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Noida News: दामों में अंतर से पंचायतों के काम प्रभावित
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बराड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए सरपंचों के सामने प्रशासनिक मूल्य निर्धारण समस्या बन गया है। मूल्य में अंतर के कारण सरपंच अपने क्षेत्र में कार्य भी नहीं करा पा रहे हैं।
इसके लिए वीरवार को बराड़ा खंड सरपंच एसोसिएशन की एक बैठक हुई। इसमें रोहतास राणा ने बताया कि सरपंचों को सबसे ज्यादा दिक्कत अधिकारियों की ओर से निर्धारित किए दामों की वजह से आ रही है। रेत, बजरी, सीमेंट के दामों और मजदूरों मिस्त्रियों के लिए बहुत कम दाम निर्धारित किए हैं। जबकि वास्तविक निर्माण सामग्रियों का मार्किट मूल्य बहुत ज्यादा है। बनवाई पर भी मजदूरों मिस्त्रियों की दीहाड़ी बहुत ज्यादा है। दामों में अंतर की यह समस्या सरपंचों के सामने सबसे बड़ी समस्या बनकर उभरी है, जिसकी वजह से गांवों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
सीमेंट के लिए मिल रहे 280 रुपये
रोहतास राणा ने बताया कि सरकार हमें 280 रुपये के हिसाब से सीमेंट के कट्टे का रेट देती है। जबकि बाजार में कट्टा 400 रुपये का मिलता है। इसी प्रकार मजदूरी भी कम मिल रही है, जिससे गलियां, नालियां, नाले, विभिन्न जगहों की चारदीवारी व अन्य निर्माण कार्यों में सरपंचों को बहुत दिक्कतें आ रही हैं। सरपंच अपने गांव के थोड़े-बहुत काम अपनी जेब से पैसे देकर करवा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि सोमवार को एक बैठक प्रस्तावित की गई है जिसमें पूर्व विधायक संतोष चौहान सारवान इस मीटिंग में पहुंचकर सरपंचों की समस्याएं सुनेंगी। बैठक के बाद एसोसिएशन अपनी आगामी कार्रवाई की रूपरेखा तैयार करेगा। इस मौके पर रिंकू मचल तलहेड़ी, अजय अकालगढ़, बलविंद्र होली, सुशील गगनपुर, दर्शन लाल मनुमाजरा, प्रेम सुहाता, बलबीर कंबास, कैलाश अधोया, कुलदीप अधोया, रोशन सालेहपुर समेत अन्य सरपंच मौजूद रहे।
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इसके लिए वीरवार को बराड़ा खंड सरपंच एसोसिएशन की एक बैठक हुई। इसमें रोहतास राणा ने बताया कि सरपंचों को सबसे ज्यादा दिक्कत अधिकारियों की ओर से निर्धारित किए दामों की वजह से आ रही है। रेत, बजरी, सीमेंट के दामों और मजदूरों मिस्त्रियों के लिए बहुत कम दाम निर्धारित किए हैं। जबकि वास्तविक निर्माण सामग्रियों का मार्किट मूल्य बहुत ज्यादा है। बनवाई पर भी मजदूरों मिस्त्रियों की दीहाड़ी बहुत ज्यादा है। दामों में अंतर की यह समस्या सरपंचों के सामने सबसे बड़ी समस्या बनकर उभरी है, जिसकी वजह से गांवों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
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सीमेंट के लिए मिल रहे 280 रुपये
रोहतास राणा ने बताया कि सरकार हमें 280 रुपये के हिसाब से सीमेंट के कट्टे का रेट देती है। जबकि बाजार में कट्टा 400 रुपये का मिलता है। इसी प्रकार मजदूरी भी कम मिल रही है, जिससे गलियां, नालियां, नाले, विभिन्न जगहों की चारदीवारी व अन्य निर्माण कार्यों में सरपंचों को बहुत दिक्कतें आ रही हैं। सरपंच अपने गांव के थोड़े-बहुत काम अपनी जेब से पैसे देकर करवा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि सोमवार को एक बैठक प्रस्तावित की गई है जिसमें पूर्व विधायक संतोष चौहान सारवान इस मीटिंग में पहुंचकर सरपंचों की समस्याएं सुनेंगी। बैठक के बाद एसोसिएशन अपनी आगामी कार्रवाई की रूपरेखा तैयार करेगा। इस मौके पर रिंकू मचल तलहेड़ी, अजय अकालगढ़, बलविंद्र होली, सुशील गगनपुर, दर्शन लाल मनुमाजरा, प्रेम सुहाता, बलबीर कंबास, कैलाश अधोया, कुलदीप अधोया, रोशन सालेहपुर समेत अन्य सरपंच मौजूद रहे।