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Noida News: हाईड पार्क में पीएफ-ईएसआई से जुड़ेंगे कर्मचारी
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दिनेश नेगी।
सोसाइटी में पहली बार कटेगा पीएफ और ईएसआई
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-78 स्थित हाईड पार्क सोसाइटी में आयोजित आम सभा (जीबीएम) में कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) और कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) से जोड़ने का निर्णय लिया गया। अपार्टमेंट संगठन के अनुसार, सोसाइटी में काम करने वाले सभी कर्मचारियों को इन योजनाओं से जोड़ा जाएगा। बैठक में 20 कर्मचारियों के उदाहरण के माध्यम से बताया गया कि ईपीएफ-ईएसआई के उचित प्रबंधन से सोसाइटी को हर महीने करीब एक लाख रुपये की बचत हो सकती है। इसके साथ ही कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ भी मिलेगा। एओए का कहना है कि सोसाइटी में पहले 20 कर्मचारियों से इसे शुरू किया जाएगा। आगे करीब 50 से अधिक कर्मचारियों को इससे जोड़ा जाएगा। जीबीएम में पिछले पांच वर्षों की आय, खर्च और घाटे का ब्योरा सदस्यों के सामने रखा गया। साथ ही, वित्तीय स्थिति में सुधार और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण के उपायों पर भी विचार किया गया। सोसाइटी साल 2020 में हैंडओवर हो गई थी, इसके बाद कर्मचारियों के लिए ये फैसला काफी महत्वपूर्ण है।
सभी कर्मचारियों को योजना से जोड़ने की तैयारी
जीबीएम में कर्मचारियों के ईपीएफ और ईएसआई से संबंधित प्रावधानों को लागू करने पर जोर दिया गया। संगठन का कहना है कि सोसाइटी में काम करने वाले सभी पात्र कर्मचारियों को इन योजनाओं से जोड़ा जाएगा। इससे कर्मचारियों को भविष्य निधि और नियमानुसार चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल सकेगा। अपार्टमेंट संगठन के एक पदाधिकारी ने बताया कि सोसाइटी में काम करने वाले सभी पात्र कर्मचारियों को ईपीएफ और ईएसआई से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। इससे कर्मचारियों को भविष्य निधि और नियमानुसार चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। साथ ही, व्यवस्था को बेहतर तरीके से लागू करने पर सोसाइटी के खर्चों में भी बचत हो सकती है।
पांच साल के आय-व्यय का ब्योरा रखा
बैठक में वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 की बैलेंस शीट की जानकारी सदस्यों के सामने प्रस्तुत की गई। इसके अलावा, वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक पांच वर्षों की आय और खर्च का वर्षवार ब्योरा भी साझा किया गया। सदस्यों ने इस दौरान हुए घाटे के कारणों पर चर्चा की और भविष्य में इसे कम करने के उपायों पर विचार किया। जीबीएम में पिछले पांच वर्षों की आय, खर्च और घाटे का ब्योरा सदस्यों के सामने रखा गया। हमारा प्रयास है कि वित्तीय व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण किया जाए। ईपीएफ-ईएसआई के नियमों का पालन करते हुए कर्मचारियों के हितों का भी ध्यान रखा जाएगा।
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कोट
हमारी सोसाइटी में काम करने वाला कर्मचारी हमारे लिए तैनात रहता है, ऐसे में उनके लिए भी एओए ने पीएफ और ईएसआई शुरू करने जा रही है। इससे उनके भविष्य के लिए पैसा बच सकेगा। - अमित गुप्ता, सचिव
कोट
इस फैसले से काम करने आए लोगों में अपने काम के प्रति एक मोटिवेशन मिलेगा। सोसाइटी के विकास में सबसे बड़ा महत्व उन्हीं लोगों का होता है, ऐसे करने से सोसाइटी जो टेक्स भरती है वह भी मिलेगा। - दिनेश नेगी, उपाध्यक्ष
खर्चों पर नियंत्रण और प्रबंधन में सुधार पर जोर
