{"_id":"5c8d3330bdec22141a4a1184","slug":"41552757552-noida-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विकास में धांधली का आरोप","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
विकास में धांधली का आरोप
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विकास में धांधली का आरोप
नूंह। टांई के सरपंच पर गांव के ही कई लोगों ने मनरेगा और अन्य विकास कार्यों में धांधली का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने जो जानकारी आरटीआइ के माध्यम से मांगे थे वो भी उन्हें नहीं दिए जा रहे हैं। वे इस मामले में उच्च अधिकारियों से अपील करने के साथ-साथ अतिरिक्त उपायुक्त से भी मिल चुके हैं, लेकिन उसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई है। गांव के ही इरफान पुत्र शहीद और सरफराज पुत्र जमालुद्दीन ने सरपंच पर पंचायत के विकास कार्यों में धांधली का आरोप लगाया है। शहीद व सरफराज ने बताया कि उनके गांव में सरपंच द्वारा मनरेगा के तहत गांव के जोहड़ों को मजदूरों के बजाय जेसीबी मशीन से खुदवाया गया है तथा जोहड़ों से निकलने वाली मिट्टी को ईंट भट्टों को बेचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरपंच द्वारा गांव में कोई विकास नहीं कराया गया है। गांव के अधिकतर रास्ते कच्चे हैं, जिनमें हर समय गंदा पानी और कीचड़ भरा रहता है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने गांव के विकास पर खर्च हुई राशि की आरटीआइ से जानकारी मांगी तो तीन महीने बाद भी उन्हें जानकारी नहीं दी गई है। वहीं सरपंच ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है। अतिरिक्त उपायुक्त राहुल हुड्डा ने इस शिकायत को लेकर कुछ लोगों से मुलाकात की और मामले में जानकारी जुटाने और कार्रवाई करने के लिए संबंधित एबीपीओ को कहा है।
विज्ञापन
नूंह। टांई के सरपंच पर गांव के ही कई लोगों ने मनरेगा और अन्य विकास कार्यों में धांधली का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने जो जानकारी आरटीआइ के माध्यम से मांगे थे वो भी उन्हें नहीं दिए जा रहे हैं। वे इस मामले में उच्च अधिकारियों से अपील करने के साथ-साथ अतिरिक्त उपायुक्त से भी मिल चुके हैं, लेकिन उसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई है। गांव के ही इरफान पुत्र शहीद और सरफराज पुत्र जमालुद्दीन ने सरपंच पर पंचायत के विकास कार्यों में धांधली का आरोप लगाया है। शहीद व सरफराज ने बताया कि उनके गांव में सरपंच द्वारा मनरेगा के तहत गांव के जोहड़ों को मजदूरों के बजाय जेसीबी मशीन से खुदवाया गया है तथा जोहड़ों से निकलने वाली मिट्टी को ईंट भट्टों को बेचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरपंच द्वारा गांव में कोई विकास नहीं कराया गया है। गांव के अधिकतर रास्ते कच्चे हैं, जिनमें हर समय गंदा पानी और कीचड़ भरा रहता है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने गांव के विकास पर खर्च हुई राशि की आरटीआइ से जानकारी मांगी तो तीन महीने बाद भी उन्हें जानकारी नहीं दी गई है। वहीं सरपंच ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है। अतिरिक्त उपायुक्त राहुल हुड्डा ने इस शिकायत को लेकर कुछ लोगों से मुलाकात की और मामले में जानकारी जुटाने और कार्रवाई करने के लिए संबंधित एबीपीओ को कहा है।