशोर न्याय बोर्ड गौतमबुद्धनगर
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नोएडा। फेज-2 पुलिस की 14 जून को 16 साल के नाबालिग के साथ हुई मुठभेड़ पर किशोर न्याय बोर्ड ने सवाल उठाए हैं। पुलिस कमिश्नर को तुरंत मामले की जांच कराकर रिपोर्ट भेजने को कहा है। वहीं किशोर के परिजनों ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग व मानव अधिकार आयोग के समक्ष शिकायत देकर दूसरे राज्य के अधिकारियों से जांच कराने की गुहार लगाई है।
नाबालिग के पिता का कहना है कि उनके बेटे का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। उनका आरोप है कि 14 जून को नंगला चरण दास के पास से दो बाइकों पर सवार चार पुलिसकर्मियों ने उनके बेटे को जबरन अपनी बाइक पर बैठाया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद तीन-चार पुलिसकर्मी और आए। वह बेटे को थाने के वाहन में डालकर सब्जी मंडी की तरफ ले गए। वहां पर थाने के अफसरों और पुलिसकर्मियों ने उनके बेटे के पैर में गोली मारकर फर्जी मुठभेड़ दिखा दी। लहूलुहान हालत में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया और फिर अगले दिन कई फर्जी मुकदमे दर्ज कर दिए। कुछ पुराने मामलों में वांछित दिखाकर उसे किशोर सुधार गृह भेज दिया। उनका आरोप है कि पुलिस ने बेटे को गोली मारकर अमानवीय व्यवहार का परिचय दिया है। इसलिए मामले की जांच उत्तर प्रदेश पुलिस को छोड़कर किसी दूसरे राज्य की पुलिस या अन्य संस्था से कराई जाए।
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उधर, नाबालिग को जब किशोर न्याय बोर्ड में पेश किया गया तो उसने भी नोएडा फेज-दो पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगाया। किशोर ने कहा कि यदि वह बदमाश होता तो पुलिस ने जिस स्थान से उसे उठाया था वहीं मुठभेड़ होनी चाहिए थी। लेकिन पुलिसकर्मी उसे उठाकर दूसरे स्थान पर ले गए। वहां लिटाकर उसके पैर में गोली मार दी। किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य ने मुठभेड़ पर सवाल उठाते हुए पुलिस कमिश्नर को एक कमेटी गठित कर मामले की जांच कराने को कहा है।
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सुमित प्रकरण में भी उठे थे सवाल
फर्जी मुठभेड़ को लेकर पुलिस पर करीब दो साल पहले भी सवाल खडे़ हुए थे। बागपत निवासी सुमित को नोएडा-ग्रेना के 130 मीटर एक्सप्रेसवे पर पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर किया था। सुमित के परिजनों ने कई माह तक धरना-प्रदर्शन किया था। बिसरख पुलिस पर भी शेरू नाम के युवक को फर्जी पुलिस मुठभेड़ में मारने का आरोप लग चुका है।
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फेज-दो पुलिस की ओर से नाबालिग को घायल अवस्था में लाया गया था। नाबालिग ने बयान दिए हैं कि पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ दिखाते हुए उसके पैर में गोली मारी है। इसके अलावा भी कई विरोधाभाषी बयान पाए गए। पुलिस को जांच के आदेश दिए गए हैं।
अनीत बघेल, सदस्य, किशोर न्याय बोर्ड गौतमबुद्धनगर