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Noida News: 200 से ज्यादा युवाओं को बनाया शिकार, पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर गिरोह किया बेनकाब
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- अवैध कॉल सेंटर खोल नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगी करने वाले तीन गिरफ्तार
- सेक्टर-16 में चल रहा था ठगी का दफ्तर, कोतवाली फेज-1 पुलिस ने की कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। अवैध कॉल सेंटर खोलकर नौकरी के नाम पर 200 से अधिक बेरोजगार लोगों से ठगी करने वाले एक अवैध कॉल सेंटर का पुलिस ने खुलासा किया है। कोतवाली फेज वन पुलिस ने मंगलवार को तीन आरोपियों को सेक्टर-16 से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार दो आरोपी पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस इस गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
डीसीपी यमुना प्रसाद ने बताया कि पुलिस ने सूचना के आधार पर सेक्टर-16 में चल रहे अवैध कॉल सेंटर में छापेमारी की। यहां से मंगलवार को तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनकी पहचान अलीगढ़ की शिवलोक कॉलोनी निवासी विशाल राघव, बलिया के पिपरौली बड़ा गांव निवासी आमिर उस्मानी और शामली के हसनपुर निवासी वरुण कुमार के रूप में हुई है। आमिर वर्तमान में गाजियाबाद के इंदिरापुरम में और वरुण दिल्ली के लक्ष्मी नगर में रहता है। इनके कब्जे से सात मोबाइल फोन, चार डेबिट कार्ड, तीन सिमकार्ड, एक पासबुक, चार कंपनी के फर्जी नियुक्ति सहित अन्य सामान बरामद हुआ है।
आरोपी बेरोजगार युवक युवतियों को कॉल करते थे और नौकरी के नाम पर ठगी करते थे। तीनों मिलकर इस कॉल सेंटर के मालिकों को बैंक खाता देते थे। पुलिस पूछताछ में पता चला कि इन लोगों ने 200 से अधिक लोगों से ठगी की है। गिरफ्तार आरोपियों का भी कॉल सेंटर में कुछ हिस्सा होने की बात सामने आई है।
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10 से 20 फीसदी मिलता था कमीशन : अवैध कॉल सेंटर के संचालकों का पूरा खेल कमीशन पर चल रहा था। पुलिस जांच में पता चला कि कॉल सेंटर के मालिक बेरोजगार लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करते और पैसे मांगते थे। रकम कई खातों में मंगाए जाते थे। इस दौरान गिरफ्तार विशाल पासबुक, चेक बुक, एटीएम कार्ड और डेबिट कार्ड अपने पास रखकर नकद निकालता था। 10 से बीस फीसदी कमीशन काटकर शेष रकम अवैध कॉल सेंटर संचालकों को देता था।
पंजीकरण से लेकर प्रोसेसिंग फीस लेते थे : पुलिस पूछताछ में पता चला कि कॉल सेंटर संचालक फाउंड इट से लेकर अन्य जॉब वेबसाइट से बेरोजगार युवक युवतियों का डाटा खरीदते थे। इसके बाद इन लोगों को अवैध कॉल सेंटर से फोन कराया जाता था। और कॉल कर खुद को नौकरी डॉट कॉम का कर्मचारी बताकर युवतियां संपर्क करती थीं और नौकरी लगवाने का झांसा दिया जाता था। इसके बाद बेरोजगार युवकों से पंजीयन शुल्क से लेकर प्रोसेसिंग फीस तक लेते थे। यह रकम एक हजार से 50 हजार तक होती थी।
चार दिन पहले गिरफ्तार हुए थे कॉल सेंटर संचालक : पुलिस ने मंगलवार को सेक्टर-16 के जिस कॉल सेंटर को पकड़ा, वह कॉल सेंटर चार दिन पहले सेक्टर-4 में पकड़े गए कॉल सेंटर का दूसरा हिस्सा था। उस दिन पुलिस ने संचालक सोमेश व अनुज को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने वर्ष 2017 में हैदराबाद में भी इस तरह का एक अवैध कॉल सेंटर ठगी के लिए खोला था।आरोपी अपनी फर्जी कंपनी में कॉल करने के लिए सिर्फ महिला कर्मचारी को एक माह के लिए हायर करते थे।एक माह के बाद उनको नौकरी से निकाल देते थे, जिससे किसी को उनके काम के बारे में जानकारी नहीं हो पाती थी। आरोपियों के पास जो डाटा रहता था। इनमें से ये लोग नोएडा से दूर के शहरों व दक्षिण के लोगों से संपर्क करते थे।
