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बॉक्सरों का भविष्य संवार रहीं सोनम: कड़ी मेहनत से राजमिस्त्री की बेटी बनी यूपी की कोच, इस नेता ने भी की मदद

Fri, 22 Mar 2024 02:46 AM IST
नोएडा ब्यूरो जेपी शर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
जेपी शर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Fri, 22 Mar 2024 02:46 AM IST
सार

शहीद विजय सिंह पथिक स्पोर्ट्स काॅम्प्लेक्स में आयोजित राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में बॉक्सरों का भविष्य संवारने के लिए सोनम दिन-रात मेहनत कर रहीं हैं। इसके चलते वह रोजा भी नहीं रख पा रहीं हैं।

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Due to hard work during Corona period, mason's daughter became coach of UP
सोनम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मिलक गांव के राजमिस्त्री साबिर की बेटी सोनम ने कोरोना काल में सादोपुर की अकादमी में पहली बार बॉक्सिंग का अभ्यास किया। सोनम ने अपनी मेहनत व प्रतिभा के दम पर विवि गेम्स में राष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल किया। इसके बाद एनआईएस (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स) में पढ़ाई करने के बाद सब जूनियर राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में यूपी टीम की कोच बन गईं।

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शहीद विजय सिंह पथिक स्पोर्ट्स काॅम्प्लेक्स में आयोजित राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में बॉक्सरों का भविष्य संवारने के लिए सोनम दिन-रात मेहनत कर रहीं हैं। इसके चलते वह रोजा भी नहीं रख पा रहीं हैं। सोनम और उनके कोच प्रमोद कुमार का कहना है कि माता-पिता ने बॉक्सर बनने में काफी साथ दिया लेकिन जब ननिहाल पक्ष को इसकी जानकारी हुई तो उन्हें कड़े विरोध का सामना करना पड़ा था। ननिहाल पक्ष का कहना था कि मुस्लिम बेटियां गेम नहीं खेलतीं, लेकिन इसके बावजूद सोनम ने अभ्यास जारी रखा।
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सोनम उस दौरान बादलपुर के कु. मायावती महिला महाविद्यालय से ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहीं थीं। सोनम ने यूनिवर्सिटी गेम्स की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शिरकत कर बॉक्सिंग में कांस्य पदक जीता। इसके बाद भी सोनम की मुसीबत कम नहीं हुई। आर्थिक तंगी के कारण सोनम एनआईएस की तैयारी नहीं कर पा रही थीं, लेकिन एक नेता की मदद से एनआईएस का प्राथमिक कोर्स पास किया। इसके बाद सोनम को अन्य कोचों के साथ यूपी की सब जूनियर बॉक्सिंग टीम का कोच बनाया गया है।
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भाइयों पर पड़ती थी भारी तो पिता ने कराई तैयारी
सोनम से पूछा गया कि उनके पिता ने ऐसा क्या देखा कि जो उन्हें बॉक्सिंग का प्रशिक्षण दिलाया। उन्होंने बताया कि उसके तीन भाई हैं, एक भाई बड़ा और दो छोटे हैं। जब भी भाइयों से किसी बात पर विवाद होता तो सोनम उन पर भारी पड़ती थीं और मुक्कों का इस्तेमाल करती थीं। मोबाइल व टीवी पर भी उसे फाइट देखना पसंद था।


देशभर के बॉक्सरों की देखभाल कर रहीं धीरज
हरियाणा के फरीदाबाद की रहने वाली धीरज कुमारी ने वर्ष 2014 में विवि गेम्स बॉक्सिंग में राष्ट्रीय स्तर पर सिल्वर मेडल जीता था। पांच बार स्टेट चैंपियन रहीं हैं। धीरज कुमारी फिलहल दनकौर के प्राइमरी विद्यालय में शिक्षिका हैं। धीरज मतदाता जागरुकता कार्यक्रम के अंतर्गत बॉक्सरों को मतदान के प्रति जागरूक करने के अलावा उनकी देखभाल भी कर रही हैं। धीरज कुमारी ने बॉक्सरों को होटल से स्टेडियम लाने और ले जाने का भी जिम्मा संभाला है।

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