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जेवर: क्रेन की मदद से विस्थापित की गई हनुमानजी की मूर्ति, अब ग्रामीण विधि-विधान से कराएंगे स्थापना
Mon, 13 Sep 2021 02:57 PM IST
प्राची प्रियम
संवाद न्यूज एजेंसी, जेवर
संवाद न्यूज एजेंसी, जेवर
Published by: प्राची प्रियम
Updated Mon, 13 Sep 2021 02:57 PM IST
सार
ग्रामीणों की मांग के मुताबिक, प्रशासनिक टीम ने मूर्ति को बनवारीवास गांव की तरफ खेतों पर बसे किसानों के पास रखवा दिया है, जहां ग्रामीण विधि-विधान से मूर्ति की स्थापना कराएंगे।
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हनुमानजी की मूर्ति
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जेवर के रोही गांव में एयरपोर्ट के लिए अधिगृहीत जमीन से हनुमानजी की मूर्ति को विस्थापित कर दिया गया है। ग्रामीणों की मांग के मुताबिक, प्रशासनिक टीम ने मूर्ति को बनवारीवास गांव की तरफ खेतों पर बसे किसानों के पास रखवा दिया है, जहां ग्रामीण विधि-विधान से मूर्ति की स्थापना कराएंगे।
बता दें कि रोही गांव के प्राचीन मंदिर पर 15 फीट ऊंची हनुमानजी की मूर्ति थी। इसे तहसील प्रशासन और प्राधिकरण की टीम ने हाइड्रोलिक क्रेनों की मदद से विस्थापित करा दिया है। कुछ ग्रामीण मूर्ति को जेवर बांगर में स्थापित करना चाहते थे। वहीं, कुछ गंगा में विसर्जन की मांग कर रहे थे, लेकिन वार्ता के बाद मूर्ति को बनवारीवास गांव की तरफ खेतों रखवा दिया गया है।
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बता दें कि रोही गांव के प्राचीन मंदिर पर 15 फीट ऊंची हनुमानजी की मूर्ति थी। इसे तहसील प्रशासन और प्राधिकरण की टीम ने हाइड्रोलिक क्रेनों की मदद से विस्थापित करा दिया है। कुछ ग्रामीण मूर्ति को जेवर बांगर में स्थापित करना चाहते थे। वहीं, कुछ गंगा में विसर्जन की मांग कर रहे थे, लेकिन वार्ता के बाद मूर्ति को बनवारीवास गांव की तरफ खेतों रखवा दिया गया है।
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