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Noida News: विद्यालय परिसर से हटा जर्जर भवन का मलबा
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खबर का असरजेवर के तिरथली कंपोजिट विद्यालय परिसर में कई महीनों से पड़ा जर्जर भवन का मलबा आखिरक
खबर का असर
- अमर उजाला अखबार ने अपने प्रकाशित अंक 3 अक्तूबर को उठाई थी समस्या, एक सप्ताह में हुई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना सिटी।
जेवर के तिरथली कंपोजिट विद्यालय परिसर में कई महीनों से पड़ा जर्जर भवन का मलबा आखिरकार हटा दिया गया। अमर उजाला में 3 अक्तूबर को प्रकाशित खबर के दो दिन बाद विद्यालय परिसर से मलबा हटाया गया। इससे विद्यालय के शिक्षकों और बच्चों को राहत मिली है।
तिरथली कंपोजिट विद्यालय परिसर में कई महीने पहले एक जर्जर इमारत को गिरा दिया गया था। भवन को गिराने के बाद विद्यालय परिसर में कई महीनों तक जर्जर भवन के कई पोल परिसर में पड़े रहे। इन पोलों के कारण विद्यालय में बच्चों को खेलते समय परेशानी होती थी। इससे हादसे की आशंका भी बनी रहती थी। विद्यालय के इंचार्ज रौदास ने पोल हटवाने के लिए संबंधित विभाग से कई बार शिकायत की थी। शिकायत के बाद भी लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे समस्या जस की तस बनी रही।
इस समस्या को लेकर अमर उजाला ने 3 अक्तूबर को प्रमुखता से खबर प्रकाशित की। खबर प्रकाशित होने के दो दिन बाद ही विद्यालय परिसर से पोल हटा दिए गए। पोल हटाए जाने पर विद्यालय के शिक्षकों ने अमर उजाला अखबार का आभार जताया। शिक्षकों का कहना है कि खबर प्रकाशित होने के बाद समस्या का समाधान हुआ है।
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- अमर उजाला अखबार ने अपने प्रकाशित अंक 3 अक्तूबर को उठाई थी समस्या, एक सप्ताह में हुई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना सिटी।
जेवर के तिरथली कंपोजिट विद्यालय परिसर में कई महीनों से पड़ा जर्जर भवन का मलबा आखिरकार हटा दिया गया। अमर उजाला में 3 अक्तूबर को प्रकाशित खबर के दो दिन बाद विद्यालय परिसर से मलबा हटाया गया। इससे विद्यालय के शिक्षकों और बच्चों को राहत मिली है।
तिरथली कंपोजिट विद्यालय परिसर में कई महीने पहले एक जर्जर इमारत को गिरा दिया गया था। भवन को गिराने के बाद विद्यालय परिसर में कई महीनों तक जर्जर भवन के कई पोल परिसर में पड़े रहे। इन पोलों के कारण विद्यालय में बच्चों को खेलते समय परेशानी होती थी। इससे हादसे की आशंका भी बनी रहती थी। विद्यालय के इंचार्ज रौदास ने पोल हटवाने के लिए संबंधित विभाग से कई बार शिकायत की थी। शिकायत के बाद भी लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे समस्या जस की तस बनी रही।
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इस समस्या को लेकर अमर उजाला ने 3 अक्तूबर को प्रमुखता से खबर प्रकाशित की। खबर प्रकाशित होने के दो दिन बाद ही विद्यालय परिसर से पोल हटा दिए गए। पोल हटाए जाने पर विद्यालय के शिक्षकों ने अमर उजाला अखबार का आभार जताया। शिक्षकों का कहना है कि खबर प्रकाशित होने के बाद समस्या का समाधान हुआ है।
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