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Kaushambi News: वेंटिलेटर पर जिंदगी हार गई उर्वशी, मां की आंखों के सामने टूटा सहारा
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मनौरी पटाखा फैक्टरी विस्फोट में घायल 16 वर्षीय उर्वशी ने बुधवार सुबह चार बजे प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। कई घंटे तक वेंटिलेटर पर जिंदगी के लिए जूझती रही उर्वशी की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। उर्वशी की मौत के साथ ही हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है।
प्रयागराज के बम्हरौली पंतरवा निवासी रूपा देवी रक्षाबंधन मनाने के लिए बेटी उर्वशी और अन्य बच्चों के साथ भाई मंजीत के घर मनौरी बाजार आई थीं। मंजीत बैंक में कैशियर हैं और मनौरी में रहते हैं। मंजीत के मुताबिक, सोमवार को उर्वशी की मां रूपा देवी अपने चार बच्चों को लेकर पंतरवा चली गई थीं। स्कूल की छुट्टी होने के कारण उर्वशी मनौरी में ही रुक गई थी।
किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ घंटों बाद होने वाला धमाका परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लेगा। हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल उर्वशी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। हालत नाजुक होने पर उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद बुधवार तड़के उसकी सांसें थम गईं।
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दो साल पहले पिता की हो चुकी मौत
उर्वशी के पिता की करीब दो साल पहले मौत हो चुकी है। पिता के जाने के बाद मां रूपा देवी ही बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। बेटी के हादसे का शिकार होने के बाद मां पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है।
बाकी घायल खतरे से बाहर
वहीं, तीन अन्य घायलों पीहू, सविता और अनीता को होश आ गया है। ये गंभीर रूप से जख्मी हैं, लेकिन खतरे से बाहर हैं। अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. नीलम सिंह ने बताया कि तीनों घायलों की हालत पहले से काफी बेहतर है, लेकिन ठीक होने में लंबा वक्त लग सकता है। अस्पताल में रखकर ही उपचार किया जाएगा।
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प्रयागराज के बम्हरौली पंतरवा निवासी रूपा देवी रक्षाबंधन मनाने के लिए बेटी उर्वशी और अन्य बच्चों के साथ भाई मंजीत के घर मनौरी बाजार आई थीं। मंजीत बैंक में कैशियर हैं और मनौरी में रहते हैं। मंजीत के मुताबिक, सोमवार को उर्वशी की मां रूपा देवी अपने चार बच्चों को लेकर पंतरवा चली गई थीं। स्कूल की छुट्टी होने के कारण उर्वशी मनौरी में ही रुक गई थी।
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किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ घंटों बाद होने वाला धमाका परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लेगा। हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल उर्वशी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। हालत नाजुक होने पर उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद बुधवार तड़के उसकी सांसें थम गईं।
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दो साल पहले पिता की हो चुकी मौत
उर्वशी के पिता की करीब दो साल पहले मौत हो चुकी है। पिता के जाने के बाद मां रूपा देवी ही बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। बेटी के हादसे का शिकार होने के बाद मां पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है।
बाकी घायल खतरे से बाहर
वहीं, तीन अन्य घायलों पीहू, सविता और अनीता को होश आ गया है। ये गंभीर रूप से जख्मी हैं, लेकिन खतरे से बाहर हैं। अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. नीलम सिंह ने बताया कि तीनों घायलों की हालत पहले से काफी बेहतर है, लेकिन ठीक होने में लंबा वक्त लग सकता है। अस्पताल में रखकर ही उपचार किया जाएगा।