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Noida News: कोई भी बैरिकेड मानव रहित न रहे समय-समय पर की जांच है जांच
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दिल्ली पुलिस ने उच्च न्यायालय को दी जानकारी
कहा, मानवरहित बैरिकेड मिलने पर कंट्रोल रूम और एसएचओ की दी जाती है सूचना
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने बुधवार को हाईकोर्ट में कहा कि कोई भी बैरिकेड मानव रहित नहीं रहे, इसकी समय-समय पर जांच की जाती है। साथ ही कहा कि वह सभी बैरिकेड्स को बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। पुलिस ने कहा कि रात्रिकालीन चेकिंग अधिकारी क्षेत्र में लगे सभी बैरिकेड्स की जांच करते हैं और मानवरहित बैरिकेड्स पाए जाने पर इसकी सूचना तुरंत जिला कंट्रोल रूम और संबंधित एसएचओ को दी जाती है।
मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ के समक्ष पुलिस ने कहा कि रात्रि गश्त करने वाले कर्मचारियों को भी एसएचओ को इसके बारे में सूचित करने के लिए निर्देशित किया गया है, जिससे मानव रहित बैरिकेड्स को तुरंत हटा दिया जाए। डीसीपी साउथ ईस्ट जिले की ओर से पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी सरकारी आदेश एवं पुलिस आयुक्त द्वारा जारी दिनांक 15 सितंबर, 2022 के सर्कुलर का कड़ाई से अनुपालन करने का आश्वासन दिया गया।
पीठ ओम प्रकाश गोयल द्वारा प्रधानमंत्री को संबोधित पत्र के आधार पर यह मामला पिछले साल जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया गया। प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र में संबंधित क्षेत्रों में मानव रहित बैरिकेड्स स्थापित करने के संबंध में शिकायतें उठाई गई थीं।
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कहा, मानवरहित बैरिकेड मिलने पर कंट्रोल रूम और एसएचओ की दी जाती है सूचना
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने बुधवार को हाईकोर्ट में कहा कि कोई भी बैरिकेड मानव रहित नहीं रहे, इसकी समय-समय पर जांच की जाती है। साथ ही कहा कि वह सभी बैरिकेड्स को बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। पुलिस ने कहा कि रात्रिकालीन चेकिंग अधिकारी क्षेत्र में लगे सभी बैरिकेड्स की जांच करते हैं और मानवरहित बैरिकेड्स पाए जाने पर इसकी सूचना तुरंत जिला कंट्रोल रूम और संबंधित एसएचओ को दी जाती है।
मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ के समक्ष पुलिस ने कहा कि रात्रि गश्त करने वाले कर्मचारियों को भी एसएचओ को इसके बारे में सूचित करने के लिए निर्देशित किया गया है, जिससे मानव रहित बैरिकेड्स को तुरंत हटा दिया जाए। डीसीपी साउथ ईस्ट जिले की ओर से पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी सरकारी आदेश एवं पुलिस आयुक्त द्वारा जारी दिनांक 15 सितंबर, 2022 के सर्कुलर का कड़ाई से अनुपालन करने का आश्वासन दिया गया।
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पीठ ओम प्रकाश गोयल द्वारा प्रधानमंत्री को संबोधित पत्र के आधार पर यह मामला पिछले साल जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया गया। प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र में संबंधित क्षेत्रों में मानव रहित बैरिकेड्स स्थापित करने के संबंध में शिकायतें उठाई गई थीं।
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