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Noida News: कहां रोकी कार, कहां दिए 29 लाख... सीन री-क्रिएट कर कड़ियां जोड़ रही पुलिस
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-जीएसटी सलाहकार से 29 लाख वसूली का मामला:
29 लाख की वसूली के मामले में छह टीमें जांच में जुटीं
- क्राइम ब्रांच और एसओजी भी शामिल, तीन संदिग्ध आरोपियों की तलाश जारी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। पुलिस की वर्दी पहनकर तीन लोगों द्वारा जीएसटी सलाहकार को बंधक बनाकर 29 लाख रुपये वसूलने के मामले में बिसरख कोतवाली पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने पीड़ित को साथ लेकर सोमवार को घटना का सीन री-क्रिएट किया। टीम पीड़ित के बताए उन सभी स्थानों पर पहुंची, जहां कथित तौर पर उसकी कार रोकी गई थी। अंत में उस स्थान पर भी टीम पहुंची, जहां पीड़ित के अनुसार 29 लाख रुपये दिए गए थे।
पुलिस सीन री-क्रिएशन के साथ घटनास्थलों के सीसीटीवी फुटेज और पीड़ित के बयानों का मिलान कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक जांच में कुछ महत्वपूर्ण लीड मिली हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा। एसीपी सेंट्रल नोएडा कमलेश कांत ने बताया कि पीड़ित को साथ लेकर घटनास्थलों पर जाकर घटनाक्रम को समझा गया है।
शिकायत का किया था निस्तारण: पीड़ित ने घटना के बाद पुलिस से शिकायत करने के साथ ही आईजीआरएस पर भी शिकायत की थी। आरोप है कि पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने की बात कहते हुए उसकी शिकायत का निस्तारण कर दिया गया था। इसके बाद पीड़ित ने खुद घटना से जुड़े स्थानों के सीसीटीवी फुटेज जुटाए और मामले को वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाया। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।
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वर्दी वाला पुलिसकर्मी था या फर्जी : मामले में पुलिस की वर्दी पहने व्यक्ति की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात में शामिल व्यक्ति वास्तविक पुलिसकर्मी था या आरोपियों ने पुलिस की वर्दी पहनकर घटना को अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ की जाएगी।
19 दिन तक कार्रवाई नहीं होने का आरोप : पीड़ित का आरोप है कि घटना के बाद करीब 19 दिनों तक पुलिस अधिकारियों ने कई बार उसके बयान लिए, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। पूछताछ में उसके जीएसटी और काम से संबंधित तमाम सवाल किए जा रहे हैं, जबकि आरोपियों की गिरफ्तारी कर घटना का खुलासा किया जाना चाहिए। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
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29 लाख की वसूली के मामले में छह टीमें जांच में जुटीं
- क्राइम ब्रांच और एसओजी भी शामिल, तीन संदिग्ध आरोपियों की तलाश जारी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। पुलिस की वर्दी पहनकर तीन लोगों द्वारा जीएसटी सलाहकार को बंधक बनाकर 29 लाख रुपये वसूलने के मामले में बिसरख कोतवाली पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने पीड़ित को साथ लेकर सोमवार को घटना का सीन री-क्रिएट किया। टीम पीड़ित के बताए उन सभी स्थानों पर पहुंची, जहां कथित तौर पर उसकी कार रोकी गई थी। अंत में उस स्थान पर भी टीम पहुंची, जहां पीड़ित के अनुसार 29 लाख रुपये दिए गए थे।
पुलिस सीन री-क्रिएशन के साथ घटनास्थलों के सीसीटीवी फुटेज और पीड़ित के बयानों का मिलान कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक जांच में कुछ महत्वपूर्ण लीड मिली हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा। एसीपी सेंट्रल नोएडा कमलेश कांत ने बताया कि पीड़ित को साथ लेकर घटनास्थलों पर जाकर घटनाक्रम को समझा गया है।
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शिकायत का किया था निस्तारण: पीड़ित ने घटना के बाद पुलिस से शिकायत करने के साथ ही आईजीआरएस पर भी शिकायत की थी। आरोप है कि पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने की बात कहते हुए उसकी शिकायत का निस्तारण कर दिया गया था। इसके बाद पीड़ित ने खुद घटना से जुड़े स्थानों के सीसीटीवी फुटेज जुटाए और मामले को वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाया। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।
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वर्दी वाला पुलिसकर्मी था या फर्जी : मामले में पुलिस की वर्दी पहने व्यक्ति की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात में शामिल व्यक्ति वास्तविक पुलिसकर्मी था या आरोपियों ने पुलिस की वर्दी पहनकर घटना को अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ की जाएगी।
19 दिन तक कार्रवाई नहीं होने का आरोप : पीड़ित का आरोप है कि घटना के बाद करीब 19 दिनों तक पुलिस अधिकारियों ने कई बार उसके बयान लिए, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। पूछताछ में उसके जीएसटी और काम से संबंधित तमाम सवाल किए जा रहे हैं, जबकि आरोपियों की गिरफ्तारी कर घटना का खुलासा किया जाना चाहिए। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।