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- सेक्टर-16 में चल रहा था ठगी का दफ्तर, कोतवाली फेज-1 पुलिस ने की कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। अवैध कॉल सेंटर खोलकर नौकरी के नाम पर 200 से अधिक बेरोजगार लोगों से ठगी करने वाले एक अवैध कॉल सेंटर का पुलिस ने खुलासा किया है। कोतवाली फेज वन पुलिस ने मंगलवार को तीन आरोपियों को सेक्टर-16 से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार दो आरोपी पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस इस गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
डीसीपी यमुना प्रसाद ने बताया कि पुलिस ने सूचना के आधार पर सेक्टर-16 में चल रहे अवैध कॉल सेंटर में छापेमारी की। यहां से मंगलवार को तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनकी पहचान अलीगढ़ की शिवलोक कॉलोनी निवासी विशाल राघव, बलिया के पिपरौली बड़ा गांव निवासी आमिर उस्मानी और शामली के हसनपुर निवासी वरुण कुमार के रूप में हुई है। आमिर वर्तमान में गाजियाबाद के इंदिरापुरम में और वरुण दिल्ली के लक्ष्मी नगर में रहता है। इनके कब्जे से सात मोबाइल फोन, चार डेबिट कार्ड, तीन सिमकार्ड, एक पासबुक, चार कंपनी के फर्जी नियुक्ति सहित अन्य सामान बरामद हुआ है।
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आरोपी बेरोजगार युवक युवतियों को कॉल करते थे और नौकरी के नाम पर ठगी करते थे। तीनों मिलकर इस कॉल सेंटर के मालिकों को बैंक खाता देते थे। पुलिस पूछताछ में पता चला कि इन लोगों ने 200 से अधिक लोगों से ठगी की है। गिरफ्तार आरोपियों का भी कॉल सेंटर में कुछ हिस्सा होने की बात सामने आई है।
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10 से 20 फीसदी मिलता था कमीशन : अवैध कॉल सेंटर के संचालकों का पूरा खेल कमीशन पर चल रहा था। पुलिस जांच में पता चला कि कॉल सेंटर के मालिक बेरोजगार लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करते और पैसे मांगते थे। रकम कई खातों में मंगाए जाते थे। इस दौरान गिरफ्तार विशाल पासबुक, चेक बुक, एटीएम कार्ड और डेबिट कार्ड अपने पास रखकर नकद निकालता था। 10 से बीस फीसदी कमीशन काटकर शेष रकम अवैध कॉल सेंटर संचालकों को देता था।
पंजीकरण से लेकर प्रोसेसिंग फीस लेते थे : पुलिस पूछताछ में पता चला कि कॉल सेंटर संचालक फाउंड इट से लेकर अन्य जॉब वेबसाइट से बेरोजगार युवक युवतियों का डाटा खरीदते थे। इसके बाद इन लोगों को अवैध कॉल सेंटर से फोन कराया जाता था। और कॉल कर खुद को नौकरी डॉट कॉम का कर्मचारी बताकर युवतियां संपर्क करती थीं और नौकरी लगवाने का झांसा दिया जाता था। इसके बाद बेरोजगार युवकों से पंजीयन शुल्क से लेकर प्रोसेसिंग फीस तक लेते थे। यह रकम एक हजार से 50 हजार तक होती थी।
चार दिन पहले गिरफ्तार हुए थे कॉल सेंटर संचालक : पुलिस ने मंगलवार को सेक्टर-16 के जिस कॉल सेंटर को पकड़ा, वह कॉल सेंटर चार दिन पहले सेक्टर-4 में पकड़े गए कॉल सेंटर का दूसरा हिस्सा था। उस दिन पुलिस ने संचालक सोमेश व अनुज को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने वर्ष 2017 में हैदराबाद में भी इस तरह का एक अवैध कॉल सेंटर ठगी के लिए खोला था।आरोपी अपनी फर्जी कंपनी में कॉल करने के लिए सिर्फ महिला कर्मचारी को एक माह के लिए हायर करते थे।एक माह के बाद उनको नौकरी से निकाल देते थे, जिससे किसी को उनके काम के बारे में जानकारी नहीं हो पाती थी। आरोपियों के पास जो डाटा रहता था। इनमें से ये लोग नोएडा से दूर के शहरों व दक्षिण के लोगों से संपर्क करते थे।