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Noida News: छात्राओं का बनाया सैटेलाइट, 100 मीटर ऊपर जाकर पैराशूट से सुरक्षित लौटा
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ग्रेटर नोएडा के गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित हुए मिशन शक्ति सेट कार्यक्रम में भाग लेने वा
- मिशन शक्ति सैट के तहत जीबीयू में दिखा अंतरिक्ष तकनीक का रोमांच
- 108 देशों की छात्राओं ने कार्यक्रम में लिया हिस्सा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) का फुटबॉल स्टेडियम रविवार को उस समय रोमांच से भर गया, जब 108 देशों की छात्राओं की आंखों के सामने सैटेलाइट ने जमीन से उड़ान भरी। कुछ ही सेकेंड में सैटेलाइट करीब 100 मीटर की ऊंचाई तक पहुंच गया। प्रक्षेपण के बाद पैराशूट के जरिए रॉकेट की सुरक्षित वापसी ने छात्राओं की नौ दिन की मेहनत को साकार कर दिया। सेटेलाइट लॉन्चिंग का यह प्रत्यक्ष प्रदर्शन छात्राओं के लिए किसी प्रयोगशाला से बाहर अंतरिक्ष तकनीक को समझने का अनूठा अनुभव रहा। चंद्रमा तक सेटेलाइट भेजने में अब जापान भी इनकी मदद करेगा।
इन स्पेस व स्पेस किड्स इंडिया की ओर से आयोजित इस विशेष प्रदर्शन में चार टीमों थ्रस्ट टेक, सिनोडिक, रमन रिसर्च और बास टेक्नोलॉजी ने हिस्सा लिया। चारों टीमों ने अपने-अपने सैटेलाइट के प्रक्षेपण और उससे जुड़ी तकनीक का प्रदर्शन किया। जैसे ही सैटेलाइट को लॉन्च किया गया, फुटबॉल ग्राउंड में मौजूद छात्राओं की नजरें आसमान पर टिक गईं। सैटेलाइट के तेजी से ऊपर जाने के बाद पैराशूट खुला और वह नियंत्रित तरीके से वापस जमीन की ओर आया।
लॉन्च से लेकर वापसी तक दिखी तकनीकी दक्षता
प्रदर्शन के दौरान रॉकेट की लॉन्चिंग के साथ उसकी उड़ान और सुरक्षित रिकवरी की प्रक्रिया को भी छात्राओं ने करीब से देखा। सैटेलाइट के पैराशूट के सहारे नीचे आने पर मैदान में मौजूद छात्राओं ने उत्साह के साथ प्रतिक्रिया दी। छात्राओं ने कहा कि यह सेटेलाइट तकनीक केवल प्रक्षेपण तक सीमित नहीं है, बल्कि उड़ान के बाद उसकी सुरक्षित वापसी भी तकनीकी चुनौती का हिस्सा है। जीबीयू के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय हमेशा ऐसे प्रयासों में खड़ा रहेगा। देश की महिला शक्ति के आगे बढ़ने से भारत तेजी से विकसित राष्ट्र के सपने को पूरा कर सकेगा। इन स्पेस के निदेशक डॉ. विनोद कुमार ने रॉकेट प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष अनुसंधान की संभावनाओं के बारे में फिर से सभी को अवगत कराया। वहीं स्पेस किड्ज इंडिया की संस्थापक डॉ. श्रीमथी केसन ने कहा कि ऐसे लाइव प्रदर्शन युवाओं में अंतरिक्ष विज्ञान को समझने की जिज्ञासा बढ़ाते हैं और उन्हें भविष्य में इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
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- 108 देशों की छात्राओं ने कार्यक्रम में लिया हिस्सा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) का फुटबॉल स्टेडियम रविवार को उस समय रोमांच से भर गया, जब 108 देशों की छात्राओं की आंखों के सामने सैटेलाइट ने जमीन से उड़ान भरी। कुछ ही सेकेंड में सैटेलाइट करीब 100 मीटर की ऊंचाई तक पहुंच गया। प्रक्षेपण के बाद पैराशूट के जरिए रॉकेट की सुरक्षित वापसी ने छात्राओं की नौ दिन की मेहनत को साकार कर दिया। सेटेलाइट लॉन्चिंग का यह प्रत्यक्ष प्रदर्शन छात्राओं के लिए किसी प्रयोगशाला से बाहर अंतरिक्ष तकनीक को समझने का अनूठा अनुभव रहा। चंद्रमा तक सेटेलाइट भेजने में अब जापान भी इनकी मदद करेगा।
इन स्पेस व स्पेस किड्स इंडिया की ओर से आयोजित इस विशेष प्रदर्शन में चार टीमों थ्रस्ट टेक, सिनोडिक, रमन रिसर्च और बास टेक्नोलॉजी ने हिस्सा लिया। चारों टीमों ने अपने-अपने सैटेलाइट के प्रक्षेपण और उससे जुड़ी तकनीक का प्रदर्शन किया। जैसे ही सैटेलाइट को लॉन्च किया गया, फुटबॉल ग्राउंड में मौजूद छात्राओं की नजरें आसमान पर टिक गईं। सैटेलाइट के तेजी से ऊपर जाने के बाद पैराशूट खुला और वह नियंत्रित तरीके से वापस जमीन की ओर आया।
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लॉन्च से लेकर वापसी तक दिखी तकनीकी दक्षता
प्रदर्शन के दौरान रॉकेट की लॉन्चिंग के साथ उसकी उड़ान और सुरक्षित रिकवरी की प्रक्रिया को भी छात्राओं ने करीब से देखा। सैटेलाइट के पैराशूट के सहारे नीचे आने पर मैदान में मौजूद छात्राओं ने उत्साह के साथ प्रतिक्रिया दी। छात्राओं ने कहा कि यह सेटेलाइट तकनीक केवल प्रक्षेपण तक सीमित नहीं है, बल्कि उड़ान के बाद उसकी सुरक्षित वापसी भी तकनीकी चुनौती का हिस्सा है। जीबीयू के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय हमेशा ऐसे प्रयासों में खड़ा रहेगा। देश की महिला शक्ति के आगे बढ़ने से भारत तेजी से विकसित राष्ट्र के सपने को पूरा कर सकेगा। इन स्पेस के निदेशक डॉ. विनोद कुमार ने रॉकेट प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष अनुसंधान की संभावनाओं के बारे में फिर से सभी को अवगत कराया। वहीं स्पेस किड्ज इंडिया की संस्थापक डॉ. श्रीमथी केसन ने कहा कि ऐसे लाइव प्रदर्शन युवाओं में अंतरिक्ष विज्ञान को समझने की जिज्ञासा बढ़ाते हैं और उन्हें भविष्य में इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करते हैं।

ग्रेटर नोएडा के गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित हुए मिशन शक्ति सेट कार्यक्रम में भाग लेने वा
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