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पुन्हाना 1
Updated Tue, 21 Aug 2018 08:52 PM IST
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आखिर 15 दिन बाद दफनाया साहिब का शव
-कथित तौर पर पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था
अमर उजाला ब्यूरो
पुन्हाना। गत 7 अगस्त को खंड के गांव पटाकपुर में कथित तौर पुलिस एनकाउंटर में मारे गए नहेदा निवासी साहिब का शव आखिर 15 दिन बाद मंगलवार को भारी भीड़ व पुलिस की मौजूदगी के बीच सुुपुर्द ए खाक कर दिया गया। एहतियात के तौर पर आसपास के जिलों की पुलिस को भी अलर्ट किया हुआ था। हालंाकि शांति बनी रहने से पुलिस ने राहत की सांस ली।
गांव पटाकपुर निवासी बदमाश शब्बीर को पकडने के लिए देहरादून और पुन्हाना पुलिस गत 7 अगस्त को गांव पटाकपुरआई थी। पुलिस ने शब्बीर को पकड़ लिया था लेकिन कुछ ग्रामणों ने उसे पुलिस के कब्जे से छुड़ा लिया। इसी दौरान दोनों पक्षों की ओर से गोली चलने के दौरान कथित तौर पर भीड़ में मौजूद साहिब को की गोली लगने से मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि साहिब को पुलिस ने जानबूझकर गोली मारी। हालांकि पुलिस ने इससे इनकार किया। ग्रामीणों के आंदोलनरत होने से इस मामले में 20 से अधिक पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। ग्रामीणों ने पीजीआई रोहतक की मोर्चरी में रखे शव को उठाने से इनकार करते हुए पुन्हाना में धरना शुरू कर दिया था। सोमवार दोपहर महापंचायत के बाद शव को नहेदा लाया गया। मंगलवर को सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में नमाज-ए-जनाजा पढ़ाने के बाद साहिब के शव को दफना दिया गया। इस मौके पर पूर्व परिवहन मंत्री आफताब अहमद, पूर्व पशुपालन मंत्री मोहम्मद इलयास, पूर्व विधायक हबीबुर्रहमान, विधायक जाकिर के पुत्र ताहिर हुसैन, सहाब खां पटवारी, जावेद अहमद सोहना, अख्तर हुसैन काटपुरी, एजाज खां काटपुरी, सुभान खां गोहेता, भाजपा नेता इकबाल जेलदार सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
भीड को देखकर की बैरिकेडिंग्स
साहिब के नमाज ए जनाजा में भारी भीड़ उमड़ी। इस वजह से उसकी कब्र के काफी दूर तक बैरिकेड्स लगा दिए गए और मिट्टी देने और देकर जाने वालों को अलग रास्ते से निकाला गया। पूर्व परिवहन मंत्री आफताब अहमद ने कहा कि जिले के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब इंसाफ के लिए शव को रखकर 14 दिन तक धरना चला और सरकार ने समझौते के लिए कोई पहल नहीं की।
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फोटो---मृतक साहिब को मिट्टी देने इलाके के हजारों लोग
फोटो साहिब के पार्थिक शरीर को कब्र तक लाते लोग
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आखिर 15 दिन बाद दफनाया साहिब का शव
-कथित तौर पर पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था
अमर उजाला ब्यूरो
पुन्हाना। गत 7 अगस्त को खंड के गांव पटाकपुर में कथित तौर पुलिस एनकाउंटर में मारे गए नहेदा निवासी साहिब का शव आखिर 15 दिन बाद मंगलवार को भारी भीड़ व पुलिस की मौजूदगी के बीच सुुपुर्द ए खाक कर दिया गया। एहतियात के तौर पर आसपास के जिलों की पुलिस को भी अलर्ट किया हुआ था। हालंाकि शांति बनी रहने से पुलिस ने राहत की सांस ली।
गांव पटाकपुर निवासी बदमाश शब्बीर को पकडने के लिए देहरादून और पुन्हाना पुलिस गत 7 अगस्त को गांव पटाकपुरआई थी। पुलिस ने शब्बीर को पकड़ लिया था लेकिन कुछ ग्रामणों ने उसे पुलिस के कब्जे से छुड़ा लिया। इसी दौरान दोनों पक्षों की ओर से गोली चलने के दौरान कथित तौर पर भीड़ में मौजूद साहिब को की गोली लगने से मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि साहिब को पुलिस ने जानबूझकर गोली मारी। हालांकि पुलिस ने इससे इनकार किया। ग्रामीणों के आंदोलनरत होने से इस मामले में 20 से अधिक पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। ग्रामीणों ने पीजीआई रोहतक की मोर्चरी में रखे शव को उठाने से इनकार करते हुए पुन्हाना में धरना शुरू कर दिया था। सोमवार दोपहर महापंचायत के बाद शव को नहेदा लाया गया। मंगलवर को सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में नमाज-ए-जनाजा पढ़ाने के बाद साहिब के शव को दफना दिया गया। इस मौके पर पूर्व परिवहन मंत्री आफताब अहमद, पूर्व पशुपालन मंत्री मोहम्मद इलयास, पूर्व विधायक हबीबुर्रहमान, विधायक जाकिर के पुत्र ताहिर हुसैन, सहाब खां पटवारी, जावेद अहमद सोहना, अख्तर हुसैन काटपुरी, एजाज खां काटपुरी, सुभान खां गोहेता, भाजपा नेता इकबाल जेलदार सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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भीड को देखकर की बैरिकेडिंग्स
साहिब के नमाज ए जनाजा में भारी भीड़ उमड़ी। इस वजह से उसकी कब्र के काफी दूर तक बैरिकेड्स लगा दिए गए और मिट्टी देने और देकर जाने वालों को अलग रास्ते से निकाला गया। पूर्व परिवहन मंत्री आफताब अहमद ने कहा कि जिले के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब इंसाफ के लिए शव को रखकर 14 दिन तक धरना चला और सरकार ने समझौते के लिए कोई पहल नहीं की।
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फोटो साहिब के पार्थिक शरीर को कब्र तक लाते लोग