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गौतमबुद्ध नगर : जांच घटते ही आंकड़ेबाजी में कम हुआ कोरोना का कहर

Mon, 17 Jan 2022 01:21 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 17 Jan 2022 01:21 AM IST
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Gautam Buddha Nagar: As soon as the investigation decreased, the havoc of Corona decreased in the statistics
नोएडा। जिले में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण से निपटने के इंतजाम पर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही भारी पड़ रही है। एक ही दिन में कोरोना के मामले 20 फीसदी कम हो गए, जबकि रिकवरी दर में 33 फीसदी सुधार हो गया। दरअसल, रविवार को अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद समीक्षा करने नोएडा पहुंचे थे। इससे पहले ही आंकड़ेबाजी से जनपद के हालात में सुधार दिखाने की कवायद शुरू कर दी गई।
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जिले में मरीजों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है, लेकिन रविवार की रिपोर्ट में अचानक कोरोना के नए मरीजों का आंकड़ा घटकर 1498 हो गया। नए मरीजों के मुकाबले रिकवरी दर बेहद कम चल रही थी, लेकिन एक ही दिन में 1569 मरीजों ने कोरोना को मात दे दी। इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर में बैठक के दौरान जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अपर मुख्य सचिव के समक्ष जनपद में संक्रमण दर कम होने की दलील तो दी, लेकिन जांच में कमी की हकीकत को बयां नहीं किया। दरअसल, शनिवार को जिले में सिर्फ 6356 कोरोना जांच हुईं, जिसमें हर चौथा मरीज संक्रमित मिला। शुक्रवार को 9142 जांच हुई थीं। इसमें 1873 मरीज संक्रमित पाए गए थे। आला अधिकारियों के सामने फजीहत न हो, इससे पहले कोरोना का कहर कम करने के लिए जांच कम कर दी गईं।
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होम आइसोलेशन में मरीजों की निगराने बढ़ाने के निर्देश
कोविड कमांड सेंटर में अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद और मेरठ के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, सर्विलांस अधिकारियों सहित अन्य की बैठक में कई दिशा-निर्देश दिए। तीनों ही जिलों में 99 फीसदी मरीजों का उपचार होम आइसोलशन में चल रहा है। उन्होंने इन मरीजों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि सात दिन में दो बार विजिट करके होम आइसोलेशन के मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी ली जाए। निगरानी समितियों व रैपिड रिस्पांस टीमों के माध्यम से मरीजों तक समय पर दवाएं पहुंचाएं, कमांड सेंटर पर तैनात कर्मी फोन कर नियमित रूप से फॉलोअप करें। मरीजों के संपर्क में आने वाले कम से कम पांच लोगों की कांटेक्ट ट्रेसिंग जरूर कराएं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी को पहले ही चरण में चुनाव हैं। इसकी सरगर्मियां भी बढ़ गई हैं। इसेे ध्यान में रखते हुए ग्रामीण स्तर पर निगरानी समितियों को एक्टिव किया जाए। वैक्सीन की दूसरी डोज से ज्यादा से ज्यादा लोगों को कवर किया जाए।
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