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जिले में एमएसपी पर नहीं हुई धान की खरीद, किसान और सामाजिक संगठनों के नेताओं ने जताया रोष
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Paddy was not procured on MSP in the district, farmers and leaders of social organizations expressed their anger
नूंह। प्रदेश सरकार के आदेशानुसार जिले में रविवार से धान की खरीद शुरू की गई। लेकिन, नूंह सहित जिले के अन्य किसी भी अनाज मंडी में धान को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर नहीं खरीदा गया। सरकार और प्रशासन के इस रुख के कारण किसान नेताओं सहित अन्य सामाजिक संगठनों ने सरकार के प्रति रोष प्रकट किया।
एमएसपी पर धान की खरीद नहीं होने पर अभी आढ़ती किसानों की धान की फसल को मनमाने रेट पर खरीद रहे हैं। रविवार को नूंह अनाजमंडी में मात्र 10 क्विंटल धान की खरीद हुई। हालांकि, अब तक केवल 500 क्विंटल धान की आवक हो पाई है। सरकार द्वारा धान की परमल किस्म को एमएसपी पर खरीदा जाता है, जबकि नूंह जिले में अधिकतर किसान धान की 1509 किस्म को उगाते हैं। इस बार खरीद शुरू होने से पूर्व किसानों को एमएसपी पर फसलों के खरीदे जाने की काफी उम्मीदें थीं, लेकिन हर बार कि तरह इस बार भी उनको मायूसी का सामना करना पड़ा। परमल किस्म को एमएसपी पर 1940 से 1960 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से खरीदा जाता है, जबकि जिले में 1509 सहित अन्य किस्मों को आढ़ती मनमाने भाव से खरीद रहे हैं। जिले के 80 फीसदी किसान खेती पर निर्भर हैं। प्रदेश के अन्य जिलों के मुकाबले नूंह में लोगों को खेती करने के दौरान काफी मुश्किलों का भी सामना करना पड़ता है। इसका मुख्य कारण भूमिगत पानी का खारा होना व नहरी पानी का अभाव है। ऐसे में फसलों का उचित दाम नहीं मिलने पर किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसे में किसानों ने सरकार से मांग की है कि जिले में अन्य फसलों की भांति धान की फसल को भी एमएसपी पर खरीदा जाए। इस बारे में उपायुक्त शक्ति सिंह ने कहा कि किसानों के हितों के लिए सरकार व प्रशासन द्वारा उचित कदम उठाए जा रहे हैं। इस बारे में जानकारी ली जाएगी। किसानों के हितों के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।
सरकार को तुरंत प्रभाव से धान की फसल की खरीद पर एमएसपी लागू करनी चाहिए। यह किसानों के हितों से जुड़ा मामला है। अगर एमएसपी लागू होता है तो किसानों को उचित रेट मिलेगा।
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आजाद खान, किसान नेता।
सरकार दिखावे के लिए बड़े-बडे़ दावे कर रही है। धरातल पर असलियत कुछ और ही है, जिससे कथनी और करनी में साफ अंतर नजर आ रहा है। अगर सरकार किसानों की हितैषी है तो नूंह जिले में धान की फसल को एमएसपी पर खरीदना चाहिए।
- रणजीत नंबरदार, जिलाध्यक्ष किसान मोर्चा, इनेलो
किसान कई तरह की समस्याओं से जूझते हैं। किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार को कदम उठाने की जरूरत है। अगर वास्तव में सरकार किसान हितैषी है तो तुरंत सरकार को धान की फसल पर एमएसपी लागू करनी चाहिए।
सनाउल्ला खान, कांग्रेसी नेता।
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एमएसपी पर धान की खरीद नहीं होने पर अभी आढ़ती किसानों की धान की फसल को मनमाने रेट पर खरीद रहे हैं। रविवार को नूंह अनाजमंडी में मात्र 10 क्विंटल धान की खरीद हुई। हालांकि, अब तक केवल 500 क्विंटल धान की आवक हो पाई है। सरकार द्वारा धान की परमल किस्म को एमएसपी पर खरीदा जाता है, जबकि नूंह जिले में अधिकतर किसान धान की 1509 किस्म को उगाते हैं। इस बार खरीद शुरू होने से पूर्व किसानों को एमएसपी पर फसलों के खरीदे जाने की काफी उम्मीदें थीं, लेकिन हर बार कि तरह इस बार भी उनको मायूसी का सामना करना पड़ा। परमल किस्म को एमएसपी पर 1940 से 1960 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से खरीदा जाता है, जबकि जिले में 1509 सहित अन्य किस्मों को आढ़ती मनमाने भाव से खरीद रहे हैं। जिले के 80 फीसदी किसान खेती पर निर्भर हैं। प्रदेश के अन्य जिलों के मुकाबले नूंह में लोगों को खेती करने के दौरान काफी मुश्किलों का भी सामना करना पड़ता है। इसका मुख्य कारण भूमिगत पानी का खारा होना व नहरी पानी का अभाव है। ऐसे में फसलों का उचित दाम नहीं मिलने पर किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसे में किसानों ने सरकार से मांग की है कि जिले में अन्य फसलों की भांति धान की फसल को भी एमएसपी पर खरीदा जाए। इस बारे में उपायुक्त शक्ति सिंह ने कहा कि किसानों के हितों के लिए सरकार व प्रशासन द्वारा उचित कदम उठाए जा रहे हैं। इस बारे में जानकारी ली जाएगी। किसानों के हितों के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।
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सरकार को तुरंत प्रभाव से धान की फसल की खरीद पर एमएसपी लागू करनी चाहिए। यह किसानों के हितों से जुड़ा मामला है। अगर एमएसपी लागू होता है तो किसानों को उचित रेट मिलेगा।
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आजाद खान, किसान नेता।
सरकार दिखावे के लिए बड़े-बडे़ दावे कर रही है। धरातल पर असलियत कुछ और ही है, जिससे कथनी और करनी में साफ अंतर नजर आ रहा है। अगर सरकार किसानों की हितैषी है तो नूंह जिले में धान की फसल को एमएसपी पर खरीदना चाहिए।
- रणजीत नंबरदार, जिलाध्यक्ष किसान मोर्चा, इनेलो
किसान कई तरह की समस्याओं से जूझते हैं। किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार को कदम उठाने की जरूरत है। अगर वास्तव में सरकार किसान हितैषी है तो तुरंत सरकार को धान की फसल पर एमएसपी लागू करनी चाहिए।
सनाउल्ला खान, कांग्रेसी नेता।