फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   POCSO court orders FIR against security guard on minor molestation complaint in noida

पॉक्सो कोर्ट का सख्त रुख: 11 साल की बच्ची के बयान पर गार्ड पर एफआईआर का आदेश, पुलिस की चूक सामने आई

Tue, 25 Nov 2025 10:33 PM IST
राहुल तिवारी पीटीआई, नोएडा
पीटीआई, नोएडा Published by: राहुल तिवारी Updated Tue, 25 Nov 2025 10:33 PM IST
सार

ग्रेटर नोएडा में पोक्सो कोर्ट ने 11 वर्षीय लड़की के बयान के आधार पर सिक्योरिटी गार्ड के खिलाफ एफआईआर का आदेश दिया। पुलिस पर गवाही नजरअंदाज करने और समझौता कराने का दबाव बनाने के आरोप लगाया गया था। अदालत ने अन्य दोषियों पर भी कार्रवाई का निर्देश दिया है।
 

विज्ञापन
POCSO court orders FIR against security guard on minor molestation complaint in noida
कोर्ट का फैसला - फोटो : FreePik

विस्तार

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में पोक्सो एक्ट की विशेष अदालत ने 11 साल की नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ के आरोप में एक सिक्योरिटी गार्ड के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। पुलिस ने पीड़िता की गवाही को नजरअंदाज करते हुए कथित तौर पर आरोपी के बयान पर भरोसा करते हुए नाबालिग की मां द्वारा दर्ज की गई शिकायत को क्लोज कर दिया था।

विज्ञापन


अपने आदेश में पोक्सो जज विकास नगर ने नाबालिग पीड़िता का बयान दर्ज करते हुए लिखा कि सुनवाई के दौरान पीड़िता अदालत के सामने पेश हुई और उसने आरोपी नंबर-1 (सिक्योरिटी गार्ड) द्वारा उसके साथ हुई अपराध का पूरा जिक्र किया। पोक्सो कानून के तहत जैसे ही कोई नाबालिग यौन शोषण की शिकायत करती है तो एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य है।
विज्ञापन


अदालत ने मुख्य आरोपी गार्ड के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देते हुए कहा कि जांच के दौरान अगर अन्य लोग दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। नाबालिग ने अपनी मां के माध्यम से अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन के एक सदस्य पर भी आरोप लगाया है कि उसके फोन में पीड़िता का आरोपी गार्ड के साथ सेल्फी था, जिसे गार्ड ने कथित तौर पर यह दिखाने के लिए क्लिक किया था कि लड़की सहमत थी। पुलिस अधिकारियों पर भी परिवार को समझौता करने के लिए दबाव डालने का आरोप लगा है, जिनमें एक्सप्रेसवे थाने के एसएचओ भी शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिकायत के मुताबिक, घटना 16 मार्च 2025 को हुई जब नबालिग दोस्तों के साथ खेलकर लौट रही थी। वहां तैनात सिक्योरिटी गार्ड ने उसे एक सुनसान जगह पर लाकर कथित तौर पर छेड़छाड़ की और जबरन उसके साथ सेल्फी ली ताकि सहमति का सबूत दिखा सके। घटना के बाद बच्ची ने एक महिला गार्ड को इसकी जानकारी दी।

पीड़िता की मां का आरोप है कि एक्सप्रेसवे थाने के एसएचओ ने पहले शिकायत लेने से इनकार कर दिया। बहुत मनाने पर शिकायत दर्ज की, लेकिन रसीद नहीं दी। महिला कांस्टेबल भेजकर एक मई 2025 को पीड़िता का बयान दर्ज करने का वादा किया गया। बयान दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने एफआईआर नहीं की और परिवार पर समझौते का दबाव डाला गया। पीड़िता की मां ने बताया कि मेरे पति डीसीपी यमुना प्रसाद से मिले, जिनके दफ्तर ने शिकायत स्वीकार की और कार्रवाई का भरोसा दिया। 

बार-बार अनुरोध के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर परिवार ने मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर मामला उठाया। जवाब में नोएडा पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी, जिसमें कहा गया कि जांच अधिकारी ने फोन पर आरोपी गार्ड से बात की और गार्ड ने कहा कि उसने सिर्फ लड़की को डांटा था। उस क्लोजर रिपोर्ट में एक मई 2025 को दर्ज पीड़िता का बयान शामिल ही नहीं किया गया।


अंततः अक्टूबर 2025 में पीड़िता की मां ने वकील सचिन जैन और हरदीप सिंह सोंधी के माध्यम से ग्रेटर नोएडा की पोक्सो कोर्ट में अर्जी दी। सुनवाई के दौरान जज ने नाबालिग को अदालत में बुलाकर उसका बयान दर्ज किया। इस दौरान जैन न कहा कियह बेहद चिंताजनक है कि राज्य प्रशासन शुरुआत में ही ऐसी संवेदनशील शिकायतों पर विचार करने से इनकार कर देता है। क्या राज्य केवल अपराध दर्ज न करके अपनी अपराध दर को कम करने का प्रयास कर रहा है?

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed