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दिल्ली और मेरठ समेत अन्य केंद्रों के ध्यानार्थ : चाकू संग जेल भेजे गए किशोर की मौत, संगीन आरोपों मेें घिरी पुलिस
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संशोधित
जेल भेजे गए किशोर की मौत, संगीन आरोपों मेें घिरी पुलिस
- परिजनों ने नाबालिग को बालिग बताकर जेल भेजने और हत्या का लगाया आरोप, कहा-नहीं दी गई सूचना
- परिजन बोले, सिर और पेट में चोट के निशान और किशोर के बाल भी काटे गए
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। फेज-1 थाना पुलिस ने 13 अप्रैल को 16 साल 9 माह के किशोर को बालिग बताकर जेल भेज दिया। 21 अप्रैल को हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल भेजा गया। उपचार के दौरान किशोर की मौत हो गई। चाकू के साथ पकड़े जाने के आरोप में जेल भेजे गए किशोर की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस और जेल प्रशासन पर संगीन आरोप लगाए हैं। सोमवार को फेज-1 थाने पर पहुंचे परिजनों ने पुलिस और जले प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा किया। वहीं पुलिस ने आरोपों को निराधार बताते हुए मामले की जांच का आश्वासन दिया है। उधर जेल प्रशासन ने भी आरोपों को निराधार बताया है।
दिल्ली के अशोक नगर निवासी विनीत सिंह ने बताया कि छोटे नाबालिग भाई और उसके साथी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस ने भाई को चाकू के साथ गिरफ्तार बताया था। आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने परिजन को सूचना नहीं दी और उसे बालिग बताकर जेल भेज दिया। जेल से परिजन को कॉल आने पर किशोर की गिरफ्तारी की जानकारी मिली। परिजन जब जेल में मिलने पहुंचे तो उन्हें किशोर की हालत बिगड़ने पर जिम्स भेजे जाने की जानकारी दी गई। 21 अप्रैल को जिम्स से मेरठ अस्पताल भेजा गया। परिजन मेरठ पहुंचे तो शुरुआत में किशोर के स्वस्थ होने की जानकारी दी गई। बाद में उन्हें किशोर के दम तोड़ने की बात बताई गई। परिजनों ने बताया कि आधार कार्ड में समेत शैक्षिक प्रमाण पत्र में युवक की जन्मतिथि 15 जुलाई 2006 है। वहीं पुलिस का कहना है कि सुमित ने खुद अपनी आयु थाने, न्यायालय में 19 वर्ष बताई थी।
सिर, पेट पर चोट के निशान, बाल भी काट दिए
परिजनों के मुताबिक पुलिस ने किशोर की गिरफ्तारी का फोटो ट्विटर पर शेयर किया, इसमें उसके बाल काफी बड़े थे। परिजन जब अस्पताल में पहुंचे तो किशोर गंजा था। इसके अलावा उसके सिर और पेट पर चोट के निशान थे। परिजन का आरोप है कि किशोर की पीटकर हत्या की गई है। वहीं जेल अधीक्षक अरुण प्रताप सिंह का कहना है कि हेपेटाइटिस बीमारी से ग्रसित होने के कारण बंदी की हालत बिगड़ी थी। बीमारी से ही उसकी मौत हो गई।
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कोट
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने आयु 19 साल बताई थी। मेडिकल उम्र में उसकी रिपोर्ट 19 साल आई है। पुलिस पर आरोप निराधार हैं। हालांकि मामले की जांच की जा रही है। - हरीश चंदर, डीसीपी नोएडा
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जेल भेजे गए किशोर की मौत, संगीन आरोपों मेें घिरी पुलिस
- परिजनों ने नाबालिग को बालिग बताकर जेल भेजने और हत्या का लगाया आरोप, कहा-नहीं दी गई सूचना
- परिजन बोले, सिर और पेट में चोट के निशान और किशोर के बाल भी काटे गए
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। फेज-1 थाना पुलिस ने 13 अप्रैल को 16 साल 9 माह के किशोर को बालिग बताकर जेल भेज दिया। 21 अप्रैल को हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल भेजा गया। उपचार के दौरान किशोर की मौत हो गई। चाकू के साथ पकड़े जाने के आरोप में जेल भेजे गए किशोर की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस और जेल प्रशासन पर संगीन आरोप लगाए हैं। सोमवार को फेज-1 थाने पर पहुंचे परिजनों ने पुलिस और जले प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा किया। वहीं पुलिस ने आरोपों को निराधार बताते हुए मामले की जांच का आश्वासन दिया है। उधर जेल प्रशासन ने भी आरोपों को निराधार बताया है।
दिल्ली के अशोक नगर निवासी विनीत सिंह ने बताया कि छोटे नाबालिग भाई और उसके साथी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस ने भाई को चाकू के साथ गिरफ्तार बताया था। आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने परिजन को सूचना नहीं दी और उसे बालिग बताकर जेल भेज दिया। जेल से परिजन को कॉल आने पर किशोर की गिरफ्तारी की जानकारी मिली। परिजन जब जेल में मिलने पहुंचे तो उन्हें किशोर की हालत बिगड़ने पर जिम्स भेजे जाने की जानकारी दी गई। 21 अप्रैल को जिम्स से मेरठ अस्पताल भेजा गया। परिजन मेरठ पहुंचे तो शुरुआत में किशोर के स्वस्थ होने की जानकारी दी गई। बाद में उन्हें किशोर के दम तोड़ने की बात बताई गई। परिजनों ने बताया कि आधार कार्ड में समेत शैक्षिक प्रमाण पत्र में युवक की जन्मतिथि 15 जुलाई 2006 है। वहीं पुलिस का कहना है कि सुमित ने खुद अपनी आयु थाने, न्यायालय में 19 वर्ष बताई थी।
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सिर, पेट पर चोट के निशान, बाल भी काट दिए
परिजनों के मुताबिक पुलिस ने किशोर की गिरफ्तारी का फोटो ट्विटर पर शेयर किया, इसमें उसके बाल काफी बड़े थे। परिजन जब अस्पताल में पहुंचे तो किशोर गंजा था। इसके अलावा उसके सिर और पेट पर चोट के निशान थे। परिजन का आरोप है कि किशोर की पीटकर हत्या की गई है। वहीं जेल अधीक्षक अरुण प्रताप सिंह का कहना है कि हेपेटाइटिस बीमारी से ग्रसित होने के कारण बंदी की हालत बिगड़ी थी। बीमारी से ही उसकी मौत हो गई।
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गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने आयु 19 साल बताई थी। मेडिकल उम्र में उसकी रिपोर्ट 19 साल आई है। पुलिस पर आरोप निराधार हैं। हालांकि मामले की जांच की जा रही है। - हरीश चंदर, डीसीपी नोएडा