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Noida News: आईएपीएमआर मध्यावधि सीएमई 2025 का आगाज
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-दो-दिवसीय कार्यक्रम का विषय है ‘पहले कदम से स्वर्णिम वर्षों तक’
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन (आईएपीएमआर) के मध्यावधि सीएमई 2025 का उद्घाटन शुक्रवार को स्कूप कन्वेंशन सेंटर में किया गया। इसका उद्घाटन केंद्र सरकार की स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. सुनीता शर्मा और सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं की निदेशक सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन ने किया। इस दो-दिवसीय कार्यक्रम का विषय पहले कदम से स्वर्णिम वर्षों तक: जीवन भर पुनर्वास को आगे बढ़ाना है, जो बचपन से वृद्धावस्था तक पुनर्वास की आवश्यकताओं पर केंद्रित है।
कार्यक्रम में 40 प्रमुख विशेषज्ञों की तरफ से व्याख्यान और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से चिकित्सकों को पुनर्वास देखभाल में नवीनतम तकनीकों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की ओर से पीएमआर में एमडी-स्तरीय प्रशिक्षण को मान्यता और स्नातक चिकित्सा शिक्षा में पुनर्वास विषयों को शामिल करने पर चर्चा हुई। आयोजन सचिव डॉ. प्रो. अजय गुप्ता ने नीति निर्माताओं के सहयोग की सराहना की, जबकि आईएपीएमआर के अध्यक्ष डॉ. मुरलीधरन पी.सी. ने पीएमआर की प्रगति और कार्यात्मक स्वतंत्रता को बढ़ावा देने में इसके योगदान पर प्रकाश डाला। ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड रिहैबिलिटेशन मेडिसिन सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. स्टीवन फॉक्स ने भी स्ट्रोक पुनर्वास और दर्द प्रबंधन में प्रगति पर विचार साझा किए।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन (आईएपीएमआर) के मध्यावधि सीएमई 2025 का उद्घाटन शुक्रवार को स्कूप कन्वेंशन सेंटर में किया गया। इसका उद्घाटन केंद्र सरकार की स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. सुनीता शर्मा और सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं की निदेशक सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन ने किया। इस दो-दिवसीय कार्यक्रम का विषय पहले कदम से स्वर्णिम वर्षों तक: जीवन भर पुनर्वास को आगे बढ़ाना है, जो बचपन से वृद्धावस्था तक पुनर्वास की आवश्यकताओं पर केंद्रित है।
कार्यक्रम में 40 प्रमुख विशेषज्ञों की तरफ से व्याख्यान और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से चिकित्सकों को पुनर्वास देखभाल में नवीनतम तकनीकों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की ओर से पीएमआर में एमडी-स्तरीय प्रशिक्षण को मान्यता और स्नातक चिकित्सा शिक्षा में पुनर्वास विषयों को शामिल करने पर चर्चा हुई। आयोजन सचिव डॉ. प्रो. अजय गुप्ता ने नीति निर्माताओं के सहयोग की सराहना की, जबकि आईएपीएमआर के अध्यक्ष डॉ. मुरलीधरन पी.सी. ने पीएमआर की प्रगति और कार्यात्मक स्वतंत्रता को बढ़ावा देने में इसके योगदान पर प्रकाश डाला। ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड रिहैबिलिटेशन मेडिसिन सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. स्टीवन फॉक्स ने भी स्ट्रोक पुनर्वास और दर्द प्रबंधन में प्रगति पर विचार साझा किए।
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