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पीएम-सीएम साहब, 2.5 लाख फ्लैट दिलवा दीजिए
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नोएडा में बन रही इमारत। फाइल फोटो
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पीएम-सीएम साहब, 2.5 लाख फ्लैट दिलवा दीजिए
नोएडा। ग्रेटर नोएडा के एक्सपो मार्ट में 9 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन के दौरान फ्लैट खरीदार उनसे मिलने का प्रयास करेंगे। मुलाकात का मकसद फंसे हुए 2.5 फ्लैट दिलाने की मांग करना होगा। साथ ही, रेरा को और सशक्त बनाने की भी मांग की जाएगी, ताकि बिल्डर रेरा के आदेशों का पालन कर सकें। नोएडा-ग्रेटर नोएडा के करीब 250 प्रोजेक्टों के 2.5 लाख फ्लैट खरीदार अभी भी भटक रहे हैं और उन्हें घर दिलाने के लिए सशक्त योजना नहीं बन पा रही है। बिल्डरों की ओर से भी प्रोजेक्ट को पूरी तरह से छोड़ दिया गया है। हालात यह हैं कि प्रोजेक्ट का काम कब शुरू होगा, यह बताने वाला कोई नहीं है।
नेफोमा के अध्यक्ष अन्नू खान ने बताया कि पीएम-सीएम से मिलने की योजना रविवार को बनाई जाएगी। उन्हें ज्ञापन देने की कोशिश होगी, जिसमें रेरा को सशक्त बनाने की मांग होगी, ताकि रेरा में जाने के बाद खरीदारों को बाद में एनसीएलटी और सुप्रीम कोर्ट न जाना पड़े। साथ ही, रेरा में शिकायतों के बाद बिल्डर आदेशों का पालन करें। ऐसा न हो कि रेरा बिल्डरों को जो आदेश दे रहा है उसका बिल्डर पालन ही न करें। रियल एस्टेट के लिए अलग से कानून बनाया गया है और रेरा को लाया गया है तो उसकी बात माननी चाहिए। इसके अलावा खरीदारों के लेट पजेशन पर भी बातचीत होगी। सरकार को लेट पजेशन से हो रही परेशानी बताई जाएगी। हमारी मांग होगी कि सरकार फंडिंग करे, ताकि प्रोजेक्ट का काम पूरा हो पाए। इससे आगे की बात बन पाएगी। आम्रपाली मामले में भी सरकार को फंडिंग करनी चाहिए, ताकि प्रोजेक्ट पूरे हो पाएं। बाद में सरकार बिल्डरों की जमीन नीलाम कर पैसे वसूल कर सकती है। इसमें उन्हें कोई परेशानी भी नहीं होगी और घर खरीदारों को उनका आशियाना मिलने का रास्ता भी साफ हो पाएगा।
सीएम ने किया था आम्रपाली के खरीदारों के हितों की रक्षा का वादा
आम्रपाली के खरीदारों का कहना है कि पिछली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि अगर इस मामले में कोई हल नहीं निकल पाता है तो सरकार प्रयास करेगी और नोएडा-ग्रेटर नोएडा के खरीदारों के हितों की रक्षा की जाएगी। जगह-जगह जाकर हम पूरी तरह से थक चुके हैं। इसके बावजूद पीएम और सीएम से खरीदार अपेक्षा करेंगे कि वह इस मामले में कुछ निर्देश दें। आम्रपाली के खरीदार केके कौशल का कहना है कि अगर सरकार इस मामले में किसी तरह की मदद करे और फंड जुटाने में सहयोग करे तो आम्रपाली के प्रोजेक्ट का काम शुरू हो पाएगा और खरीदारों का काम आसान हो पाएगा।
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रेरा के आदेशों को नहीं मानते बिल्डर
खरीदारों का आरोप है कि कई मामलों में रेरा ने पैसे की वापसी के लिए बिल्डरों को आदेश दिया है, लेकिन बिल्डरों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी जा रही है यानी रेरा के आदेशों को भी बिल्डर नहीं मान रहे हैं। यही वजह है कि खरीदारों को आगे अन्य कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है।
बड़े बिल्डर अभी भी हैं फंसे
चाहे वह आम्रपाली हो या जेपी हो। सभी के खरीदार अभी तक फंसे हुए हैं। यूनिटेक के खरीदार पहले से ही फंसे हुए हैं। एक ओर प्राधिकरण अब बकायेदार बिल्डरों के खिलाफ आरसी जारी कर रहा है, ताकि उनका बकाया मिल सके। वहीं, खरीदार कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहे हैं। ऐसे में दूर-दूर तक आशा की किरण नजर नहीं आ रही है।
