{"_id":"5b5228524f1c1b45748b61f4","slug":"15321109273-ashram-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूदखोरों से परेशान होकर कारोबारी ने फांसी लगाकर दी थी जान","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सूदखोरों से परेशान होकर कारोबारी ने फांसी लगाकर दी थी जान
Updated Fri, 20 Jul 2018 11:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सूदखोरों से परेशान होकर कारोबारी ने लगाई थी फांसी
पिता ने बेटे का सुसाइड नोट और वीडियो रिकार्डिंग पुलिस को सौंपी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सराय रोहिल्ला में सूदखोरों की प्रताड़ना से तंग आकर कारोबारी ने फांसी लगाई थी। इसका खुलासा उसके सुसाइड नोट व वीडियो से हुआ है, जिसे मृतक के पिता ने पुलिस को सौंपा है। सुसाइड नोट में सात लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस ने साक्ष्यों को लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, ओमप्रकाश राठौड़ परिवार के साथ इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन के पास रहते हैं। 10 मई को उनके बेटे चंद्रशेखर ने फांसी लगा ली थी। ओमप्रकाश का कहना है कि घटना वाले दिन उसने पुलिस को चंद्रशेखर का सुसाइड नोट और वीडियो रिकार्डिंग देेने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तफ्तीश के दौरान उसे लेने की बात कही।
ओमप्रकाश ने बताया कि उनका बेटा चंद्रशेखर घटना से पहले काफी परेशान था। पूछने पर उसने बताया कि उसने जिन लोगों से पैसा उधार लिया था, उन्हें ब्याज समेत वापस कर दिया है, बावजूद उधार देने वाले सूदखोर बदमाशों को भेजकर उसे धमकी दे रहे हैं। उसने बताया कि 8 मई को बदमाशों ने मारपीट की थी और दुकान से बाइक व स्कूटी उठाकर ले गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिता ने बेटे का सुसाइड नोट और वीडियो रिकार्डिंग पुलिस को सौंपी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सराय रोहिल्ला में सूदखोरों की प्रताड़ना से तंग आकर कारोबारी ने फांसी लगाई थी। इसका खुलासा उसके सुसाइड नोट व वीडियो से हुआ है, जिसे मृतक के पिता ने पुलिस को सौंपा है। सुसाइड नोट में सात लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस ने साक्ष्यों को लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, ओमप्रकाश राठौड़ परिवार के साथ इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन के पास रहते हैं। 10 मई को उनके बेटे चंद्रशेखर ने फांसी लगा ली थी। ओमप्रकाश का कहना है कि घटना वाले दिन उसने पुलिस को चंद्रशेखर का सुसाइड नोट और वीडियो रिकार्डिंग देेने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तफ्तीश के दौरान उसे लेने की बात कही।
विज्ञापन
ओमप्रकाश ने बताया कि उनका बेटा चंद्रशेखर घटना से पहले काफी परेशान था। पूछने पर उसने बताया कि उसने जिन लोगों से पैसा उधार लिया था, उन्हें ब्याज समेत वापस कर दिया है, बावजूद उधार देने वाले सूदखोर बदमाशों को भेजकर उसे धमकी दे रहे हैं। उसने बताया कि 8 मई को बदमाशों ने मारपीट की थी और दुकान से बाइक व स्कूटी उठाकर ले गए थे।
विज्ञापन