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Greater Noida: आधी-अधूरी तैयारियों और काम चलाऊ व्यवस्था से वायु प्रदूषण से निजात नामुमकिन

Thu, 28 Sep 2023 01:42 AM IST
नोएडा ब्यूरो नवीन कुमार, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
नवीन कुमार, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Thu, 28 Sep 2023 01:42 AM IST
सार

बीते 24 घंटे में ग्रेटर नोएडा देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। बुधवार को यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 280 दर्ज किया गया। वहीं बुधवार देश का 25वां सबसे प्रदूषित शहर रहा।

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It is impossible to get rid of air pollution due to half-baked preparations and makeshift arrangements.
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीते 24 घंटे में ग्रेटर नोएडा देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। बुधवार को यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 280 दर्ज किया गया। वहीं बुधवार देश का 25वां सबसे प्रदूषित शहर रहा। ग्रेनो और नोएडा में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण के बावजूद इस पर नियंत्रण रखने की तैयारियां अधूरी हैं।
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एक अक्तूबर से ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू हो जाएगा। लेकिन अब तक टूटी सड़कों की मरम्मत नहीं हुई है। ट्रैफिक जाम से निपटने और प्रतिबंधित जनरेटर के प्रयोग पर कार्रवाई करने से जुड़ी कार्ययोजना तैयार नहीं है। सभी विभाग पुरानी व्यवस्था पर काम कर रहे हैं। ऐसे में इस सर्दी भी जिले के निवासियों को वायु प्रदूषण से राहत मिलने के आसार नहीं हैंं।
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फिलहाल ग्रेटर नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक रेड जोन के पास पहुंच गया है। जबकि नोएडा का एक्यूआई यलो जोन में बना हुआ है। तापमान गिरने के साथ ही प्रदूषित हवा में सांस लेना मुश्किल हो जाएगा। यह जानते हुए भी जिम्मेदार अधिकारियों ने नई रणनीति तैयार नहीं की है। जिले का पूरा सरकारी अमला एक अक्तूबर से लागू होने वाले ग्रेप पर निर्भर है। जिसकी तैयारियां भी अधूरी हैं।
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उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के अधिकारियों ने अभी तक जिले में वायु प्रदूषण के 11 हॉट स्पॉट चिन्हित किए हैं। जबकि इनकी संख्या काफी अधिक है। यही नहीं चिह्नित हॉट स्पॉट पर वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिला प्रशासन की तरफ से संबंधित प्राधिकरणों को टूटी सड़कों की मरम्मत के लिए पत्र लिखे गए हैं, लेकिन इस पर कार्य शुरू नहीं हुआ है। यूपीसीडा के औद्योगिक सेक्टरों का सबसे अधिक बुरा हाल है। सेक्टर और गांवों से कूड़ा उठाने की भी व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं हुआ है। कई स्थानों पर खुले में कूड़ा जलाया जा रहा है।

आपात सेवाओं में भी नहीं चलेंगे डीजल जनरेटर
30 सितंबर के बाद डीजल जनरेटर पर पूरी तरह रोक लग जाएगी। आपात सेवाओं में भी इसका प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। केवल ड्यूल फ्यूल और नई तकनीक वाले नए जनरेटर के प्रयोग की ही अनुमति होगी। ऐसे में सोसाइटी निवासियों को काफी परेशानी होगी। जिले की कई सोसाइटी में अभी भी डीजल जनरेटर चल रहे है।

वायु प्रदूषण पर ग्रेप की अलग-अलग स्टेज
स्टेज-1: 201 से 300 एक्यूआई
स्टेज-2: 301 से 400 एक्यूआई
स्टेज-3: 401 से 450 एक्यूआई
स्टेज-4: 451 से अधिक एक्यूआई

दस दिन में वायु प्रदूषण (एक्यूआई) की स्थिति

तिथि ग्रेटर नोएडा नोएडा

18 सितंबर 71 42
19 सितंबर 63 58
20 सितंबर 183 88
21 सितंबर 175 123
22 सितंबर 171 99
23 सितंबर 124 84
24 सितंबर 211 105
25 सितंबर 228 126
26 सितंबर 295 150
27 सितंबर 280 140

नोएडा में वायु प्रदूषण के हॉट स्पॉट

-यमुना पुस्ता और पुस्ता रोड
- सेक्टर 116, 115 और 7 एक्स
- नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे (एमिटी यूनिवर्सिटी से नोएडा गेट के बीच)
- सेक्टर 150
- दादरी रोड
- सेक्टर 62 से सेक्टर 104
- सेक्टर 62

ग्रेटर नोएडा के वायु प्रदूषण के हॉट स्पॉट
- ग्रेनो वेस्ट का किसान चौक
- तिलपता चौक
- परी चौक
- गौतमबुद्ध बालक इंटर कॉलेज के पास

आम जनता को भी दिखानी होगी अपनी जिम्मेदारी

स्टेज-1:
वाहन का इंजन सही होना चाहिए। रेड लाइट पर इंजन बंद करना होगा। ईवी और हायब्रिड वाहनों का प्रयोग करें। खुले में कूड़ा फेंकने से बचना होगा। 10 से 15 साल पुराने डीजल व पेट्रोल वाहनों को नहीं चलाए। त्योहारों को इको फ्रेंडली तरीके से मनाएं।
स्टोज-2:
निजी वाहन की जगह सार्वजनिक यातायात का प्रयोग करें। अक्तूबर से जनवरी के बीच धूल वाले निर्माण कार्य करने से बचना चाहिए। बायोमॉस व सॉलिड वेस्ट को नहीं जलाना चाहिए। वाहनों के एयर फिल्टर को समय-समय पर बदलना चाहिए।
स्टेज-3:
साइकिल से छोटी दूरी को तय करना चाहिए। कार पुलिंग करने के साथ सार्वजनिक यातायात का प्रयोग करना चाहिए। वर्क फ्रॉम होम जैसे उपायों को आजमाएं। लड़की और कोयला नहीं जलाएं। निजी मकान मालिक सुरक्षाकर्मियों को हीटर उपलब्ध कराए। ताकि वो सर्दी में लड़की नहीं जला सकें।
स्टेज-4:
सांस, हृदय जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोग और बुजुर्ग व बच्चों को घर से बाहर निकलने से बचना होगा। ज्यादा से ज्यादा इंडोर गतिविधियों पर जोर।
-
ग्रेप को लागू कराने की पूरी तैयारी है। नियमों का पालन नहीं करने वाले लोग और संस्था पर जुर्माना लगाने के साथ अन्य कार्रवाई की जाएगी। टूटी सड़कों की मरम्मत कराने के लिए संबंधित प्राधिकरण को पत्र लिखा गया है। - उत्सव शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी नोएडा, यूपीपीसीबी


ज्यादा वायु प्रदूषण वाले जगह चिह्नित किए गए हैं। संबंधित प्राधिकरण और विभाग से हॉट स्पॉट को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रतिबंधित जनरेटर के प्रयोग पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - डीके गुप्ता, क्षेत्रीय अधिकारी ग्रेटर नोएडा, यूपीपीसीबी
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