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Noida News: जेवर में लंपी के मिले आठ संदिग्ध पशु, सक्रिय हुआ पशु चिकित्सा विभाग

Wed, 16 Sep 2026 09:19 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2026 09:19 PM IST
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Eight suspected Lumpi animals found in Jewar, veterinary department activated
-पशु चिकित्सकों ने क्षेत्र की गोशालाओं में चलाया विशेष टीकाकरण अभियान, 1600 गोवंश को लगे टीके
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माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी। जेवर क्षेत्र में पिछले करीब 15 दिनों के भीतर लंपी स्किन डिसीज के आठ संदिग्ध पशुओं की पहचान हुई है। हालांकि, जांच और उपचार के बाद सभी संदिग्ध पशु फिलहाल स्वस्थ बताए जा रहे हैं। संक्रमण की रोकथाम के लिए क्षेत्र की चार गोशालाओं में करीब 1,600 गोवंश को लंपी वायरस की वैक्सीन लगाई गई है।
अभियान के तहत जेवर नगर पंचायत, रबूपुरा नगर पंचायत, फलैदा और जेवर बांगर स्थित गोशालाओं में टीकाकरण किया गया। पशु चिकित्सकों के अनुसार वर्तमान में स्थिति सामान्य है। इसके बावजूद संक्रमण की आशंका को देखते हुए गोशालाओं में लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि बीमारी को फैलने से रोका जा सके।
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प्रशासन ने पशुपालकों से अपील की है कि यदि किसी पशु में लंपी स्किन डिसीज के लक्षण दिखाई दें तो तत्काल टोल फ्री नंबर 1962 पर संपर्क करें। अधिकारियों के मुताबिक समय पर सूचना मिलने से संदिग्ध पशुओं की जांच और आवश्यक उपचार किया जा सकेगा।
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क्या हैं लंपी के लक्षण
- तेज बुखार, आंख-नाक से पानी आना, पैरों में सूजन और शरीर पर कठोर गांठें।

- गांठों में संक्रमण, नेक्रोसिस या अल्सर हो सकते हैं।

- वजन और दूध उत्पादन में कमी, कमजोरी; गंभीर स्थिति में मौत का खतरा।

- गाभिन पशुओं में गर्भपात की आशंका।

बीमारी होने पर क्या करें
- तुरंत पशु चिकित्साधिकारी को सूचना दें और संक्रमित पशु को अलग रखें।

- पशु का आवागमन रोकें और साफ पानी उपलब्ध कराएं।

- मच्छर, मक्खी व किलनी से बचाव के लिए कीटनाशक का इस्तेमाल करें।

- बीमार पशु की देखभाल करने वालों को स्वस्थ पशुओं से दूर रखें।

- पहले स्वस्थ और बाद में बीमार पशुओं को चारा-पानी दें।




क्या न करें
- पशुओं को सामूहिक चराई पर न भेजें।

- बीमार और स्वस्थ पशुओं को साथ न रखें और न ही चारा-पानी कराएं।

- प्रभावित क्षेत्रों से पशु न खरीदें।

- बीमार पशु का दूध बछड़े को न पिलाएं।
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क्षेत्र में लंपी वायरस को रोकने के लिए विशेष टीकाकरण अभियान चलाया गया है। इसके तहत करीब 1600 गोवंश को टीका लगाया गया है। फिलहाल क्षेत्र में वायरस का प्रकोप ना के बराबर है। -
डॉ. संदीप माहेश्वरी, उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जेवर
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