{"_id":"6ace24b0023427f5d10cc5a4","slug":"emphasis-on-extra-study-for-board-exams-noida-news-c-23-1-lko1064-109012-2026-10-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: बोर्ड परीक्षा के लिए अतिरिक्त पढ़ाई पर जोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: बोर्ड परीक्षा के लिए अतिरिक्त पढ़ाई पर जोर
विज्ञापन
- 5 से 24 फरवरी तक होंगी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं, कमजोर विद्यार्थियों पर फोकस
सरकारी विद्यालयों के परिणाम सुधारने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की वर्ष 2027 की परीक्षाओं की तारीख घोषित होते ही गौतम बुद्ध नगर के माध्यमिक विद्यालयों में तैयारियां तेज हो गई हैं। जिले में बेहतर परीक्षा परिणाम सुनिश्चित करने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने अभी से रणनीति बनानी शुरू कर दी है। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) ने विद्यालयों से कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं संचालित करने की अपील की है। इस बार सरकारी स्कूलों के परीक्षा परिणाम सुधारने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विभाग के अनुसार, यूपी बोर्ड की परीक्षाएं पांच फरवरी से 24 फरवरी 2027 तक आयोजित होंगी। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं दो पालियों में कराई जाएंगी। पहली पाली सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर दो बजे से शाम 5:15 बजे तक चलेगी। विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा। परीक्षा के पहले दिन हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में हिंदी और प्रारंभिक हिंदी विषय की परीक्षा आयोजित होगी। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा कार्यक्रम सामने आने के बाद विद्यालयों में पाठ्यक्रम पूरा कराने के साथ ही दोहराव और अभ्यास पर जोर दिया जाएगा। खासकर उन विद्यार्थियों को चिह्नित किया जाएगा, जिन्हें विषयों को समझने और परीक्षा की तैयारी में परेशानी हो रही है। ऐसे विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं चलाकर उनकी विषयवार कमजोरियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
परिणाम सुधारने की चुनौती
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में सरकारी माध्यमिक विद्यालयों के परीक्षा परिणाम बेहतर करना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। इसके लिए विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई, पाठ्यक्रम की समय से पूर्णता और परीक्षा की तैयारी की समीक्षा पर जोर दिया जाएगा। विभाग का प्रयास है कि कमजोर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को समय रहते अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग मिले, जिससे वे भी अच्छे अंक हासिल कर सकें। डीआईओएस चंद्रशेखर का कहना है कि बोर्ड परीक्षा में बेहतर परिणाम के लिए स्कूलों को अभी से गंभीरता के साथ तैयारी करनी होगी। कमजोर विद्यार्थियों के लिए विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षाएं संचालित की जाएं और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकारी विद्यालयों के परिणाम सुधारने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की वर्ष 2027 की परीक्षाओं की तारीख घोषित होते ही गौतम बुद्ध नगर के माध्यमिक विद्यालयों में तैयारियां तेज हो गई हैं। जिले में बेहतर परीक्षा परिणाम सुनिश्चित करने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने अभी से रणनीति बनानी शुरू कर दी है। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) ने विद्यालयों से कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं संचालित करने की अपील की है। इस बार सरकारी स्कूलों के परीक्षा परिणाम सुधारने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विभाग के अनुसार, यूपी बोर्ड की परीक्षाएं पांच फरवरी से 24 फरवरी 2027 तक आयोजित होंगी। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं दो पालियों में कराई जाएंगी। पहली पाली सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर दो बजे से शाम 5:15 बजे तक चलेगी। विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा। परीक्षा के पहले दिन हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में हिंदी और प्रारंभिक हिंदी विषय की परीक्षा आयोजित होगी। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा कार्यक्रम सामने आने के बाद विद्यालयों में पाठ्यक्रम पूरा कराने के साथ ही दोहराव और अभ्यास पर जोर दिया जाएगा। खासकर उन विद्यार्थियों को चिह्नित किया जाएगा, जिन्हें विषयों को समझने और परीक्षा की तैयारी में परेशानी हो रही है। ऐसे विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं चलाकर उनकी विषयवार कमजोरियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
परिणाम सुधारने की चुनौती
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में सरकारी माध्यमिक विद्यालयों के परीक्षा परिणाम बेहतर करना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। इसके लिए विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई, पाठ्यक्रम की समय से पूर्णता और परीक्षा की तैयारी की समीक्षा पर जोर दिया जाएगा। विभाग का प्रयास है कि कमजोर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को समय रहते अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग मिले, जिससे वे भी अच्छे अंक हासिल कर सकें। डीआईओएस चंद्रशेखर का कहना है कि बोर्ड परीक्षा में बेहतर परिणाम के लिए स्कूलों को अभी से गंभीरता के साथ तैयारी करनी होगी। कमजोर विद्यार्थियों के लिए विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षाएं संचालित की जाएं और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।
विज्ञापन