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अस्पतालों में ओटी मौजूद, डॉक्टर नहीं : दिल्ली सरकार

Sun, 04 Aug 2024 09:18 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 04 Aug 2024 09:18 PM IST
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OTs present in hospitals, not doctors: Delhi government
स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा- करोड़ों की मशीनें हो रहीं बेकार
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अस्पतालों में डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी
भर्ती के लिए उपराज्यपाल को लिखा पत्र, कोई कदम नहीं उठाया गया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने रविवार को दावा किया कि सरकारी अस्पतालों में ऑपरेशन थिएटर तो मौजूद हैं, लेकिन ऑपरेशन करने के लिए पर्याप्त डॉक्टर नहीं हैं। साथ ही, मरीजों की जांच के लिए लाए गए करोड़ों रुपये की मशीनें भी बेकार हो रही हैं, इन्हें चलाने के लिए पर्याप्त रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। इससे दिल्ली-एनसीआर सहित आसपास के राज्यों से आने वाले लाखों मरीज परेशान हो रहे हैं।
भारद्वाज ने प्रेसवार्ता में कहा कि हाईकोर्ट की ओर से गठित डॉ. सरीन की कमेटी ने दिल्ली सरकार के अस्पतालों में स्टाफ की भारी कमी को माना है। ऐसे में इन्हें तुरंत भरना चाहिए। खाली पदों को भरने के लिए उपराज्यपाल वीके सक्सेना को कई बार अनुरोध किया गया। अस्पतालों में डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, लैब व ओटी टेक्नीशियन सहित अन्यों की कमी है। इनके अभाव में मरीजों को समय पर उचित इलाज नहीं मिल पा रहा, लेकिन साजिश के तहत पदों को भरा नहीं जा रहा। मार्च 2023 में पदभार संभालने के बाद पिछले साल 19 अप्रैल को एलजी को पत्र लिखकर दिल्ली सरकार के अस्पतालों में 292 जनरल मेडिकल ड्यूटी ऑफिसर (जीडीएमओ) व 234 स्पेशियलिस्ट की कमी की जानकारी देकर पद भरने को कहा गया था, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। साथ ही, केंद्रीय डॉक्टरों को वापस बुला लिया गया। छह जून, 24 को दोबारा पत्र लिखकर अनुबंध के आधार पर डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग रखी गई, लेकिन इसे लेकर भी आदेश जारी नहीं हुए, जबकि हर अस्पताल का पूरा डाटा भी उपलब्ध करवाया गया था।
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सीएम के माध्यम से भेजा था पत्र
भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल के माध्यम से दिल्ली सरकार के अस्पतालों में रिक्त पड़े स्थानों पर डॉक्टरों व अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती के लिए एक पत्र एलजी को भिजवाया गया था। अस्पतालों में डॉक्टरों की 30 फीसदी, नर्सों की 20 फीसदी, फार्मासिस्ट की 30 फीसदी और ओटी, लैब व पोस्टमार्टम टेक्नीशियन सहित अन्य के करीब 1658 पद खाली हैं। वहीं, स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखकर कई अस्पताल बनने के कारण भर्ती करवाने के लिए कहा गया था, लेकिन इस बारे में कोई जानकारी ही उपलब्ध नहीं करवाई गई। सेवा विभाग उपराज्यपाल के पास है। इन पदों पर यूपीएससी से भर्ती करवाने में लंबा समय लगेगा। उस समय तक अनुबंध के आधार पर भर्ती होनी चाहिए।
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