{"_id":"690e3d21fca52585d9057e74","slug":"jammu-kashmir-news-na-news-c-202-1-udh1002-129359-2025-11-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: गंदटॉप के बासुकीनाग मेले में उमड़ी भीड़, कुड नृत्य ने बढ़ाई रौनक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: गंदटॉप के बासुकीनाग मेले में उमड़ी भीड़, कुड नृत्य ने बढ़ाई रौनक
विज्ञापन
भारी संख्या में मेले में पहुंचे लोग।
- फोटो : ramnagar news
रामनगर। तहसील बसंतगढ़ के गंदटॉप इलाके में बाबा बासुकीनाग मंदिर में आयोजित वार्षिक मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इसमें रामनगर के विधायक सुनील भारद्वाज मुख्य अतिथि थे। मेले में भक्तों ने पारंपरिक सामूहिक नृत्य-गान कुड का आयोजन किया।
गंदटॉप बाबा बासुकीनाग मंदिर में शुक्रवार को पारंपरिक मेले का आयोजन हुआ। हर साल कार्तिक माह पर लगने वाले इस ऐतिहासिक मेले में हजारों श्रद्धालु पहुंचे जबकि व्यापारियों ने विभिन्न प्रकार की दुकानें लगाईं।
शुक्रवार सुबह पांच बजे से ही मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए। ग्रामीण इलाकों से आए श्रद्धालुओं ने भगवान बासुकीनाग के दर्शन कर क्षेत्र की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की। मेले के दौरान स्थानीय डोगरी कलाकारों द्वारा कुड नृत्य जैसे पारंपरिक लोक नृत्य प्रस्तुत किए, जिससे पूरा वातावरण लोक-संगीत और सांस्कृतिक उल्लास से गूंज उठा। मेले में बसंतगढ़, शिवगली, मजोडी, डूडू, खनेड, पंचोड, बलोता, रामनगर और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। स्थानीय लोगों के साथ बाहरी क्षेत्रों से भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिसने मेले को जीवंत बना दिया।
विज्ञापन
बासुकीनाग मेले में बाहरी व्यापारियों ने विभिन्न प्रकार की दुकानों की सजावट की। खिलौनों, आभूषणों, कपड़ों और मिठाइयों की दुकानों पर जमकर खरीदारी हुई। देर शाम तक मंदिर परिसर और बाजार क्षेत्र में लोगों की भीड़ बनी रही।
बाबा बासुकीनाग गंदटॉप कमेटी के संयोजक सुदेश कुमार ने बताया यह मेला वर्षों पुराना है। इस मेले में विभिन्न जगहों से भारी संख्या में लोग पहुंचे हैं। मेले के दौरान लोगों ने कई घंटे कतारों में खड़े होकर बाबा बासुकीनाग के दर्शन करके घर की सुख समृद्धि की कामना की। उन्होंने बताया कि इस मेले में बसंतगढ़ तहसील की पंचायत कल्या गांव तथा पंचायत चकाल मोड़ा केदरा में स्थित बाबा बासुकीनाग मंदिर से छड़ी यात्रा गंदटॉप मंदिर में सुबह पांच बजे पहुंची। पूजा अर्चना के बाद दोपहर बारह बजे से चार बजे तक विशाल भंडारे का आयोजन हुआ और दोपहर दो बजे कई डोगरी नृत्य कूड गान प्रस्तुत किए गए जिसे देखने काफी संख्या में लोग पहुंचे थे।
विज्ञापन
गंदटॉप बाबा बासुकीनाग मंदिर में शुक्रवार को पारंपरिक मेले का आयोजन हुआ। हर साल कार्तिक माह पर लगने वाले इस ऐतिहासिक मेले में हजारों श्रद्धालु पहुंचे जबकि व्यापारियों ने विभिन्न प्रकार की दुकानें लगाईं।
विज्ञापन
शुक्रवार सुबह पांच बजे से ही मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए। ग्रामीण इलाकों से आए श्रद्धालुओं ने भगवान बासुकीनाग के दर्शन कर क्षेत्र की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की। मेले के दौरान स्थानीय डोगरी कलाकारों द्वारा कुड नृत्य जैसे पारंपरिक लोक नृत्य प्रस्तुत किए, जिससे पूरा वातावरण लोक-संगीत और सांस्कृतिक उल्लास से गूंज उठा। मेले में बसंतगढ़, शिवगली, मजोडी, डूडू, खनेड, पंचोड, बलोता, रामनगर और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। स्थानीय लोगों के साथ बाहरी क्षेत्रों से भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिसने मेले को जीवंत बना दिया।
विज्ञापन
बासुकीनाग मेले में बाहरी व्यापारियों ने विभिन्न प्रकार की दुकानों की सजावट की। खिलौनों, आभूषणों, कपड़ों और मिठाइयों की दुकानों पर जमकर खरीदारी हुई। देर शाम तक मंदिर परिसर और बाजार क्षेत्र में लोगों की भीड़ बनी रही।
बाबा बासुकीनाग गंदटॉप कमेटी के संयोजक सुदेश कुमार ने बताया यह मेला वर्षों पुराना है। इस मेले में विभिन्न जगहों से भारी संख्या में लोग पहुंचे हैं। मेले के दौरान लोगों ने कई घंटे कतारों में खड़े होकर बाबा बासुकीनाग के दर्शन करके घर की सुख समृद्धि की कामना की। उन्होंने बताया कि इस मेले में बसंतगढ़ तहसील की पंचायत कल्या गांव तथा पंचायत चकाल मोड़ा केदरा में स्थित बाबा बासुकीनाग मंदिर से छड़ी यात्रा गंदटॉप मंदिर में सुबह पांच बजे पहुंची। पूजा अर्चना के बाद दोपहर बारह बजे से चार बजे तक विशाल भंडारे का आयोजन हुआ और दोपहर दो बजे कई डोगरी नृत्य कूड गान प्रस्तुत किए गए जिसे देखने काफी संख्या में लोग पहुंचे थे।