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Noida News: जर्मनी में हिटलर के अत्याचारों को दर्शाता नाटक ‘डेढ़ इंच ऊपर’ मंचित
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हिसार। सेक्टर-15 स्थित रियाज स्टूडियो में आयोजित नाटक का दृश्य। स्त्रोत आयोजक
संवाद न्यूज एजेंसी
हिसार। कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, हरियाणा के सहयोग से रविवार को सेक्टर-15 स्थित रियाज स्टूडियो में नाटक ‘डेढ़ इंच ऊपर’ का मंचन किया गया। नाटयप्रस्थ रंगमंच के अध्यक्ष आरबी आर्य और उनकी पत्नी शशि आर्य मुख्य अतिथि रहे।
नाटक की प्रस्तुति एवं निर्देशन रंगमंच के कलाकार अपूर्व भारद्वाज ने किया, जबकि मंच संचालन विभोर भारद्वाज ने संभाला। अपूर्व भारद्वाज ने बताया कि उन्होंने अभिनय की बारीकियां अपने गुरुओं, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त प्रसिद्ध सांगी कलाकार सतीश कश्यप और बिस्मिलाह खान अवॉर्डी मनीष जोशी से सीखी हैं।
यह नाटक जर्मनी में हिटलर के अत्याचारों के दौर को दर्शाता है और मानवीय संवेदनाओं की एक गहन कहानी प्रस्तुत करता है। यह इंसान के अकेलेपन, वैचारिक द्वंद्व और रिश्तों में उत्पन्न अविश्वास से उपजी निराशा को सहज तरीके से उजागर करता है। साथ ही, पुरुषों के जीवन में स्त्री के महत्व को भी रेखांकित करता है। नाटक की कहानी एक बार में बैठे व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अनजान लोगों को अपने जीवन की परत-दर-परत घटनाएं सुनाता है। भीड़भाड़ के बीच खुद को अकेला महसूस करने वाला यह पात्र अपने अनुभव दर्शकों के साथ साझा करता है।
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हिसार। कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, हरियाणा के सहयोग से रविवार को सेक्टर-15 स्थित रियाज स्टूडियो में नाटक ‘डेढ़ इंच ऊपर’ का मंचन किया गया। नाटयप्रस्थ रंगमंच के अध्यक्ष आरबी आर्य और उनकी पत्नी शशि आर्य मुख्य अतिथि रहे।
नाटक की प्रस्तुति एवं निर्देशन रंगमंच के कलाकार अपूर्व भारद्वाज ने किया, जबकि मंच संचालन विभोर भारद्वाज ने संभाला। अपूर्व भारद्वाज ने बताया कि उन्होंने अभिनय की बारीकियां अपने गुरुओं, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त प्रसिद्ध सांगी कलाकार सतीश कश्यप और बिस्मिलाह खान अवॉर्डी मनीष जोशी से सीखी हैं।
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यह नाटक जर्मनी में हिटलर के अत्याचारों के दौर को दर्शाता है और मानवीय संवेदनाओं की एक गहन कहानी प्रस्तुत करता है। यह इंसान के अकेलेपन, वैचारिक द्वंद्व और रिश्तों में उत्पन्न अविश्वास से उपजी निराशा को सहज तरीके से उजागर करता है। साथ ही, पुरुषों के जीवन में स्त्री के महत्व को भी रेखांकित करता है। नाटक की कहानी एक बार में बैठे व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अनजान लोगों को अपने जीवन की परत-दर-परत घटनाएं सुनाता है। भीड़भाड़ के बीच खुद को अकेला महसूस करने वाला यह पात्र अपने अनुभव दर्शकों के साथ साझा करता है।
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