शौक बड़ी चीज है: ग्रेनो में सात माह में गटक ली 1017 करोड़ की शराब, 44 प्रतिशत बढ़ा राजस्व; बीयर की खपत दो गुना
गौतमबुद्ध नगर में शराब की 535 दुकानें हैं। इनमें आंग्रेजी शराब की 140, देशी शराब की 231, बीयर की 138, 25 मॉडल शॉप और एक भांग की दुकान है। दुकानों पर शराब की बिक्री बढ़ती जा रही है।
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ग्रेटर नोएडा के लोग पिछले सात माह में 1017 करोड़ की शराब गट गए है। उनका यह शौक जेब पर भारी पड़ रहा है। हालांकि आबकारी विभाग मालामाल हो रहा है। पिछले तीन साल में विभाग को 44 प्रतिशत अधिक राजस्व मिला है। गर्मी में लोगों ने बीयर पीना ज्यादा पसंद किया है। जिस कारण बीयर की खपत भी करीब दो गुना बढ़ी है।
गौतमबुद्ध नगर में शराब की 535 दुकानें हैं। इनमें आंग्रेजी शराब की 140, देशी शराब की 231, बीयर की 138, 25 मॉडल शॉप और एक भांग की दुकान है। दुकानों पर शराब की बिक्री बढ़ती जा रही है। पिछले तीन वर्ष में अंग्रेजी शराब की बिक्री जहां 60,54,556 से 79,67,355 बोतल पहुंची हैं। वहीं देशी शराब की बिक्री 81,65,416 से 12,049,414 लीटर पर पहुंच गई है।
अप्रैल से अक्तूबर के बीच गर्मी अधिक होने के कारण लोग बीयर पीना ज्यादा पंसद करते हैं। इसका असर बिक्री पर भी देखने को मिला है। वर्ष 2021 में जहां 1.80 करोड़ बीयर की केन बिकी थी। जबकि चालू वर्ष में 3.01 करोड़ बिकी है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि गर्मी ने बीयर की खपत बढ़ जाती है। लोगों के शौक ने सरकार का राजस्व भी बढ़ गया है। वर्ष 2021 के अप्रैल से अक्तूबर के बीच जहां 677 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था। वो चालू वित्तीय वर्ष में 1017 करोड़ रहा है।
| वर्ष | राजस्व (करोड़) | देशी (लीटर) | अंग्रेजी (लीटर) | बीयर (केन) |
| 2021 | 677.83 | 8165416 | 6054556 | 18091529 |
| 2022 | 847.64 | 10571983 | 6487810 | 28818787 |
| 2023 | 1017.57 | 12049414 | 7967355 | 30112883 |
हरियाणा और अन्य राज्य से शराब की तस्करी रुकने से जिले में शराब की बिक्री बढ़ी है। साथ ही लोगों को अन्य राज्य की शराब पर लोगों को ज्यादा भरोसा भी नहीं रहा हैं। जो बिक्री बढ़ने का मुख्य कारण है। -सुबोध श्रीवास्तव, जिला आबकारी अधिकारी