UP: नोएडा STF के चार जांबाजों को सम्मान, गोलियों की बौछार में भी नहीं डिगा था हौसला; जानें इनके बारे में
नोएडा एसटीएफ के चार मुख्य आरक्षी भूपेंद्र सिंह, बिजेंद्र सिंह, अनिल कुमार और मनोज कुमार को मुठभेड़ों में साहस और अपराधियों को पकड़ने की वीरता के लिए पराक्रम पदक से सम्मानित किया गया। घायल होने के बावजूद इन जवानों ने खतरनाक अपराधियों को गिरफ्तार कर पुलिस विभाग का गौरव बढ़ाया।
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एसटीएफ नोएडा के अपर पुलिस अधीक्षक राज कुमार मिश्रा ने बताया कि चारों मुख्य आरक्षियों की इस वीरता ने न केवल एसटीएफ बल्कि पूरे पुलिस विभाग का गौरव बढ़ाया है। पराक्रम पदक का यह सम्मान ऐसे पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो कठिन परिस्थितियों में भी जनसुरक्षा को सर्वोपरि मानते हैं।
भूपेंद्र सिंह ने मुठभेड़ में घायल होकर भी दिखाई थी बहादुरी
7 जनवरी 2019 को गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में एसटीएफ ने 25 हजार के इनामी अपराधी सौरभ और उसके साथी संदीप तेवतिया को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। मुठभेड़ के दौरान मुख्य आरक्षी भूपेंद्र सिंह अपराधी की गोली लगने से घायल हो गए थे, लेकिन उन्होंने साहस और सूझबूझ से दोनों अपराधियों को पकड़ लिया था। गोली लगने के बाद भी उनका मनोबल डिगा नहीं था।
अनिल कुमार ने एक लाख के इनामी साहब सिंह का किया था अंत
20 फरवरी 2023 को बुलंदशहर के गुलावठी थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में एक लाख के इनामी अपराधी साहब सिंह उर्फ सुनील को ढेर किया गया था। यह दुर्दांत अपराधी अपराधी वर्ष 2001 में गोंडा में हुई पांच हत्याओं और कई लूट की घटनाओं में वांछित था। मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ के मुख्य आरक्षी अनिल कुमार और बुलंदशहर पुलिस के मुख्य आरक्षी मोहित मलिक घायल हो गए थे।
बिजेंद्र सिंह ने बावरिया गैंग के खतरनाक अपराधी को था दबोचा
वर्ष-2017 में इलाहाबाद बैंक, गोंडा में 50 लाख रुपये की लूट और गार्ड की हत्या करने वाले बावरिया गिरोह के सदस्य और एक लाख के इनामी अपराधी बिजुआ उर्फ विजय सिंह बावरिया को 5 मई 2019 को गौतमबुद्धनगर के सूरजपुर क्षेत्र में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान मुख्य आरक्षी बिजेंद्र सिंह बदमाश की गोली से घायल हो गए थे। बावजूद अपराधी को दबोच लिया था।
मथुरा के चर्चित डॉ. विकल्प अग्रवाल अपहरण कांड में एक लाख का इनामी अपराधी अनूप को यमुना एक्सप्रेस-वे पर सुरीर थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया था। अपराधी ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें मुख्य आरक्षी मनोज कुमार घायल हो गए थे।बावजूद उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालते हुए अपराधी को पकड़ा था।