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सरकार के कानों तक आवाज पहुंचाने के लिए किसान 15 अक्तूबर को करेंगे आवाज बुलंद: डल्लेवाल
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
किसान भवन चंडीगढ़ में शुक्रवार को संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) की बैठक हुई। इसमें पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और यूपी के किसान नेता शामिल हुए। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि सरकारें हमें फिर से आंदोलन के लिए फिर से मजबूर कर रही हैं। उन्होंने कहा कि एमएसपी गारंटी कानून, किसानों की कर्जमाफी और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को अभी तक लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि उक्त चारों राज्यों के किसान 15 अक्तूबर को धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगें फिर से बुलंद करेंगे। उसके बाद सुनवाई न हुई तो चंडीगढ़ कूच करते हुए गवर्नर हाउस का घेराव किया जाएगा। उसके बाद भी यदि उनकी मांगों के प्रति सरकारों ने गंभीरता न दिखाई तो एक बार फिर से किसान पक्का मोर्चा लगाने को मजबूर होंगे। डल्लेवाल के साथ किसान नेता अमरजीत सिंह राड़ा और अभिमन्यु कोहाड़ भी मौजूद थे। डल्लेवाल ने नाराजगी जताते हुए कहा कि दिल्ली में धरने के दौरान केंद्र की ओर से संयुक्त किसान मोर्चा को केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात के लिए लिखित आश्वासन मिला था लेकिन अभी तक कोई बुलावा नहीं मिला है।
एक लाख प्रति एकड़ मिले मुआवजा
किसान नेता डल्लेवाल ने मांग की कि बाढ़ पीड़ित किसानों को 20 हजार के बजाय एक लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाना चाहिए। बाढ़ में जिनके घर बह गए हैं उन्हें 10 लाख रुपये मिलें। बाढ़ में जिन लोगों की मौत हो गई है उनके परिजनों को 25-25 लाख रुपये दिए जाएं। केंद्र सरकार पंजाब में आई बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करे।
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चंडीगढ़।
किसान भवन चंडीगढ़ में शुक्रवार को संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) की बैठक हुई। इसमें पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और यूपी के किसान नेता शामिल हुए। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि सरकारें हमें फिर से आंदोलन के लिए फिर से मजबूर कर रही हैं। उन्होंने कहा कि एमएसपी गारंटी कानून, किसानों की कर्जमाफी और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को अभी तक लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि उक्त चारों राज्यों के किसान 15 अक्तूबर को धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगें फिर से बुलंद करेंगे। उसके बाद सुनवाई न हुई तो चंडीगढ़ कूच करते हुए गवर्नर हाउस का घेराव किया जाएगा। उसके बाद भी यदि उनकी मांगों के प्रति सरकारों ने गंभीरता न दिखाई तो एक बार फिर से किसान पक्का मोर्चा लगाने को मजबूर होंगे। डल्लेवाल के साथ किसान नेता अमरजीत सिंह राड़ा और अभिमन्यु कोहाड़ भी मौजूद थे। डल्लेवाल ने नाराजगी जताते हुए कहा कि दिल्ली में धरने के दौरान केंद्र की ओर से संयुक्त किसान मोर्चा को केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात के लिए लिखित आश्वासन मिला था लेकिन अभी तक कोई बुलावा नहीं मिला है।
एक लाख प्रति एकड़ मिले मुआवजा
किसान नेता डल्लेवाल ने मांग की कि बाढ़ पीड़ित किसानों को 20 हजार के बजाय एक लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाना चाहिए। बाढ़ में जिनके घर बह गए हैं उन्हें 10 लाख रुपये मिलें। बाढ़ में जिन लोगों की मौत हो गई है उनके परिजनों को 25-25 लाख रुपये दिए जाएं। केंद्र सरकार पंजाब में आई बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करे।
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