{"_id":"5f70d6db8ebc3e9b9d1177be","slug":"film-city-will-now-be-known-infotainment-city-grnoida-news-noi5390164140","type":"story","status":"publish","title_hn":"फिल्म सिटी नहीं इंफोटेनमेंट सिटी कहिए जनाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फिल्म सिटी नहीं इंफोटेनमेंट सिटी कहिए जनाब
विज्ञापन
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 21 में प्रस्तावित फिल्म सिटी के बारे में चर्चा एवं निरीक्षण करते अधिकारी ।
- फोटो : Grnoida
फिल्म सिटी नहीं ‘इंफोटेनमेंट सिटी’ कहिए जनाब
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में प्रस्तावित फिल्म सिटी का नाम अब इंफोटेनमेंट सिटी होगा। डिजिटल मीडिया के बढ़ते चलन को देखते हुए यह नाम रखा गया है। प्रमुख सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने रविवार को मौके का निरीक्षण किया और 10 दिन में प्रस्ताव भेजने को कहा। वहीं, डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए एजेंसी चुन ली गई है। डीपीआर में बॉलीवुड के साथ हॉलीवुड व रामोजी फिल्म सिटी की भी झलक होगी।
अधिकारियों के अनुसार, अपर मुख्य सचिव गृह व फिल्म बंधु के चेयरमैन अवनीश अवस्थी रविवार सुबह करीब पौने नौ बजे यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-21 पहुंच गए। उनके साथ मुख्यमंत्री के ओएसडी संजीव कुमार सिंह, यीडा सिटी के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह व ओएसडी शैलेंद्र भाटिया भी थे। सभी अधिकारियों ने जगह का मुआयना किया। अवस्थी ने भी सेक्टर-21 की लोकेशन को बेहतर माना। उन्होंने यीडा के सीईओ से इसी लोकेशन के हिसाब से डीपीआर बनवाने को कहा। सीईओ ने बताया कि शासन ने इसका नाम इंफोटेनमेंट सिटी रखा है। फिल्मों में डिजिटल माध्यमों के बढ़ते चलन को देखते हुए यह नाम तय किया गया है। इस सिटी में सीरियल व फिल्मों की शूटिंग के स्टूडियो और विशेष स्टूडियो, एनीमेशन, वेब सीरीज, कार्टून फिल्म, डॉक्यूमेंट्री, डिजिटल मीडिया आदि के लिए सभी जरूरी सुविधाएं दी जाएंगी। इसी वजह से इसका नाम फिल्म सिटी से बदलकर इंफोटेनमेंट सिटी रखा गया है। फिल्म प्रोडक्शन स्टूडियो, आउटडोर लोकेशन, स्पेशल इफेक्ट स्टूडियो, होटल, क्लब हाउस, गांव, वर्कशॉप, टूरिस्ट एंड एंटरटेनमेंट, शॉपिंग कांप्लेक्स, फूड कोर्ट, एम्यूजमेंट पार्क, कन्वेंशन सेंटर व पार्किंग आदि बनेंगे।
डीपीआर तैयार करने के लिए अर्नेस्ट एंड यंग को सलाहकार एजेंसी के रूप में नामित किया गया है। यह एजेंसी फिल्मकारों के प्रस्ताव और प्रदेश सरकार की फिल्म नीति को ध्यान में रखते हुए डीपीआर तैयार करेगी। इससे पहले बॉलीवुड के साथ हॉलीवुड व रामोजी फिल्म सिटी का अध्ययन किया जाएगा। फिल्मकारों की तरफ से फिल्म निर्माता-निर्देशक नितिन देसाई इंफोटेनमेंट सिटी का प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं। उनका प्रस्ताव जल्द मिल जाने की उम्मीद है। सीईओ ने 10 दिन में प्रस्ताव शासन को भेज देने की बात कही।
विज्ञापन
तीन विकल्पों पर विचार
सीईओ ने बताया कि इंफोटेनमेंट सिटी बसाने के लिए तीन विकल्पों पर विचार हो रहा है। पहला पीपीपी मॉडल है। इसमें इंफोटेनमेंट सिटी बसाने के लिए निजी कंपनी से करार होगा। वही इसे विकसित करेगी। दोनों की लाभ में हिस्सेदारी तय हो जाएगी। दूसरा, यमुना प्राधिकरण खुद से विकसित करे और खुद ही प्लॉट बेचे और तीसरा, सरकार से सब्सिडी मिले व यमुना प्राधिकरण नोडल एजेंसी के तौर उसे विकसित व आवंटित करे। डीपीआर आने के बाद इस पर निर्णय होगा।
