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Noida: यूनिटेक के 8855 खरीदारों का डाटा गायब, कामकाज अटका; सामने आई बड़ी गड़बड़ी
Tue, 13 Feb 2024 09:49 AM IST
अनुज कुमार
सुशील पांडेय, अमर उजाला, नोएडा
सुशील पांडेय, अमर उजाला, नोएडा
Published by: अनुज कुमार
Updated Tue, 13 Feb 2024 09:49 AM IST
सार
यूनिटेक के डाटा बेस के मुताबिक कुछ 16450 खरीदार हैं। इनमें से 14936 आवासीय और 1514 वाणिज्यिक परियोजनाओं के खरीदार हैं। इन परियोजनाओं का काम पूरा होने के बाद कब्जा दिया जाएगा।
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यूनिटेक
- फोटो : social media
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विस्तार
यूनिटेक के देश भर की परियोजनाओं के 8855 खरीदारों का डाटा गायब हैं। सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित यूनिटेक बोर्ड खरीदारों की खोजबीन में जुटा है। बकाये की वसूली के लिए शुरू की गई प्रक्रिया के बाद खरीदारों के नाम नहीं मिलने की बात सामने आई। मामले में बोर्ड की ओर से खरीदारों से डाटा अपडेट करने की अपील की गई है। जिससे यह पता चल सके कि उनसे बकाये की रकम कब तक वापस मिल पाएगी। अहम है कि फंड की कमी से यूनिटेक की परियोजनाओं का काम प्रभावित हो रहा है। कई परियोजनाओं में काम रुका हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद यूनिटेक की परियोजनाओं का काम शुरू होने वाला है। कुछ काम एजेंसियों को दिए भी चुके हैं। काम के एवज में भुगतान आदि भी करना होगा। लिहाजा बोर्ड की ओर से पैसे का प्रबंधन किया जा रहा है। इसमें सबसे बड़ा अंश उन खरीदारों का है जिन्होंने फ्लैटों की बुकिंग कराई है और बचे हुए किस्तों का भुगतान नहीं किया है।
यूनिटेक के डाटा बेस के मुताबिक कुछ 16450 खरीदार हैं। इनमें से 14936 आवासीय और 1514 वाणिज्यिक परियोजनाओं के खरीदार हैं। इन परियोजनाओं का काम पूरा होने के बाद कब्जा दिया जाएगा। 15 सितंबर 2017 के सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन के क्रम में कोर्ट मित्र की ओर से यूनिटेक के 12130 खरीदारों का डाटा जुटाया गया था। लेकिन यह कारगर साबित नहीं हो पाया। अब जबकि खरीदारों को बकाये के लिए ढूंढा जा रहा है।
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एक फरवरी 2024 तक केवल 7595 लोगों ने अपना डाटा अपडेट किया है। खास बात यह कि कोर्ट मित्र के डाटा के बावजूद 4320 खरीदार गायब थे। अब जबकि दोबारा डाटा अपडेट किया जा रहा है तो 8855 खरीदारों तक यूनिटेक के बोर्ड की पहुंच नहीं बन पा रही है। ऐसे में बोर्ड के लिए यह मामला परेशानी का सबब बन चुका है।
बकाया ज्यादा, वसूली कम
बोर्ड के मुताबिक एक परियोजना में 97 करोड़ रुपये के बकाये के एवज केवल 27 करोड़ रुपये की वापसी हुई है। अलग-अलग परियोजनाओं में बकाये की वसूली का आंकड़ा अलग-अलग है। ग्रेटर नोएडा की परियोजना में 17.94 के बकाये के एवज में केवल 1.8 करोड़ रुपये घर खरीदारों ने जमा कराए हैं। ऐसे में परियोजना का काम आगे चलकर अटकने के आसार दिखने लगे हैं। यही वजह है कि काम शुरू करने से पहले खरीदारों से पैसे आदि की वसूली के उपाय किए जा रहे हैं।
यहां हैं यूनिटेक की परियोजनाएं
नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरूग्राम, चेन्नई, कोलकाता, मोहाली, लखनऊ
