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Noida News: प्लॉट दूर दिए जाने का विरोध, जनसुनवाई में की नारेबाजी
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नोएडा प्राधिकरण सेक्टर-96 दफ्तर में वकीलों की नारेबाजी
फोटो
प्लॉट दूर दिए जाने का विरोध, जनसुनवाई में की नारेबाजी
-वकील साथियों के साथ पहुंचा किसान, अधिकारियों ने दिया समाधान का आश्वासन
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। प्राधिकरण की जनसुनवाई में प्लॉट दूर दिए जाने के विरोध में सोमवार को हंगामा हुआ। पर्थला गांव के किसान और पेशे से वकील सुरेंद्र सिंह यादव अपने वकील साथियों के साथ प्राधिकरण के दफ्तर पहुंचे थे। सुरेंद्र को प्राधिकरण के नियोजन विभाग ने झट्टा गांव के पास 5 प्रतिशत आबादी का प्लॉट दिया है। सुरेंद्र ने प्लॉट गांव से दूर दिए जाने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि प्राधिरकण ने उनकी जो जमीन ली है उसके बदले उन्हें यह प्लॉट मिला है। नियम के अनुसार प्लॉट गांव से तीन किलोमीटर के दायरे में दिया जाना चाहिए। उन्हें करीब 20 किलोमीटर दूर झट्टा गांव में प्लॉट दिया गया। सुरेंद्र का कहना है कि उनके परिवार के अन्य सदस्यों को गांव के पास ही प्लॉट दिए गए हैं। उन्होंने नियोजन विभाग के अधिकारियों पर रिश्वत लेकर काम करने का गंभीर आरोप लगाया। वकीलों ने प्राधिकरण अधिकारियों के विरोध में नारे भी लगाए। हंगामे के बाद नियोजन विभाग की जीएम मीना भार्गव ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने सुरेंद्र सिंह से मांग पत्र लिया और कुछ दिन में समस्या के समाधान का भरोसा दिया। प्राधिकरण के ओएसडी क्रांति शेखर सिंह ने बताया कि नियोजन विभाग से जुड़ा प्रकरण था। विभाग की जीएम ने प्रकरण की सुनवाई की है और शिकायत पत्र व पूरे प्रकरण की जानकारी ली है।
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प्लॉट दूर दिए जाने का विरोध, जनसुनवाई में की नारेबाजी
-वकील साथियों के साथ पहुंचा किसान, अधिकारियों ने दिया समाधान का आश्वासन
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। प्राधिकरण की जनसुनवाई में प्लॉट दूर दिए जाने के विरोध में सोमवार को हंगामा हुआ। पर्थला गांव के किसान और पेशे से वकील सुरेंद्र सिंह यादव अपने वकील साथियों के साथ प्राधिकरण के दफ्तर पहुंचे थे। सुरेंद्र को प्राधिकरण के नियोजन विभाग ने झट्टा गांव के पास 5 प्रतिशत आबादी का प्लॉट दिया है। सुरेंद्र ने प्लॉट गांव से दूर दिए जाने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि प्राधिरकण ने उनकी जो जमीन ली है उसके बदले उन्हें यह प्लॉट मिला है। नियम के अनुसार प्लॉट गांव से तीन किलोमीटर के दायरे में दिया जाना चाहिए। उन्हें करीब 20 किलोमीटर दूर झट्टा गांव में प्लॉट दिया गया। सुरेंद्र का कहना है कि उनके परिवार के अन्य सदस्यों को गांव के पास ही प्लॉट दिए गए हैं। उन्होंने नियोजन विभाग के अधिकारियों पर रिश्वत लेकर काम करने का गंभीर आरोप लगाया। वकीलों ने प्राधिकरण अधिकारियों के विरोध में नारे भी लगाए। हंगामे के बाद नियोजन विभाग की जीएम मीना भार्गव ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने सुरेंद्र सिंह से मांग पत्र लिया और कुछ दिन में समस्या के समाधान का भरोसा दिया। प्राधिकरण के ओएसडी क्रांति शेखर सिंह ने बताया कि नियोजन विभाग से जुड़ा प्रकरण था। विभाग की जीएम ने प्रकरण की सुनवाई की है और शिकायत पत्र व पूरे प्रकरण की जानकारी ली है।