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पुलिस को साइबर, ट्रैफिक, आर्टिफिरशियल इंटेलिजेंस, आंतकियों से निपटने को तकनीक करेगी मदद
Updated Tue, 04 Dec 2018 11:39 PM IST
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आतंकियों से निपटने में तकनीक करेगी मदद
- आईआईआईटी दिल्ली में उपराज्यपाल ने टेक्नोलॉजी और पुलिसिंग केंद्र का किया उद्घाटन
- नई तकनीक से पुलिस के कामकाज में आएगा सुधार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अपराध निवारण और नियंत्रण के क्षेत्र में दिल्ली पुलिस को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी में मजबूत करने के मकसद से आईआईआईटी दिल्ली में टेक्नोलॉजी और पुलिसिंग केंद्र खोला गया है। इस शोध केंद्र का उद्देश्य राजधानी में पुलिस के कामकाज में सुधार लाना है। यह संबंधित विभाग को आपराधिक पहचान, कानून और व्यवस्था प्रबंधन, साइबर पुलिस, यातायात प्रबंधन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग करके आतंकवादी गतिविधियों का मुकाबला करने, सोशल मीडिया विश्लेषण, बॉयोमीट्रिक्स, इमेज प्रोसेसिंग, बिग डाटा और नेटवर्क फोरेंसिक में सहायता करेगा।
आईआईआईटी दिल्ली कैंपस में मंगलवार को उपराज्यपाल अनिल बैजल ने इस टेक्नोलॉजी और पुलिसिंग केंद्र का उद्घाटन किया। उपराज्यपाल ने कहा कि इस शोध केंद्र का उद्घाटन निश्चित रूप से आपराधिक गतिविधियों को नियंत्रित करने की क्षमता में सुधार करेगा। यह केंद्र पुलिस कर्मियों को नवीनतम उपकरणों के साथ प्रशिक्षित भी करेगा।
केंद्र निदेशक एवं प्रोफेसर रंजन बोस के मुताबिक, आज अपराधियों के पास तकनीक की अधिक जानकारी है, जोकि सबसे बड़ी चुनौती है। पुलिस को अब तक इस क्षेत्र में प्रशिक्षित नहीं किया गया था। इन परिस्थितियों से निपटना उनके लिए चुनौतीपूर्ण है। दिल्ली पुलिस आधुनिकीकरण, अपराध से निपटने और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करने की संभावना को सक्रिय रूप से खोज रही है।
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प्रो. बोस के मुताबिक, यह केंद्र दिल्ली पुलिस को सार्वजनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग करके नागरिकों के जीवन, सार्वजनिक और निजी इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा करने में मदद करेगा।
इसका उद्देश्य उन विभिन्न तकनीकी मुद्दों को हल करने के लिए विश्व स्तरीय शोधकर्ताओं को एक साथ लाना है, जिनका अपराध और आतंकवाद से निपटने के दौरान सुरक्षा कर्मियों को अक्सर सामना करना पड़ता है।
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- आईआईआईटी दिल्ली में उपराज्यपाल ने टेक्नोलॉजी और पुलिसिंग केंद्र का किया उद्घाटन
- नई तकनीक से पुलिस के कामकाज में आएगा सुधार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अपराध निवारण और नियंत्रण के क्षेत्र में दिल्ली पुलिस को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी में मजबूत करने के मकसद से आईआईआईटी दिल्ली में टेक्नोलॉजी और पुलिसिंग केंद्र खोला गया है। इस शोध केंद्र का उद्देश्य राजधानी में पुलिस के कामकाज में सुधार लाना है। यह संबंधित विभाग को आपराधिक पहचान, कानून और व्यवस्था प्रबंधन, साइबर पुलिस, यातायात प्रबंधन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग करके आतंकवादी गतिविधियों का मुकाबला करने, सोशल मीडिया विश्लेषण, बॉयोमीट्रिक्स, इमेज प्रोसेसिंग, बिग डाटा और नेटवर्क फोरेंसिक में सहायता करेगा।
आईआईआईटी दिल्ली कैंपस में मंगलवार को उपराज्यपाल अनिल बैजल ने इस टेक्नोलॉजी और पुलिसिंग केंद्र का उद्घाटन किया। उपराज्यपाल ने कहा कि इस शोध केंद्र का उद्घाटन निश्चित रूप से आपराधिक गतिविधियों को नियंत्रित करने की क्षमता में सुधार करेगा। यह केंद्र पुलिस कर्मियों को नवीनतम उपकरणों के साथ प्रशिक्षित भी करेगा।
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केंद्र निदेशक एवं प्रोफेसर रंजन बोस के मुताबिक, आज अपराधियों के पास तकनीक की अधिक जानकारी है, जोकि सबसे बड़ी चुनौती है। पुलिस को अब तक इस क्षेत्र में प्रशिक्षित नहीं किया गया था। इन परिस्थितियों से निपटना उनके लिए चुनौतीपूर्ण है। दिल्ली पुलिस आधुनिकीकरण, अपराध से निपटने और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करने की संभावना को सक्रिय रूप से खोज रही है।
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प्रो. बोस के मुताबिक, यह केंद्र दिल्ली पुलिस को सार्वजनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग करके नागरिकों के जीवन, सार्वजनिक और निजी इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा करने में मदद करेगा।
इसका उद्देश्य उन विभिन्न तकनीकी मुद्दों को हल करने के लिए विश्व स्तरीय शोधकर्ताओं को एक साथ लाना है, जिनका अपराध और आतंकवाद से निपटने के दौरान सुरक्षा कर्मियों को अक्सर सामना करना पड़ता है।