यूनिटेक के वैसे खरीदार, जिनकी परियोजनाओं का काम शुरू होने वाला है। उनको बकाये पैसे जल्द से जल्द चुकाने चाहिए। इसके बिना काम प्रभावित हो सकता है। - वाईएस मलिक, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, यूनिटेक
बकाया चुकाने की अपील
यूनिटेक की ओर से घर खरीदारों से बकाया चुकाने की अपील की गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत रिवाइज्ड पेमेंट प्लान लागू किया गया था, जिनकी किस्तें बीते जनवरी से शुरू हो चुकी हैं। इनमें जहां-जहां की परियोजनाओं के लिए काम दिया गया है। वहीं के खरीदारों को किस्तें आदि चुकानी है।
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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद यूनिटेक की परियोजनाओं का काम शुरू होने वाला है। कुछ काम एजेंसियों को दिए भी चुके हैं। काम के एवज में भुगतान आदि भी करना होगा। लिहाजा बोर्ड की ओर से पैसे का प्रबंधन किया जा रहा है। इसमें सबसे बड़ा अंश उन खरीदारों का है जिन्होंने फ्लैटों की बुकिंग कराई है और बचे हुए किस्तों का भुगतान नहीं किया है।
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यूनिटेक के डाटा बेस के मुताबिक कुछ 16450 खरीदार हैं। इनमें से 14936 आवासीय और 1514 वाणिज्यिक परियोजनाओं के खरीदार हैं। इन परियोजनाओं का काम पूरा होने के बाद कब्जा दिया जाएगा। 15 सितंबर 2017 के सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन के क्रम में कोर्ट मित्र की ओर से यूनिटेक के 12130 खरीदारों का डाटा जुटाया गया था। लेकिन यह कारगर साबित नहीं हो पाया। अब जबकि खरीदारों को बकाये के लिए ढूंढा जा रहा है।
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एक फरवरी 2024 तक केवल 7595 लोगों ने अपना डाटा अपडेट किया है। खास बात यह कि कोर्ट मित्र के डाटा के बावजूद 4320 खरीदार गायब थे। अब जबकि दोबारा डाटा अपडेट किया जा रहा है तो 8855 खरीदारों तक यूनिटेक के बोर्ड की पहुंच नहीं बन पा रही है। ऐसे में बोर्ड के लिए यह मामला परेशानी का सबब बन चुका है।
बकाया ज्यादा, वसूली कम
बोर्ड के मुताबिक एक परियोजना में 97 करोड़ रुपये के बकाये के एवज केवल 27 करोड़ रुपये की वापसी हुई है। अलग-अलग परियोजनाओं में बकाये की वसूली का आंकड़ा अलग-अलग है। ग्रेटर नोएडा की परियोजना में 17.94 के बकाये के एवज में केवल 1.8 करोड़ रुपये घर खरीदारों ने जमा कराए हैं। ऐसे में परियोजना का काम आगे चलकर अटकने के आसार दिखने लगे हैं। यही वजह है कि काम शुरू करने से पहले खरीदारों से पैसे आदि की वसूली के उपाय किए जा रहे हैं।
यहां हैं यूनिटेक की परियोजनाएं
नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरूग्राम, चेन्नई, कोलकाता, मोहाली, लखनऊ
यूनिटेक के वैसे खरीदार, जिनकी परियोजनाओं का काम शुरू होने वाला है। उनको बकाये पैसे जल्द से जल्द चुकाने चाहिए। इसके बिना काम प्रभावित हो सकता है। - वाईएस मलिक, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, यूनिटेक
बकाया चुकाने की अपील
यूनिटेक की ओर से घर खरीदारों से बकाया चुकाने की अपील की गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत रिवाइज्ड पेमेंट प्लान लागू किया गया था, जिनकी किस्तें बीते जनवरी से शुरू हो चुकी हैं। इनमें जहां-जहां की परियोजनाओं के लिए काम दिया गया है। वहीं के खरीदारों को किस्तें आदि चुकानी है।