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Noida News: पीड़िता समेत तीन गवाह पलटे, दुष्कर्म का आरोपी बरी
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- 13 जून 2022 को महिला की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज हुई थी
(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सत्र अदालत ने दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। मामला वर्ष 2022 में थाना सेक्टर 49 नोएडा में दर्ज हुआ था। 13 जून 2022 को महिला की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। आरोप था कि 2015 में नौकरी की तलाश में नोएडा आई महिला की मुलाकात आरोपी से हुई थी। आरोपी ने उसकी नौकरी लगवाई और बाद में अपने कमरे पर बुलाकर कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म किया। आरोप यह भी था कि उसने आपत्तिजनक फोटो खींचकर वायरल करने की धमकी दी, गर्भवती होने पर जबरन गर्भपात कराया और शादी के बाद ससुराल पहुंचकर ब्लैकमेल करता रहा।
बाज में पीड़िता ने अदालत में कहा कि आरोपी ने न दुष्कर्म किया, न नशीला पदार्थ पिलाया, न आपत्तिजनक वीडियो बनाया। आरोपी के एक परिचित ने उसे बहकाया था, जिसके कहने पर वह वकील के पास गई। अभियोजन ने उसे पक्षद्रोही घोषित कराया। बहन और भाई ने भी दुष्कर्म का समर्थन नहीं किया। बहन ने कहा कि आरोपी ने जबरन दुष्कर्म नहीं किया। भाई ने कहा कि दारोगा को कोई बयान नहीं दिया था। अदालत ने कहा कि तथ्य के गवाह पीड़िता, उसकी बहन और भाई ने घटना का समर्थन नहीं किया और पिता का बयान भी जिरह में अभियोजन के पक्ष में नहीं टिका। इन आधारों पर अदालत ने माना कि आरोप संदेह से परे साबित नहीं होता और आरोपी को बरी कर दिया।
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(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सत्र अदालत ने दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। मामला वर्ष 2022 में थाना सेक्टर 49 नोएडा में दर्ज हुआ था। 13 जून 2022 को महिला की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। आरोप था कि 2015 में नौकरी की तलाश में नोएडा आई महिला की मुलाकात आरोपी से हुई थी। आरोपी ने उसकी नौकरी लगवाई और बाद में अपने कमरे पर बुलाकर कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म किया। आरोप यह भी था कि उसने आपत्तिजनक फोटो खींचकर वायरल करने की धमकी दी, गर्भवती होने पर जबरन गर्भपात कराया और शादी के बाद ससुराल पहुंचकर ब्लैकमेल करता रहा।
बाज में पीड़िता ने अदालत में कहा कि आरोपी ने न दुष्कर्म किया, न नशीला पदार्थ पिलाया, न आपत्तिजनक वीडियो बनाया। आरोपी के एक परिचित ने उसे बहकाया था, जिसके कहने पर वह वकील के पास गई। अभियोजन ने उसे पक्षद्रोही घोषित कराया। बहन और भाई ने भी दुष्कर्म का समर्थन नहीं किया। बहन ने कहा कि आरोपी ने जबरन दुष्कर्म नहीं किया। भाई ने कहा कि दारोगा को कोई बयान नहीं दिया था। अदालत ने कहा कि तथ्य के गवाह पीड़िता, उसकी बहन और भाई ने घटना का समर्थन नहीं किया और पिता का बयान भी जिरह में अभियोजन के पक्ष में नहीं टिका। इन आधारों पर अदालत ने माना कि आरोप संदेह से परे साबित नहीं होता और आरोपी को बरी कर दिया।
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