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एनजीटी के नियमों का नहीं हो रहा पालन
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नूंह। हर वर्ष की तरह इस बार भी एनसीआर के साथ जिले में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। कागजों में सरकार प्रशासन द्वारा नियमों के पालन के अनेकों दावे करती है लेकिन योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए धरातल पर कुछ नहीं किया जाता है। इस उदाहरण नूंह शहर में डंपिंग स्टेशन का नहीं बनाया जाना है। शहर के कूड़े को एकत्रित कर प्रबंधन करने का अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
बता दें कि नूंह को जिला बने हुए 16 साल हो चुके हैं। इस लंबे समय बाद जिला मुख्यालय पर कोई डंपिंग स्टेशन की सुविधा नहीं है। नूंह शहर के अलावा जिला मुख्यालय व मेडिकल कॉलेज से भी हर दिन भारी मात्रा में कचरा निकलता है। डंपिंग स्टेशन के अभाव में इस कचरे को इधर-उधर डाला जा रहा है। हालांकि अस्थाई रूप से कचरा नूंह-नलहड़ और जोगीपुर रोड पर डाला जा रहा है लेकिन यहां पर कचरा प्रबंधन का कोई ठोस प्रबंध नहीं है। इतना ही नहीं कूड़ा निस्तारण के नाम पर इसमें आग लगा दी जा रही है। ऐसे में यहां पर गुजरने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर होने वाली प्रत्येक माह की मीटिंग का भी कुछ खास असर नहीं दिख रहा है। स्थानीय लोगों की माने तो मेडिकल कॉलेज से जो कूड़ा निकलता है, उसे भी यहीं डाल दिया जाता है। नूंह के लोगों को जिला मुख्यालय पर लंबे समय से डंपिंग स्टेशन की आस है, जो अभी अधूरी दिख रही है। बता दें कि 13 वार्डों में बसे करीब 30 हजार की आबादी वाले नूंह शहर में अभी लंबे समय बाद डंपिग स्टेशन की सुविधा नहीं मिल पाई है। जिससे आए दिन यहां पर प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। दूसरी ओर सुबह शाम लोगों को अपने घरों से निकलना दूभर हो रहा है। हर बार डंपिग स्टेशन बनाने की सिर्फ बातें हुए लेकिन इस और कोई ध्यान नहीं दिया गया। इस कारण शहर की सुंदरता को ग्रहण लग रहा है।
कई रोगों का भी खतरा
हर दिन शहर के लोगों का नलहड रोड से आवागमन रहता है इसके बावजूद यहां की समस्या पहले जैसी बनी हुई है। कूड़ा जलाने के कारण होने वाले धुआं से श्वास संबंधी रोगियों की संख्या बढ़ रही है। लोगों ने मांग की इस और तुरंत ध्यान दिया जाए।
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उपायुक्त ने कहा होगा समाधान
उपायुक्त शक्ति सिंह ने बताया कि शहर के लोगों की इस मांग को जल्द पूरा कराया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन अपने स्तर पर कार्रवाई में जुटा हुआ है। इस समस्या का जल्द स्थाई समाधान कराया जाएगा।
शहर के कड़ा के प्रबंधन की कोई जगह नहीं है। इसी कारण शहर में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है जोकि कई बीमारियों को जन्म दे रहा है। इस समस्या को लेकर अधिकारियों से बात की जाएगी।
दलबीर, जिला महामंत्री भाजपा
शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए जिला प्रशासन को शहर में जल्द डंपिंग स्टेशन बनाने के लिए कार्य करना चाहिए। यह समस्या बहुत पुरानी है।
तैय्यब हुसैन घासेड़िया, जजपा जिला अध्यक्ष
प्रदेश के हर शहरों में कूड़ा प्रबंधन के लिए प्रबंध किए गए है लेकिन नूंह शहर के लोगों को अभी सरकार ने यह सुविधा नहीं दी है। इस और गंभीरता से कार्य करने की जरूरत है।
मुनेश फौजी, उजीना
अगर सरकार शहर के लोगों की इस मांग को पूरा नहीं करती है तो हम अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। इस बारे में अधिकारियों से कई बार संपर्क किया गया है।
एडवोकेट मंसूर अली, नूंह
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बता दें कि नूंह को जिला बने हुए 16 साल हो चुके हैं। इस लंबे समय बाद जिला मुख्यालय पर कोई डंपिंग स्टेशन की सुविधा नहीं है। नूंह शहर के अलावा जिला मुख्यालय व मेडिकल कॉलेज से भी हर दिन भारी मात्रा में कचरा निकलता है। डंपिंग स्टेशन के अभाव में इस कचरे को इधर-उधर डाला जा रहा है। हालांकि अस्थाई रूप से कचरा नूंह-नलहड़ और जोगीपुर रोड पर डाला जा रहा है लेकिन यहां पर कचरा प्रबंधन का कोई ठोस प्रबंध नहीं है। इतना ही नहीं कूड़ा निस्तारण के नाम पर इसमें आग लगा दी जा रही है। ऐसे में यहां पर गुजरने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर होने वाली प्रत्येक माह की मीटिंग का भी कुछ खास असर नहीं दिख रहा है। स्थानीय लोगों की माने तो मेडिकल कॉलेज से जो कूड़ा निकलता है, उसे भी यहीं डाल दिया जाता है। नूंह के लोगों को जिला मुख्यालय पर लंबे समय से डंपिंग स्टेशन की आस है, जो अभी अधूरी दिख रही है। बता दें कि 13 वार्डों में बसे करीब 30 हजार की आबादी वाले नूंह शहर में अभी लंबे समय बाद डंपिग स्टेशन की सुविधा नहीं मिल पाई है। जिससे आए दिन यहां पर प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। दूसरी ओर सुबह शाम लोगों को अपने घरों से निकलना दूभर हो रहा है। हर बार डंपिग स्टेशन बनाने की सिर्फ बातें हुए लेकिन इस और कोई ध्यान नहीं दिया गया। इस कारण शहर की सुंदरता को ग्रहण लग रहा है।
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कई रोगों का भी खतरा
हर दिन शहर के लोगों का नलहड रोड से आवागमन रहता है इसके बावजूद यहां की समस्या पहले जैसी बनी हुई है। कूड़ा जलाने के कारण होने वाले धुआं से श्वास संबंधी रोगियों की संख्या बढ़ रही है। लोगों ने मांग की इस और तुरंत ध्यान दिया जाए।
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उपायुक्त ने कहा होगा समाधान
उपायुक्त शक्ति सिंह ने बताया कि शहर के लोगों की इस मांग को जल्द पूरा कराया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन अपने स्तर पर कार्रवाई में जुटा हुआ है। इस समस्या का जल्द स्थाई समाधान कराया जाएगा।
शहर के कड़ा के प्रबंधन की कोई जगह नहीं है। इसी कारण शहर में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है जोकि कई बीमारियों को जन्म दे रहा है। इस समस्या को लेकर अधिकारियों से बात की जाएगी।
दलबीर, जिला महामंत्री भाजपा
शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए जिला प्रशासन को शहर में जल्द डंपिंग स्टेशन बनाने के लिए कार्य करना चाहिए। यह समस्या बहुत पुरानी है।
तैय्यब हुसैन घासेड़िया, जजपा जिला अध्यक्ष
प्रदेश के हर शहरों में कूड़ा प्रबंधन के लिए प्रबंध किए गए है लेकिन नूंह शहर के लोगों को अभी सरकार ने यह सुविधा नहीं दी है। इस और गंभीरता से कार्य करने की जरूरत है।
मुनेश फौजी, उजीना
अगर सरकार शहर के लोगों की इस मांग को पूरा नहीं करती है तो हम अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। इस बारे में अधिकारियों से कई बार संपर्क किया गया है।
एडवोकेट मंसूर अली, नूंह