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साहित्य और साहित्यकारों के लिए कार्य कर रही सरकार : मुख्यमंत्री
Thu, 06 Nov 2025 01:16 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Thu, 06 Nov 2025 01:16 AM IST
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की प्रतिमा को नमन करते सीएम धामी: आयोजक
बुधवार को थानो के लेखक गांव में स्पर्श हिमालय महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने महोत्सव के तीसरे दिन के सातवें सत्र का शुभारंभ किया। महोत्सव में देश-विदेश के साहित्यकार शामिल हुए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान के माध्यम से उत्कृष्ट साहित्यकारों को प्रोत्साहित करने का कार्य शुरू किया है। विभिन्न भाषाओं में ग्रंथ प्रकाशन के लिए वित्तीय सहायता के लिए साहित्यकारों को अनुदान भी दिया जा रहा है। उनकी सरकार साहित्यकारों को साहित्य भूषण और लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित कर रही है। जिसके अंतर्गत पांच-पांच लाख रुपये की सम्मान राशि दी जा रही है। युवा पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने के लिए कई प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी की प्रेरणा से लेखक गांव बसाया गया है। अटल जी लेखनी में पर्वतों की दृढता, गंगा की गहराई और हिमालय सी ऊंचाई थी। वो ओजस्वी वक्ता और उत्तराखंड के निर्माता हैं। अटल जी ने बताया कि शब्द भी राष्ट्र निर्माण के शस्त्र बन सकते हैं। उनकी सरकार संस्कृति और साहित्य के संरक्षण के लिए कई कार्य कर रही है। कार्यक्रम में लेखक गांव के संरक्षक डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, पूर्व रक्षा सचिव डॉ. योगेंद्र नारायण, संस्कृत विवि क कुलपति प्रो. दिनेश शास्त्री, डॉ. सविता मोहन आदि उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि सरकार ने उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान के माध्यम से उत्कृष्ट साहित्यकारों को प्रोत्साहित करने का कार्य शुरू किया है। विभिन्न भाषाओं में ग्रंथ प्रकाशन के लिए वित्तीय सहायता के लिए साहित्यकारों को अनुदान भी दिया जा रहा है। उनकी सरकार साहित्यकारों को साहित्य भूषण और लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित कर रही है। जिसके अंतर्गत पांच-पांच लाख रुपये की सम्मान राशि दी जा रही है। युवा पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने के लिए कई प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी की प्रेरणा से लेखक गांव बसाया गया है। अटल जी लेखनी में पर्वतों की दृढता, गंगा की गहराई और हिमालय सी ऊंचाई थी। वो ओजस्वी वक्ता और उत्तराखंड के निर्माता हैं। अटल जी ने बताया कि शब्द भी राष्ट्र निर्माण के शस्त्र बन सकते हैं। उनकी सरकार संस्कृति और साहित्य के संरक्षण के लिए कई कार्य कर रही है। कार्यक्रम में लेखक गांव के संरक्षक डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, पूर्व रक्षा सचिव डॉ. योगेंद्र नारायण, संस्कृत विवि क कुलपति प्रो. दिनेश शास्त्री, डॉ. सविता मोहन आदि उपस्थित रहे।
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