कैसे बनती हैं फिल्में, लोग जान सकेंगे
इंफोटेनमेंट सिटी में फिल्म टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विशेष स्टूडियो बनाए जाएंगे। इसमें आम नागरिक भी जाकर देख सकेंगे कि फिल्मों में स्पेशल इफेक्ट कैसे डाले जाते हैं। साउंड इफेक्ट क्या होता है। दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर की तरह इतिहास पर आधारित फिल्म भी दिखाई जाएगी, ताकि लोग फिल्मों के बारे में बारीकी से जान सकें। इंफोटेनमेंट सिटी को फिल्म इंडस्ट्री और फिल्म टूरिज्म के रूप में विकसित किया जाएगा।
विवि, म्यूजियम व कॉमन फैसिलिटी सेंटर बनेंगे
यहां फिल्म विवि भी बनेगा जिसमें छात्र-छात्राएं इससे संबंधित शिक्षा प्राप्त कर सकेेंगे। फिल्मों से जुड़े विषयों पर रिसर्च भी होगी। इंफोटेनमेंट सिटी में कॉमन फैसिलिटी सेंटर बनेगा। इसमें फिल्म से जुड़ी हुई सारी सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही, म्यूजियम बनाने पर भी विचार हो रहा है। फिल्मों के इतिहास की जानकारी इसमें मिलेगी। इसे डिजिटल और फोटो गैलरी के रूप में विकसित किया जा सकता है। शूटिंग के लिए बनाए जाने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर को इस तरह से बनाया जाएगा, ताकि लोग इसे देखने आ सकें।
विधायके बोले- तीन से चार माह में शुरू हो सकेगी शूटिंग
जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने ट्वीट किया है कि तीन से चार माह में फिल्मों की शूटिंग शुरू हो सकेगी। विधायक ने जनवरी 2021 से यहां शूटिंग शुरू होने की उम्मीद जताई है। विधायक ने बताया कि उनकी फिल्म निर्माता-निर्देशक मधुर भंडारकर और गीतकार मनोज से बात हुई है। दोनों ने तीन से चार माह में शूटिंग शुरू करने की बात कही है। विधायक ने कहा कि फिल्मों के जरिये इस क्षेत्र की सभ्यता-संस्कृति का प्रचार-प्रसार और विस्तार होगा।
विज्ञापन
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में प्रस्तावित फिल्म सिटी का नाम अब इंफोटेनमेंट सिटी होगा। डिजिटल मीडिया के बढ़ते चलन को देखते हुए यह नाम रखा गया है। प्रमुख सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने रविवार को मौके का निरीक्षण किया और 10 दिन में प्रस्ताव भेजने को कहा। वहीं, डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए एजेंसी चुन ली गई है। डीपीआर में बॉलीवुड के साथ हॉलीवुड व रामोजी फिल्म सिटी की भी झलक होगी।
अधिकारियों के अनुसार, अपर मुख्य सचिव गृह व फिल्म बंधु के चेयरमैन अवनीश अवस्थी रविवार सुबह करीब पौने नौ बजे यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-21 पहुंच गए। उनके साथ मुख्यमंत्री के ओएसडी संजीव कुमार सिंह, यीडा सिटी के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह व ओएसडी शैलेंद्र भाटिया भी थे। सभी अधिकारियों ने जगह का मुआयना किया। अवस्थी ने भी सेक्टर-21 की लोकेशन को बेहतर माना। उन्होंने यीडा के सीईओ से इसी लोकेशन के हिसाब से डीपीआर बनवाने को कहा। सीईओ ने बताया कि शासन ने इसका नाम इंफोटेनमेंट सिटी रखा है। फिल्मों में डिजिटल माध्यमों के बढ़ते चलन को देखते हुए यह नाम तय किया गया है। इस सिटी में सीरियल व फिल्मों की शूटिंग के स्टूडियो और विशेष स्टूडियो, एनीमेशन, वेब सीरीज, कार्टून फिल्म, डॉक्यूमेंट्री, डिजिटल मीडिया आदि के लिए सभी जरूरी सुविधाएं दी जाएंगी। इसी वजह से इसका नाम फिल्म सिटी से बदलकर इंफोटेनमेंट सिटी रखा गया है। फिल्म प्रोडक्शन स्टूडियो, आउटडोर लोकेशन, स्पेशल इफेक्ट स्टूडियो, होटल, क्लब हाउस, गांव, वर्कशॉप, टूरिस्ट एंड एंटरटेनमेंट, शॉपिंग कांप्लेक्स, फूड कोर्ट, एम्यूजमेंट पार्क, कन्वेंशन सेंटर व पार्किंग आदि बनेंगे।
