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Noida News: निक्की भाटी हत्याकांडः पत्नी को जलाकर मारने के आरोपी पति विपिन भाटी को हाईकोर्ट से जमानत
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(अदालत से)
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना, प्रथम दृष्टया जलाने का कोई साक्ष्य नहीं
- डॉक्टर-नर्स के बयान और अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज को बनाया आधार
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निक्की भाटी हत्याकांड के मामले में पत्नी को जलाकर मार डालने के आरोप में एक साल से अधिक समय से जेल में बंद पति विपिन को जमानत दी है। न्यायमूर्ति समीर जैन की एकल पीठ ने कहा कि मौजूदा स्थिति में रिकॉर्ड पर ऐसी कोई सामग्री नहीं है। जिससे प्रथम दृष्टया यह कहा जा सके कि आवेदक ने पत्नी को जलाया।
विपिन के खिलाफ थाना कासना में प्राथमिकी दर्ज है। एफआईआर मृतका की बहन ने दर्ज कराई थी। आरोप है कि उसकी शादी आरोपी के भाई से हुई है और वह उसी घर में रहती थी। विपिन और उसके परिजनों ने निक्की भाटी को जला दिया। पड़ोसी की मदद से उसे अस्पताल ले जाया गया था। जहां से सफदरजंग अस्पताल दिल्ली रेफर किया गया। वहीं उसकी मौत हो गई थी। विपिन 24 अगस्त 2025 से जेल में बंद है।
बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि आरोप पूरी तरह झूठे हैं। उनके मुताबिक मृतका और उसकी बहन की शादी एक ही घर में हुई थी। मृतका ने मकान के ऊपरी हिस्से में ब्यूटी पार्लर खोला था, जिसे लेकर पति-पत्नी के रिश्ते सामान्य नहीं थे और अक्सर विवाद होता था। घटना वाले दिन विवाद के चलते महिला ने खुद को आग लगा ली। मृतका के भाई रोहित के बयान का भी हवाला दिया गया। मामले में सबसे अहम बिंदु दंपती के नाबालिग पुत्र का बयान रहा। उसने कहा कि पिता ने मां को जलाया। इसपर बचाव पक्ष ने दलील दी कि वह मुश्किल से पांच साल का बच्चा है और बयान दो माह बाद दर्ज हुआ। इसलिए वह प्रथम दृष्टया सिखाया-पढ़ाया गवाह प्रतीत होता है और उसके बयान पर भरोसा नहीं किया जा सकता। दोनों पक्षों को सुनने और रिकॉर्ड देखने के बाद कोर्ट ने कहा कि सूचिका की एफआईआर की कहानी विवेचना के दौरान दर्ज उसके बयान के विपरीत है। तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए प्रथम दृष्टया रिकॉर्ड पर ऐसी कोई सामग्री नहीं है जो बताए कि आरोपी ने मृतका को जलाया। मामले के तथ्यों पर कोई राय व्यक्त किए बिना कोर्ट ने जमानत अर्जी मंजूर कर ली।
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भाई, पिता, मां को पहले ही मिल चुकी है जमानत : विपिन के अधिवक्ता अमित भाटी बोड़ाकी ने बताया आरोपी विपिन के भाई रोहित, पिता सतवीर, मां दया की पूर्व में ही उच्च न्यायालय से जमानत मंजूर हो चुकी है। तीनों अभी जमानत पर बाहर हैं। सेशन कोर्ट में ट्रायल विचाराधीन है। उम्मीद है कि एक से दो दिन में विपिन जेल से बाहर आ जाएगा।
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- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना, प्रथम दृष्टया जलाने का कोई साक्ष्य नहीं
- डॉक्टर-नर्स के बयान और अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज को बनाया आधार
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निक्की भाटी हत्याकांड के मामले में पत्नी को जलाकर मार डालने के आरोप में एक साल से अधिक समय से जेल में बंद पति विपिन को जमानत दी है। न्यायमूर्ति समीर जैन की एकल पीठ ने कहा कि मौजूदा स्थिति में रिकॉर्ड पर ऐसी कोई सामग्री नहीं है। जिससे प्रथम दृष्टया यह कहा जा सके कि आवेदक ने पत्नी को जलाया।
विपिन के खिलाफ थाना कासना में प्राथमिकी दर्ज है। एफआईआर मृतका की बहन ने दर्ज कराई थी। आरोप है कि उसकी शादी आरोपी के भाई से हुई है और वह उसी घर में रहती थी। विपिन और उसके परिजनों ने निक्की भाटी को जला दिया। पड़ोसी की मदद से उसे अस्पताल ले जाया गया था। जहां से सफदरजंग अस्पताल दिल्ली रेफर किया गया। वहीं उसकी मौत हो गई थी। विपिन 24 अगस्त 2025 से जेल में बंद है।
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बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि आरोप पूरी तरह झूठे हैं। उनके मुताबिक मृतका और उसकी बहन की शादी एक ही घर में हुई थी। मृतका ने मकान के ऊपरी हिस्से में ब्यूटी पार्लर खोला था, जिसे लेकर पति-पत्नी के रिश्ते सामान्य नहीं थे और अक्सर विवाद होता था। घटना वाले दिन विवाद के चलते महिला ने खुद को आग लगा ली। मृतका के भाई रोहित के बयान का भी हवाला दिया गया। मामले में सबसे अहम बिंदु दंपती के नाबालिग पुत्र का बयान रहा। उसने कहा कि पिता ने मां को जलाया। इसपर बचाव पक्ष ने दलील दी कि वह मुश्किल से पांच साल का बच्चा है और बयान दो माह बाद दर्ज हुआ। इसलिए वह प्रथम दृष्टया सिखाया-पढ़ाया गवाह प्रतीत होता है और उसके बयान पर भरोसा नहीं किया जा सकता। दोनों पक्षों को सुनने और रिकॉर्ड देखने के बाद कोर्ट ने कहा कि सूचिका की एफआईआर की कहानी विवेचना के दौरान दर्ज उसके बयान के विपरीत है। तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए प्रथम दृष्टया रिकॉर्ड पर ऐसी कोई सामग्री नहीं है जो बताए कि आरोपी ने मृतका को जलाया। मामले के तथ्यों पर कोई राय व्यक्त किए बिना कोर्ट ने जमानत अर्जी मंजूर कर ली।
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भाई, पिता, मां को पहले ही मिल चुकी है जमानत : विपिन के अधिवक्ता अमित भाटी बोड़ाकी ने बताया आरोपी विपिन के भाई रोहित, पिता सतवीर, मां दया की पूर्व में ही उच्च न्यायालय से जमानत मंजूर हो चुकी है। तीनों अभी जमानत पर बाहर हैं। सेशन कोर्ट में ट्रायल विचाराधीन है। उम्मीद है कि एक से दो दिन में विपिन जेल से बाहर आ जाएगा।