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Noida News: पेड़ काटने पर डीएम, सीईओ सहित छह को नोटिस
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प्राधिकरण की ओर से सेक्टर-104 में एटीएस वन हैमलेट सोसाइटी के पास मास्टर प्लान के तहत ग्रीनबेल्ट की जमीन छोड़ी गई थी, लेकिन यहां पेड़ काटकर निर्माण शुरू किया जा रहा है। सोसाइटी की अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (एओए) ने एनजीटी में इसकी शिकायत की थी। एनजीटी ने मामले की सुनवाई के बाद मुख्य सचिव, जिलाधिकारी (डीएम) गौतमबुद्ध नगर, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ, यूपीपीसीबी, केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय व महर्षि महेश योगी ट्रस्ट को नोटिस जारी किया है। 12 जुलाई को सुनवाई से एक सप्ताह पहले सभी को अपना जवाब दाखिल करना होगा।
एओए की ओर से याचिका में कहा गया है कि सेक्टर-104 में उनकी सोसाइटी से सटी ग्रीनबेल्ट की जमीन पर अवैध रूप से पेड़ों को काटा जा रहा है। इस जमीन पर अब निर्माण भी शुरू कर दिया गया है। इस जमीन को नोएडा के मास्टर प्लान की ग्रीनबेल्ट में दर्ज किया गया है। इसके अलावा यहां पहले से काफी हरियाली मौजूद है। पेड़ों को काटने के लिए कोई अनुमति भी नहीं ली गई। जबकि यूपी प्रोटेक्शन ऑफ ट्री एक्ट, 1976 में यह जरूरी है। याचिकाकर्ताओं के वकील ने एनजीटी में मास्टर प्लान की कॉपी और कुछ फोटो भी उपलब्ध कराए हैं। एनजीटी के चेयरमैन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और सदस्य डॉ. ए सेंथिल वेल ने आदेश दिया कि यह प्रकरण पर्यावरण के नियमों की अनदेखी का है। ऐसे में सभी पक्षों को नोटिस जारी किया जाता है।
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एओए की ओर से याचिका में कहा गया है कि सेक्टर-104 में उनकी सोसाइटी से सटी ग्रीनबेल्ट की जमीन पर अवैध रूप से पेड़ों को काटा जा रहा है। इस जमीन पर अब निर्माण भी शुरू कर दिया गया है। इस जमीन को नोएडा के मास्टर प्लान की ग्रीनबेल्ट में दर्ज किया गया है। इसके अलावा यहां पहले से काफी हरियाली मौजूद है। पेड़ों को काटने के लिए कोई अनुमति भी नहीं ली गई। जबकि यूपी प्रोटेक्शन ऑफ ट्री एक्ट, 1976 में यह जरूरी है। याचिकाकर्ताओं के वकील ने एनजीटी में मास्टर प्लान की कॉपी और कुछ फोटो भी उपलब्ध कराए हैं। एनजीटी के चेयरमैन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और सदस्य डॉ. ए सेंथिल वेल ने आदेश दिया कि यह प्रकरण पर्यावरण के नियमों की अनदेखी का है। ऐसे में सभी पक्षों को नोटिस जारी किया जाता है।
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