विज्ञापन
डीपीआर तैयार करने के लिए अर्नेस्ट एंड यंग को सलाहकार एजेंसी के रूप में नामित किया गया है। यह एजेंसी फिल्मकारों के प्रस्ताव और प्रदेश सरकार की फिल्म नीति को ध्यान में रखते हुए डीपीआर तैयार करेगी। इससे पहले बॉलीवुड के साथ हॉलीवुड व रामोजी फिल्म सिटी का अध्ययन किया जाएगा। फिल्मकारों की तरफ से फिल्म निर्माता-निर्देशक नितिन देसाई इंफोटेनमेंट सिटी का प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं। उनका प्रस्ताव जल्द मिल जाने की उम्मीद है। सीईओ ने 10 दिन में प्रस्ताव शासन को भेज देने की बात कही।
विज्ञापन
तीन विकल्पों पर विचार
सीईओ ने बताया कि इंफोटेनमेंट सिटी बसाने के लिए तीन विकल्पों पर विचार हो रहा है। पहला पीपीपी मॉडल है। इसमें इंफोटेनमेंट सिटी बसाने के लिए निजी कंपनी से करार होगा। वही इसे विकसित करेगी। दोनों की लाभ में हिस्सेदारी तय हो जाएगी। दूसरा, यमुना प्राधिकरण खुद से विकसित करे और खुद ही प्लॉट बेचे और तीसरा, सरकार से सब्सिडी मिले व यमुना प्राधिकरण नोडल एजेंसी के तौर उसे विकसित व आवंटित करे। डीपीआर आने के बाद इस पर निर्णय होगा।
कैसे बनती हैं फिल्में, लोग जान सकेंगे
इंफोटेनमेंट सिटी में फिल्म टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विशेष स्टूडियो बनाए जाएंगे। इसमें आम नागरिक भी जाकर देख सकेंगे कि फिल्मों में स्पेशल इफेक्ट कैसे डाले जाते हैं। साउंड इफेक्ट क्या होता है। दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर की तरह इतिहास पर आधारित फिल्म भी दिखाई जाएगी, ताकि लोग फिल्मों के बारे में बारीकी से जान सकें। इंफोटेनमेंट सिटी को फिल्म इंडस्ट्री और फिल्म टूरिज्म के रूप में विकसित किया जाएगा।
विवि, म्यूजियम व कॉमन फैसिलिटी सेंटर बनेंगे
यहां फिल्म विवि भी बनेगा जिसमें छात्र-छात्राएं इससे संबंधित शिक्षा प्राप्त कर सकेेंगे। फिल्मों से जुड़े विषयों पर रिसर्च भी होगी। इंफोटेनमेंट सिटी में कॉमन फैसिलिटी सेंटर बनेगा। इसमें फिल्म से जुड़ी हुई सारी सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही, म्यूजियम बनाने पर भी विचार हो रहा है। फिल्मों के इतिहास की जानकारी इसमें मिलेगी। इसे डिजिटल और फोटो गैलरी के रूप में विकसित किया जा सकता है। शूटिंग के लिए बनाए जाने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर को इस तरह से बनाया जाएगा, ताकि लोग इसे देखने आ सकें।
विधायके बोले- तीन से चार माह में शुरू हो सकेगी शूटिंग
जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने ट्वीट किया है कि तीन से चार माह में फिल्मों की शूटिंग शुरू हो सकेगी। विधायक ने जनवरी 2021 से यहां शूटिंग शुरू होने की उम्मीद जताई है। विधायक ने बताया कि उनकी फिल्म निर्माता-निर्देशक मधुर भंडारकर और गीतकार मनोज से बात हुई है। दोनों ने तीन से चार माह में शूटिंग शुरू करने की बात कही है। विधायक ने कहा कि फिल्मों के जरिये इस क्षेत्र की सभ्यता-संस्कृति का प्रचार-प्रसार और विस्तार होगा।