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Twin Tower Blast: ट्विन टावर में आज विस्फोटक लगाने पर संशय गहराया, जानिए क्यों
Tue, 02 Aug 2022 10:31 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 02 Aug 2022 10:31 AM IST
सार
ट्विन टावर में विस्फोटक लगाने की एनओसी नहीं मिली है। गाइडलाइंस के आधार पर नोएडा पुलिस सुपरटेक को एनओसी देगी। पलवल से विस्फोटक लाने और ट्विन टावर में प्रयोग की अनुमति मिलेगी।
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ट्विन टावर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नोएडा के सेक्टर-93ए स्थित सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट ट्विन टावर में मंगलवार से विस्फोटक लगाने का काम शुरू होने पर संशय गहरा गया है। पलवल से विस्फोटक नोएडा लाने और ट्विन टावर के लिए जरूरी एनओसी अभी सुपरटेक और एडिफिस इंजीनियरिंग को नहीं मिली है। मंगलवार सुबह तक एनओसी नहीं मिली तो विस्फोटक लगाने का काम शुरू नहीं हो पाएगा।
दरअसल, इतनी बड़ी मात्रा में पलवल से विस्फोटक लाने और ट्विन टावर में प्रयोग के लिए पुलिस की एनओसी जरूरी होती है। इससे पहले नोएडा पुलिस को डायरेक्टर ऑफ एक्सप्लोसिव कंट्रोलर आगरा से गाइडलाइंस चाहिए। जब तक इसकी गाइडलाइंस नहीं मिलती तब तक नोएडा पुलिस एनओसी नहीं दे पाएगी। इस बाबत सुपरटेक प्रबंधन का कहना है कि आगरा कार्यालय से लगातार बातचीत चल रही है।
अभी तक न आगरा से गाइडलाइंस मिली है और न ही नोएडा से पुलिस की एनओसी मिली है। वहीं नोएडा पुलिस भी आगरा से आने वाली गाइडलाइंस का इंतजार कर रही है। उधर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ प्रवीण कुमार मिश्र ने बताया कि विस्फोटक लाने के लिए एनओसी की व्यवस्था कराई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि ट्विन टावर गिराने का पूरा काम समयबद्ध तरीके से किया जाएगा।
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एनओसी मिलने में देरी का काम पर पड़ेगा असर
अगर समय से एनओसी नहीं मिली तो इसका आगे के काम पर असर पड़ेगा। बिल्डर प्रबंधन का कहना है कि 32-32 मंजिल के दो टावरों में विस्फोटक लगाने हैं। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट को दिए स्टेटस रिपोर्ट में दो अगस्त से विस्फोटक लगाने की बात कही गई है। जबकि 21 अगस्त को विस्फोट कराना है। वहीं इससे पहले भी कई प्रकार की व्यवस्था करनी है। ऐसे में जितनी देरी होगी। उतना नुकसान होगा।
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दरअसल, इतनी बड़ी मात्रा में पलवल से विस्फोटक लाने और ट्विन टावर में प्रयोग के लिए पुलिस की एनओसी जरूरी होती है। इससे पहले नोएडा पुलिस को डायरेक्टर ऑफ एक्सप्लोसिव कंट्रोलर आगरा से गाइडलाइंस चाहिए। जब तक इसकी गाइडलाइंस नहीं मिलती तब तक नोएडा पुलिस एनओसी नहीं दे पाएगी। इस बाबत सुपरटेक प्रबंधन का कहना है कि आगरा कार्यालय से लगातार बातचीत चल रही है।
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अभी तक न आगरा से गाइडलाइंस मिली है और न ही नोएडा से पुलिस की एनओसी मिली है। वहीं नोएडा पुलिस भी आगरा से आने वाली गाइडलाइंस का इंतजार कर रही है। उधर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ प्रवीण कुमार मिश्र ने बताया कि विस्फोटक लाने के लिए एनओसी की व्यवस्था कराई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि ट्विन टावर गिराने का पूरा काम समयबद्ध तरीके से किया जाएगा।
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एनओसी मिलने में देरी का काम पर पड़ेगा असर
अगर समय से एनओसी नहीं मिली तो इसका आगे के काम पर असर पड़ेगा। बिल्डर प्रबंधन का कहना है कि 32-32 मंजिल के दो टावरों में विस्फोटक लगाने हैं। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट को दिए स्टेटस रिपोर्ट में दो अगस्त से विस्फोटक लगाने की बात कही गई है। जबकि 21 अगस्त को विस्फोट कराना है। वहीं इससे पहले भी कई प्रकार की व्यवस्था करनी है। ऐसे में जितनी देरी होगी। उतना नुकसान होगा।
दो वैन में लाए जाएंगे विस्फोटक
करीब 3500 विस्फोटक को पलवल से दो वैन में लाया जाएगा। एक में जिलेटिन की छड़ तो दूसरे में डिटोनेटर होंगे। इसको एक पुलिस की गाड़ी की निगरानी में लाया जाएगा। पूरा काम एहतियात के साथ होगा। अगर नोएडा पुलिस एनओसी दे देती है तो संभव है कि विस्फोटकों की सुरक्षा के लिए कमिश्नरेट पुलिस पलवल जाए। इससे पहले ट्विन टावर के आसपास कैमरे आदि लगाए जाने की बात कही गई। विस्फोटकों के नोएडा आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी जाएगी।
ऊपरी तल से लगाए जाएंगे विस्फोटक
बिल्डर प्रबंधन का कहना है कि विस्फोटक आने के बाद ऊपरी तल से लगाया जाएगा। इसके लिए एडिफिस इंजीनियरिंग की ओर से तैयारी की गई है। विस्फोटक लगाने के दौरान परिसर के आसपास कड़ी सुरक्षा की जाएगी।
ऊपरी तल से लगाए जाएंगे विस्फोटक
बिल्डर प्रबंधन का कहना है कि विस्फोटक आने के बाद ऊपरी तल से लगाया जाएगा। इसके लिए एडिफिस इंजीनियरिंग की ओर से तैयारी की गई है। विस्फोटक लगाने के दौरान परिसर के आसपास कड़ी सुरक्षा की जाएगी।