एओए के अनुसार, जीबीएम में सोसाइटी के दैनिक प्रबंधन को बेहतर बनाने और खर्चों की नियमित समीक्षा करने पर भी चर्चा हुई। कर्मचारियों को ईपीएफ-ईएसआई से जोड़ने की प्रक्रिया जल्द लागू करने की तैयारी है। इसके जरिए कर्मचारियों को नियमानुसार सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ सोसाइटी की वित्तीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-78 स्थित हाईड पार्क सोसाइटी में आयोजित आम सभा (जीबीएम) में कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) और कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) से जोड़ने का निर्णय लिया गया। अपार्टमेंट संगठन के अनुसार, सोसाइटी में काम करने वाले सभी कर्मचारियों को इन योजनाओं से जोड़ा जाएगा। बैठक में 20 कर्मचारियों के उदाहरण के माध्यम से बताया गया कि ईपीएफ-ईएसआई के उचित प्रबंधन से सोसाइटी को हर महीने करीब एक लाख रुपये की बचत हो सकती है। इसके साथ ही कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ भी मिलेगा। एओए का कहना है कि सोसाइटी में पहले 20 कर्मचारियों से इसे शुरू किया जाएगा। आगे करीब 50 से अधिक कर्मचारियों को इससे जोड़ा जाएगा। जीबीएम में पिछले पांच वर्षों की आय, खर्च और घाटे का ब्योरा सदस्यों के सामने रखा गया। साथ ही, वित्तीय स्थिति में सुधार और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण के उपायों पर भी विचार किया गया। सोसाइटी साल 2020 में हैंडओवर हो गई थी, इसके बाद कर्मचारियों के लिए ये फैसला काफी महत्वपूर्ण है।
सभी कर्मचारियों को योजना से जोड़ने की तैयारी
जीबीएम में कर्मचारियों के ईपीएफ और ईएसआई से संबंधित प्रावधानों को लागू करने पर जोर दिया गया। संगठन का कहना है कि सोसाइटी में काम करने वाले सभी पात्र कर्मचारियों को इन योजनाओं से जोड़ा जाएगा। इससे कर्मचारियों को भविष्य निधि और नियमानुसार चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल सकेगा। अपार्टमेंट संगठन के एक पदाधिकारी ने बताया कि सोसाइटी में काम करने वाले सभी पात्र कर्मचारियों को ईपीएफ और ईएसआई से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। इससे कर्मचारियों को भविष्य निधि और नियमानुसार चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। साथ ही, व्यवस्था को बेहतर तरीके से लागू करने पर सोसाइटी के खर्चों में भी बचत हो सकती है।
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पांच साल के आय-व्यय का ब्योरा रखा
बैठक में वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 की बैलेंस शीट की जानकारी सदस्यों के सामने प्रस्तुत की गई। इसके अलावा, वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक पांच वर्षों की आय और खर्च का वर्षवार ब्योरा भी साझा किया गया। सदस्यों ने इस दौरान हुए घाटे के कारणों पर चर्चा की और भविष्य में इसे कम करने के उपायों पर विचार किया। जीबीएम में पिछले पांच वर्षों की आय, खर्च और घाटे का ब्योरा सदस्यों के सामने रखा गया। हमारा प्रयास है कि वित्तीय व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण किया जाए। ईपीएफ-ईएसआई के नियमों का पालन करते हुए कर्मचारियों के हितों का भी ध्यान रखा जाएगा।
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हमारी सोसाइटी में काम करने वाला कर्मचारी हमारे लिए तैनात रहता है, ऐसे में उनके लिए भी एओए ने पीएफ और ईएसआई शुरू करने जा रही है। इससे उनके भविष्य के लिए पैसा बच सकेगा। - अमित गुप्ता, सचिव
कोट
इस फैसले से काम करने आए लोगों में अपने काम के प्रति एक मोटिवेशन मिलेगा। सोसाइटी के विकास में सबसे बड़ा महत्व उन्हीं लोगों का होता है, ऐसे करने से सोसाइटी जो टेक्स भरती है वह भी मिलेगा। - दिनेश नेगी, उपाध्यक्ष
खर्चों पर नियंत्रण और प्रबंधन में सुधार पर जोर
एओए के अनुसार, जीबीएम में सोसाइटी के दैनिक प्रबंधन को बेहतर बनाने और खर्चों की नियमित समीक्षा करने पर भी चर्चा हुई। कर्मचारियों को ईपीएफ-ईएसआई से जोड़ने की प्रक्रिया जल्द लागू करने की तैयारी है। इसके जरिए कर्मचारियों को नियमानुसार सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ सोसाइटी की वित्तीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया जाएगा।

दिनेश नेगी।