{"_id":"63dea57ffcc7be70c1773a0f","slug":"na-na-news-c-12-1-66323-2023-02-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: रसायनिक खाद से कम हुई मिट्टी की पोषण क्षमता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: रसायनिक खाद से कम हुई मिट्टी की पोषण क्षमता
Sun, 05 Feb 2023 12:05 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Sun, 05 Feb 2023 12:05 AM IST
विज्ञापन
किसानों को रसायनिक खाद के बारे में बताते कृषि वैज्ञानिक।
उरई। राष्ट्रीय कृषि विकास परियोजना अंतर्गत गो आधारित प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। जिसमें क्षेत्र के 40 किसानों ने प्रतिभाग किया।
प्रशिक्षण में पशुपालन वैज्ञानिक एवं केंद्र में प्राकृतिक कृषि योजना के नोडल अधिकारी डॉ. अनुज कुमार गौतम ने बताया कि अत्याधिक रासायनिक खाद और कीटनाशक के उपयोग से मिट्टी की उर्वरक क्षमता कम हो गई। जिससे मिट्टी के पोषक तत्वों का संतुलन बिगड़ने का सीधा असर हमारे शरीर पर पड़ रहा है। भारत के 86 प्रतिशत कृषक लघु व सीमांत कृषक हैं।
केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने प्राकृतिक खेती को एक रसायन मुक्त खेती बताया। फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. रजनीश चंद्र मिश्र ने फसलों में लगने वाले रोगों की रोकथाम प्राकृतिक विधि की जानकारी दी। इस दौरान गृह वैज्ञानिक डॉ. राजकुमारी, सीनियर रिसर्च फेलो सुरजीत पांडेय, विक्रम सिंह, गिरेंद्र कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रशिक्षण में पशुपालन वैज्ञानिक एवं केंद्र में प्राकृतिक कृषि योजना के नोडल अधिकारी डॉ. अनुज कुमार गौतम ने बताया कि अत्याधिक रासायनिक खाद और कीटनाशक के उपयोग से मिट्टी की उर्वरक क्षमता कम हो गई। जिससे मिट्टी के पोषक तत्वों का संतुलन बिगड़ने का सीधा असर हमारे शरीर पर पड़ रहा है। भारत के 86 प्रतिशत कृषक लघु व सीमांत कृषक हैं।
विज्ञापन
केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने प्राकृतिक खेती को एक रसायन मुक्त खेती बताया। फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. रजनीश चंद्र मिश्र ने फसलों में लगने वाले रोगों की रोकथाम प्राकृतिक विधि की जानकारी दी। इस दौरान गृह वैज्ञानिक डॉ. राजकुमारी, सीनियर रिसर्च फेलो सुरजीत पांडेय, विक्रम सिंह, गिरेंद्र कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन