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बॉक्सर जितेंद्र मान हत्याकांड में सजा: दो दोषियों को आजीवन कारावास, एक की सुनवाई अलग, 2018 में हुई थी हत्या

Tue, 22 Sep 2026 06:53 PM IST
अनुज कुमार माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा Published by: अनुज कुमार Updated Tue, 22 Sep 2026 06:53 PM IST
सार

अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर जितेंद्र मान की हत्या के मामले में जिला अदालत आज अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने इमरान और नफीस को उम्रकैद की सजा दी। उन्हें हत्या की साजिश रचने और वारदात में सहयोग करने का दोषी पाया गया है।

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Two sentenced to life imprisonment for international boxer murder
बॉक्सर और जिम ट्रेनर जितेंद्र मान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर और जिम ट्रेनर जितेंद्र मान की हत्या के मामले में जिला अदालत ने बुलंदशहर निवासी इमरान और नफीस को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों को हत्या की साजिश में शामिल होने और वारदात में सहयोग करने का दोषी पाया गया है।

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सत्र न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव ने दोनों आरोपियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर एक-एक साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। अदालत ने कहा कि मामला मृत्युदंड के लिए निर्धारित दुर्लभतम से दुर्लभ श्रेणी में नहीं आता, इसलिए उम्रकैद उचित सजा है। जुर्माने की राशि वसूल होने पर मृतक के कानूनी वारिसों को मुआवजे के रूप में देने का निर्देश दिया गया है।
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डीजीसी अपराध ब्रह्मजीत भाटी ने बताया कि 12 जनवरी 2018 को शिकायतकर्ता देवेंद्र मान को अपने भाई जितेंद्र मान के एवीजे हाइट्स सोसाइटी स्थित फ्लैट नंबर एच-606 में मृत पड़े होने की जानकारी मिली थी। परिजन मौके पर पहुंचे तो जितेंद्र का शव कमरे में गद्दे पर कंबल से ढका हुआ मिला। उनके सिर से खून निकल रहा था। इसके बाद सूरजपुर थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया। 
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पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान सोसाइटी के सीसीटीवी फुटेज में एक महिला को घटना वाले दिन फ्लैट में प्रवेश करते और शाम को बाहर निकलते देखा गया। पुलिस ने उसकी पहचान सृष्टि गुप्ता के रूप में की। अभियोजन के अनुसार, सृष्टि और इमरान के बीच संबंध थे। जितेंद्र और सृष्टि के संबंधों को लेकर इमरान नाराज था। इसी के चलते जितेंद्र की हत्या की साजिश रची गई।

अदालत ने घटनाक्रम, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य परिस्थितियों के आधार पर माना कि हत्या अचानक या दुर्घटनावश नहीं हुई, बल्कि उसके पीछे योजना और तैयारी थी। अभियोजन के अनुसार, हत्या के बाद मोबाइल की लोकेशन बदलने के लिए नफीस फोन को लोनी, गाजियाबाद ले गया था। इसके अलावा इमरान के निर्देश पर सृष्टि को सुरक्षित निकलने में मदद करने की बात भी सामने आई। दोनों ने खुद गोली नहीं चलाई थी, लेकिन अदालत ने माना कि इससे उनकी आपराधिक जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती। मामले में अभियोजन ने कुल 18 गवाह पेश किए थे।


सृष्टि गुप्ता की सुनवाई अलग
मामले में आरोपी सृष्टि गुप्ता की कार्यवाही अलग कर दी गई है। सृष्टि ने धारा-311 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत आवेदन दिया था, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। इसके बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। हाई कोर्ट ने 15 अक्टूबर 2025 को उसके संबंध में आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए सत्र न्यायालय ने इमरान और नफीस के खिलाफ कार्यवाही जारी रखी। जितेंद्र मान जूनियर टीम के नेशनल चैंपियन रह चुके थे। बदमाशों ने उन्हें चार गोलियां मारी थीं। वारदात के बाद फ्लैट का दरवाजा बंद कर उनका मोबाइल भी साथ ले गए थे।

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