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पटौदी चौक पर युवक का शव रखकर परिजनों का प्रदर्शन,निजी क्लीनिक संचालक और स्टाफ पर गलत उपचार करने का आरोप

Sun, 26 Sep 2021 11:03 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 26 Sep 2021 11:03 PM IST
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Demonstration of relatives by placing the dead body of young man at Pataudi Chowk, accusing private clinic operator and staff of wrong treatment
Demonstration of relatives by placing the dead body of young man at Pataudi Chowk, accusing private clinic operator and staff of wrong treatment
तावडू। नगर के बुराका-पचगांव बाईपास स्थित निजी क्लीनिक संचालक और उसके स्टाफ पर मोहित (20) का गलत उपचार करने का आरोप है। लोगों का कहना है कि इस कारण ही मोहित की मौत हो गई है। इससे गुस्साए परिजनों और उनके करीबियों ने शनिवार देर शाम क्लीनिक में पहुंचकर जमकर हंगामा काटा। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही शहर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए युवक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। पोस्टमार्टम होने के बाद परिजनों ने रविवार को पटौदी चौक पर शव रखकर जाम लगा दिया। आरोपी क्लीनिक संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे।
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शहर थाना प्रभारी चंद्रभान भारद्वाज ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। मोहित के पिता की शिकायत पर पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पीड़ित परिजनों के मुताबिक, पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे मोहित की 10 नवंबर को शादी तय थी। तावडू नगर के वार्ड नंबर 8 निवासी जीतराम ने बताया कि उनका पुत्र मोहित फास्ट फूड की रेहड़ी लगाता था। शनिवार दोपहर करीब 11:00 बजे उसे अचानक पेट में दर्द हुआ तो वह उसे लेकर शहर के एक अल्ट्रासाउंड केंद्र में जांच कराने के लिए पहुंचे। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के मुताबिक, मोहित के पेट में पथरी थी। बेटे को दर्द में आराम नहीं मिलने पर वह अपने भतीजे के साथ उसे लेकर नगर के बुराका- पचगांव बाईपास पर स्थित मैक्स हेल्थ केयर सेंटर में लेकर पहुंचे। जहां पर क्लीनिक संचालक और उसके स्टाफ द्वारा मोहित की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट देखने के बाद उसे भर्ती कर लिया गया।
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जीतराम के मुताबिक, क्लीनिक स्टाफ द्वारा शुरुआत में बेटे को ग्लूकोज की दो बोतलें चढ़ाई गई, लेकिन उसे दर्द में आराम नहीं मिला। आरोप है कि ग्लूकोज चढ़ाने के बाद मोहित की हालत और ज्यादा खराब होने लगी तो स्टाफ सदस्य ग्लूकोज की बोतल में दो इंजेक्शन मिलाकर केबिन में चले गए। आरोप है कि इसके बाद मोहित बेहोश हो गया। बेटे के बेहोश होने पर उन्होंने क्लीनिक संचालक से मोहित को अन्य अस्पताल में रेफर करने की गुहार लगाई, लेकिन रुपये ऐंठने के लालच में झूठा आश्वासन देते रहे। इसी दौरान मोहित की तबीयत ज्यादा खराब होने के कारण उसकी मौत हो गई। मोहित की मौत की भनक लगते ही क्लीनिक संचालक मौके से फरार हो गया।
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पीड़ित जीतराम ने पुलिस को शिकायत देकर कहा कि उन्हें पूरा शक है कि उनके बेटे मोहित की मौत क्लीनिक संचालक और उसके स्टाफ की लापरवाही के कारण हुई है। वहीं, शहर थाना प्रभारी चंद्रभान भारद्वाज का कहना है कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के आधार पर पर ही पुलिस कार्रवाई करेगी।
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