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सरकार पकड़े हाथ, दूसरे बाजार तलाशने के लिए देशों से बढ़ाए साथ : कारोबारी

Thu, 28 Aug 2025 10:25 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 28 Aug 2025 10:25 PM IST
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Government should hold hands, extend cooperation to other countries to find other markets: Businessmen
टैरिफ संकट से जिले के उद्योगों का 20 हजार करोड़ के निर्यात घाटे की आशंका
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित लगभग 15 हजार इकाइयां, जो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से निर्यात कार्य करती हैं, मौजूदा अंतरराष्ट्रीय टैरिफ संकट से जूझ रही हैं। इनसे काम लेकर उत्पादन करने वाले जॉब वर्क आधारित लघु एवं मध्यम उद्योगों की हालत तो और भी दयनीय हो चुकी है। एमएसएमई के उद्योगपतियों के अनुसार अमेरिका और यूरोप जैसे बड़े बाजारों में भारतीय उत्पाद महंगे हो रहे हैं जिससे ऑर्डर घट रहे हैं और छोटे उद्योग बंदी की कगार पर पहुंच रहे हैं। कारोबारियों की मांग है कि सरकार इस समय साथ देकर मुश्किल स्थिति से निकाले।
उद्योगपतियों का कहना है कि गारमेंट्स एक्सपोर्ट्स, हैंडलूम, लेदर, हैंडीक्राफ्ट समेत अन्य उत्पादों का सालाना करीब 50 हजार करोड़ रूपए का कारोबार जिले भर से होता है। इनमें से अकेले 20 हजार करोड़ रूपए का कारोबार सिर्फ अमेरिका के साथ अब तक होता था लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस 50 प्रतिशत टैरिफ के कारण जिले पर इस 20 हजार करोड़ रुपये के घाटे का खतरा मंडरा रहा है।
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कारोबारियों ने मांग की है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और गारमेंट्स सेक्टर के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज दिए जाएं। लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार हो ताकि लागत कम हो और समय पर डिलीवरी संभव हो। एमएसएमई इकाइयों को सस्ती दर पर सब्सिडी के तहत ऋण और निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ मिले ताकि जॉब वर्क करने वाले इकाईयों को मदद मिलेगी। इसके अलावा नोएडा और ग्रेटर नोएडा को राष्ट्रीय निर्यात हब घोषित किया जाए और विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) को और मजबूत बनाया जाए।
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यह आ रही प्रमुख समस्याएं
शहर के कारोबारियों के अनुसार टैरिफ वृद्धि से भारतीय उत्पाद 20–25 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं। इसके साथ ही निर्यात घटने से जॉब वर्क इकाइयों के पास काम नहीं बचा है। वहीं, लाखों कामगार रोजगार संकट से जूझ रहे हैं। आयातित कच्चा माल और मशीनरी महंगी होने से उत्पादन लागत तेज़ी से बढ़ी है। वहीं, जो सामान नोएडा से विदेश भेजा जा रहा है। उनमें से अधिकतर निर्यात होने वाले उत्पादों पर रोक लग गई है।
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यह समय बेहद चुनौतीपूर्ण है। यदि सरकार ने तुरंत हस्तक्षेप नहीं किया तो लाखों लोगों का रोजगार संकट में आ जाएगा और निर्यात में भारी गिरावट होगी। सरकार को उद्योग जगत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा और एमएसएमई क्षेत्र के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। -सुरेंद्र नाहटा, अध्यक्ष, एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन, नोएडा

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सरकार कारोबारियों के लिए दूसरे बाजार यानी दूसरे देशों के ग्राहकों को तैयार करने में मदद करे। ऐसे आयोजन हों, जहां कारोबारी अन्य देशों के ग्राहकों के साथ बैठक हो, ताकि समय रहते इस समस्या का समाधान किया जा सके। इसके अलावा लोन चुकाने के लिए कोविड काल की तरह ही समय दिया जाए। -राजीव बंसल, महासचिव, नोएडा अपैरल एक्सपोर्ट क्लस्टर
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