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Noida News: रूकी परियोजनाओं को रफ्तार देने का रास्ता साफ
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रूकी परियोजनाओं को रफ्तार देने का रास्ता साफ
-तीन वर्ष में अतिक्रमण से मुक्त कराईं 1867 करोड़ की 500 एकड़ जमीन
- 1740 व्यक्तियों को जारी किए गए हैं नोटिस, 138 के खिलाफ दर्ज कराई गई रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में हुए अतिक्रमण की वजह से प्रभावित हो रहे विकास कार्यों और अधर में अटकी परियोजनाओं को रफ्तार देने के लिए प्राधिकरण विगत तीन वर्षों में 500 एकड़ से अधिक जमीन अतिक्रमण से मुक्त करा चुका है। इसकी बाजार कीमत 1867 करोड़ से अधिक आंकी गई है। इससे यमुना एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड और सेक्टरों के आंतरिक विकास कार्यों में अब बाधा नहीं आएगी। अतिक्रमण के मामले में जहां 1740 व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए, वहीं 138 के खिलाफ दर्ज कराई गई। अतिक्रमण के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अभी भी जारी है।
दरअसल यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट से जेवर तक बनने वाली 60 मीटर चौड़ी सर्विस रोड का काम अधर में लटका हुआ है। दयानतपुर व दनकौर समेत करीब 7 स्थानों पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा था। इसके अलावा यीडा सिटी, नोएडा एयरपोर्ट इंटरनेशनल एयरपोर्ट, फिल्म सिटी के आसपास, जनपद बुलंदशहर के झाझर, इनायतपुर, अलीगढ़ के टप्पल, डोरपुरी, खंडेहा, सिमरौठी, गौतमबुद्ध नगर के दनकौर, जेवर बांगर, मथुरा के पाॅनीगांव बांगर, मिरताना आदि स्थानों पर भूमाफिया द्वारा अतिक्रमण कर रखा गया था। इससे यीडा सिटी के सेक्टरों में सड़क, सीवर आदि काम प्रभावित हो रहे थे, साथ ही प्राधिकरण की आगामी परियोजनाओं पर भी प्रभाव पड़ रहा था। ऐसे में अतिक्रमण के खिलाफ शुरू किए गए अभियान के तहत तीन सालों में लगभग 500 एकड़ जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई जा चुकी है। अलीगढ़ के टप्पल में कॉलोनाइजरों द्वारा अधिसूचित क्षेत्र में बड़े पैमाने पर प्लॉटिंग की जा रही थी। बता दें कि यमुना प्राधिकरण का क्षेत्र गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, हाथरस, अलीगढ़, मथुरा एवं आगरा तक फैला हुआ है।
138 के खिलाफ दर्ज कराई गई रिपोर्ट
अधिसूचित क्षेत्र की जमीन पर अतिक्रमण के 582 मामले सामने आए थे। इनमें से 347 मामलों में संज्ञान लेते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा चुकी हैं। वहीं कुल वादों में 1740 व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए थे।
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अधिसूचित क्षेत्र में हुए अतिक्रमण के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी है। विगत तीन सालों मेें 500 एकड़ जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई जा चुकी है। अतिक्रमण के खिलाफ कार्यवाही जारी है। - डॉ़ अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण
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-तीन वर्ष में अतिक्रमण से मुक्त कराईं 1867 करोड़ की 500 एकड़ जमीन
- 1740 व्यक्तियों को जारी किए गए हैं नोटिस, 138 के खिलाफ दर्ज कराई गई रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में हुए अतिक्रमण की वजह से प्रभावित हो रहे विकास कार्यों और अधर में अटकी परियोजनाओं को रफ्तार देने के लिए प्राधिकरण विगत तीन वर्षों में 500 एकड़ से अधिक जमीन अतिक्रमण से मुक्त करा चुका है। इसकी बाजार कीमत 1867 करोड़ से अधिक आंकी गई है। इससे यमुना एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड और सेक्टरों के आंतरिक विकास कार्यों में अब बाधा नहीं आएगी। अतिक्रमण के मामले में जहां 1740 व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए, वहीं 138 के खिलाफ दर्ज कराई गई। अतिक्रमण के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अभी भी जारी है।
दरअसल यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट से जेवर तक बनने वाली 60 मीटर चौड़ी सर्विस रोड का काम अधर में लटका हुआ है। दयानतपुर व दनकौर समेत करीब 7 स्थानों पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा था। इसके अलावा यीडा सिटी, नोएडा एयरपोर्ट इंटरनेशनल एयरपोर्ट, फिल्म सिटी के आसपास, जनपद बुलंदशहर के झाझर, इनायतपुर, अलीगढ़ के टप्पल, डोरपुरी, खंडेहा, सिमरौठी, गौतमबुद्ध नगर के दनकौर, जेवर बांगर, मथुरा के पाॅनीगांव बांगर, मिरताना आदि स्थानों पर भूमाफिया द्वारा अतिक्रमण कर रखा गया था। इससे यीडा सिटी के सेक्टरों में सड़क, सीवर आदि काम प्रभावित हो रहे थे, साथ ही प्राधिकरण की आगामी परियोजनाओं पर भी प्रभाव पड़ रहा था। ऐसे में अतिक्रमण के खिलाफ शुरू किए गए अभियान के तहत तीन सालों में लगभग 500 एकड़ जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई जा चुकी है। अलीगढ़ के टप्पल में कॉलोनाइजरों द्वारा अधिसूचित क्षेत्र में बड़े पैमाने पर प्लॉटिंग की जा रही थी। बता दें कि यमुना प्राधिकरण का क्षेत्र गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, हाथरस, अलीगढ़, मथुरा एवं आगरा तक फैला हुआ है।
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138 के खिलाफ दर्ज कराई गई रिपोर्ट
अधिसूचित क्षेत्र की जमीन पर अतिक्रमण के 582 मामले सामने आए थे। इनमें से 347 मामलों में संज्ञान लेते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा चुकी हैं। वहीं कुल वादों में 1740 व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए थे।
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अधिसूचित क्षेत्र में हुए अतिक्रमण के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी है। विगत तीन सालों मेें 500 एकड़ जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई जा चुकी है। अतिक्रमण के खिलाफ कार्यवाही जारी है। - डॉ़ अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण