फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   New twist in the cheating case through gaming app, demand for investigation

Noida News: गेमिंग एप से ठगी मामले में नया मोड़, जांच की मांग

Sun, 14 Sep 2025 12:14 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा Updated Sun, 14 Sep 2025 12:14 AM IST
विज्ञापन
New twist in the cheating case through gaming app, demand for investigation
नवाबगंज। फर्जी गेमिंग एप से ठगी के मामले में नया मोड़ आ गया है। आरोपी हाफिज अली के परिजन ने कहा है कि उनके भाइयों को जान बूझकर फंसाया जा रहा है। हाफिज अली के भाई लियाकत अली ने देवीपाटन परिक्षेत्र के आईजी अमित पाठक को पत्र भेजकर प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
विज्ञापन


परिवार का कहना है कि जिन बैंक खातों में 2.36 करोड़ रुपये का लेन-देन दिखाया जा रहा है, वह असल में ग्राम पंचायत के 14वें वित्त आयोग की निधि का पैसा है, न कि किसी फर्जी गेमिंग एप का। उन्होंने बताया कि एआर माइंस एंड सप्लायर नाम की फर्म विकासखंड में पंजीकृत है और पंचायतों को विकास कार्यों के लिए सामान आपूर्ति करती रही है। जिस खाते में रकम आई है, उसका संचालन अतीकुर्रहमान करते हैं। यह लेनदेन पूरी तरह पंचायत सप्लाई से जुड़ा है। इस संबंध में बैंक स्टेटमेंट भी मौजूद है।
विज्ञापन

लियाकत अली ने बताया कि फर्म में दर्ज मोबाइल नंबर से जुड़ा सिमकार्ड 18 अगस्त को कागजात समेत खो गया था, जिसे गोंडा निवासी तौसीफ और तारिक ने तीन दिन बाद लौटाया। इसकी तहरीर थाने में दी गई थी। तौसीफ के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज है। आरोप है कि अंकित गुप्ता के मोबाइल में उनका नंबर मिलने के बाद ही भाइयों को संदेह के आधार पर फंसाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

परिवार का कहना है कि उनका कारोबार पंचायत सप्लाई तक सीमित है और ठगी से कोई लेना-देना नहीं है। उल्लेखनीय है कि कन्नौज पुलिस ने हाल ही में फर्जी गेमिंग एप से ठगी का खुलासा किया था, जिसमें भारी-भरकम ट्रांजैक्शन और नवाबगंज क्षेत्र के हाफिज अली बंधुओं का नाम सामने आया था। कन्नौज पुलिस ने आरोपी हाफिज अली की गिरफ्तारी पर 25 हजार का इनाम भी घोषित किया है।


थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि पूरे मामले की गहन जांच जारी है। बैंक खातों का ऑडिट कराया जा रहा है, जिससे स्पष्ट हो सकेगा कि रकम पंचायत सप्लाई से जुड़ी है या फिर ठगी से। पुलिस का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed