नोएडा। सेक्टर-122 स्थित श्रमिक कुंज में प्राधिकरण की ओर से बनाए गए फ्लैट और दुकान दिलाने के नाम पर ठगी के मामले में मुख्य आरोपी प्राधिकरण के ब्लैंक कागजात की फोटोकॉपी कराकर फर्जीवाड़े को अंजाम देता था। कागजात की फोटोकॉपी एक साइबर कैफे में कराई जाती थी। एक महिला भी उसका सहयोग करती थी। इस मामले में पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है।
कोतवाली सेक्टर-24 पुलिस ने शनिवार को इस मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से प्राधिकरण के फर्जी कागजात बरामद किए गए थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सेक्टर-8 निवासी संजय कुमार सिंह और गाजीपुर दिल्ली निवासी फारूख के रूप में हुई थी। अब तक की जांच में पता चला है कि मुख्य आरोपी खुद को मीडियाकर्मी बताकर प्राधिकरण के दफ्तर में जाता था। आरोपी संजय के पास से रेट कार्ड भी बरामद हुआ था, पुलिस इसकी भी जांच कर रही है। आरोपी किन-किन झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले लोगों के संपर्क में था, इस बात का भी पता लगाया जा रहा है। आशंका है कि आरोपी ने दर्जनों लोगों के साथ इस तरह से ठगी की है। पुलिस की जांच टीम अन्य पीड़ितों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है। नोएडा जोन के एसीपी टू रजनीश वर्मा ने बताया कि मुख्य आरोपी को रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है। इस मामले में कई और लोगों की भूमिका संदिग्ध है। ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है।