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नोएडा। ग्रेटर नोएडा के एक्सपो मार्ट में 9 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन के दौरान फ्लैट खरीदार उनसे मिलने का प्रयास करेंगे। मुलाकात का मकसद फंसे हुए 2.5 फ्लैट दिलाने की मांग करना होगा। साथ ही, रेरा को और सशक्त बनाने की भी मांग की जाएगी, ताकि बिल्डर रेरा के आदेशों का पालन कर सकें। नोएडा-ग्रेटर नोएडा के करीब 250 प्रोजेक्टों के 2.5 लाख फ्लैट खरीदार अभी भी भटक रहे हैं और उन्हें घर दिलाने के लिए सशक्त योजना नहीं बन पा रही है। बिल्डरों की ओर से भी प्रोजेक्ट को पूरी तरह से छोड़ दिया गया है। हालात यह हैं कि प्रोजेक्ट का काम कब शुरू होगा, यह बताने वाला कोई नहीं है।
नेफोमा के अध्यक्ष अन्नू खान ने बताया कि पीएम-सीएम से मिलने की योजना रविवार को बनाई जाएगी। उन्हें ज्ञापन देने की कोशिश होगी, जिसमें रेरा को सशक्त बनाने की मांग होगी, ताकि रेरा में जाने के बाद खरीदारों को बाद में एनसीएलटी और सुप्रीम कोर्ट न जाना पड़े। साथ ही, रेरा में शिकायतों के बाद बिल्डर आदेशों का पालन करें। ऐसा न हो कि रेरा बिल्डरों को जो आदेश दे रहा है उसका बिल्डर पालन ही न करें। रियल एस्टेट के लिए अलग से कानून बनाया गया है और रेरा को लाया गया है तो उसकी बात माननी चाहिए। इसके अलावा खरीदारों के लेट पजेशन पर भी बातचीत होगी। सरकार को लेट पजेशन से हो रही परेशानी बताई जाएगी। हमारी मांग होगी कि सरकार फंडिंग करे, ताकि प्रोजेक्ट का काम पूरा हो पाए। इससे आगे की बात बन पाएगी। आम्रपाली मामले में भी सरकार को फंडिंग करनी चाहिए, ताकि प्रोजेक्ट पूरे हो पाएं। बाद में सरकार बिल्डरों की जमीन नीलाम कर पैसे वसूल कर सकती है। इसमें उन्हें कोई परेशानी भी नहीं होगी और घर खरीदारों को उनका आशियाना मिलने का रास्ता भी साफ हो पाएगा।
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सीएम ने किया था आम्रपाली के खरीदारों के हितों की रक्षा का वादा
आम्रपाली के खरीदारों का कहना है कि पिछली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि अगर इस मामले में कोई हल नहीं निकल पाता है तो सरकार प्रयास करेगी और नोएडा-ग्रेटर नोएडा के खरीदारों के हितों की रक्षा की जाएगी। जगह-जगह जाकर हम पूरी तरह से थक चुके हैं। इसके बावजूद पीएम और सीएम से खरीदार अपेक्षा करेंगे कि वह इस मामले में कुछ निर्देश दें। आम्रपाली के खरीदार केके कौशल का कहना है कि अगर सरकार इस मामले में किसी तरह की मदद करे और फंड जुटाने में सहयोग करे तो आम्रपाली के प्रोजेक्ट का काम शुरू हो पाएगा और खरीदारों का काम आसान हो पाएगा।
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रेरा के आदेशों को नहीं मानते बिल्डर
खरीदारों का आरोप है कि कई मामलों में रेरा ने पैसे की वापसी के लिए बिल्डरों को आदेश दिया है, लेकिन बिल्डरों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी जा रही है यानी रेरा के आदेशों को भी बिल्डर नहीं मान रहे हैं। यही वजह है कि खरीदारों को आगे अन्य कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है।
बड़े बिल्डर अभी भी हैं फंसे
चाहे वह आम्रपाली हो या जेपी हो। सभी के खरीदार अभी तक फंसे हुए हैं। यूनिटेक के खरीदार पहले से ही फंसे हुए हैं। एक ओर प्राधिकरण अब बकायेदार बिल्डरों के खिलाफ आरसी जारी कर रहा है, ताकि उनका बकाया मिल सके। वहीं, खरीदार कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहे हैं। ऐसे में दूर-दूर तक आशा की किरण नजर नहीं आ रही है।