{"_id":"69bfe2790fbfac01a50045d0","slug":"court-decision-grnoida-news-c-23-1-lko1064-90592-2026-03-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: जानलेवा हमले के आरोपी को नहीं मिली राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: जानलेवा हमले के आरोपी को नहीं मिली राहत
विज्ञापन
(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिला अदालत ने जानलेवा हमले के एक गंभीर मामले में आरोपी चांद मोहम्मद की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। न्यायालय ने घटना की गंभीरता, पीड़ित की हालत और केस डायरी में उपलब्ध साक्ष्यों को प्रमुख आधार माना। मामला थाना बादलपुर क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार वादी नसरत उर्फ नासिर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 19 जुलाई 2025 की शाम करीब 7 बजे आरोपी चांद मोहम्मद सहित अन्य सह आरोपी दिलशाद, दीन मोहम्मद, अनस, शहनाज और खुर्शीद एक राय होकर उसके घर में घुस आए और उसके भाई जुबैर पर जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने धारदार हथियार और लाठी-डंडों से वार किए, जिससे जुबैर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसकी हालत इतनी नाजुक हो गई कि जान बचना मुश्किल बताया गया था। आरोपी के अधिवक्ता ने गंभीर चोटें मुख्य रूप से अन्य सहआरोपियों द्वारा लाठी-डंडों से पहुंचाई गई हैं। चांद मोहम्मद केवल बीच-बचाव करने के लिए मौके पर मौजूद था। वहीं दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने माना कि आरोपी का नाम एफआईआर में स्पष्ट रूप से दर्ज है। प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयानों में उसकी संलिप्तता की पुष्टि होती है। इस कारण जमानत देने से मना कर दिया।
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिला अदालत ने जानलेवा हमले के एक गंभीर मामले में आरोपी चांद मोहम्मद की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। न्यायालय ने घटना की गंभीरता, पीड़ित की हालत और केस डायरी में उपलब्ध साक्ष्यों को प्रमुख आधार माना। मामला थाना बादलपुर क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार वादी नसरत उर्फ नासिर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 19 जुलाई 2025 की शाम करीब 7 बजे आरोपी चांद मोहम्मद सहित अन्य सह आरोपी दिलशाद, दीन मोहम्मद, अनस, शहनाज और खुर्शीद एक राय होकर उसके घर में घुस आए और उसके भाई जुबैर पर जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने धारदार हथियार और लाठी-डंडों से वार किए, जिससे जुबैर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसकी हालत इतनी नाजुक हो गई कि जान बचना मुश्किल बताया गया था। आरोपी के अधिवक्ता ने गंभीर चोटें मुख्य रूप से अन्य सहआरोपियों द्वारा लाठी-डंडों से पहुंचाई गई हैं। चांद मोहम्मद केवल बीच-बचाव करने के लिए मौके पर मौजूद था। वहीं दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने माना कि आरोपी का नाम एफआईआर में स्पष्ट रूप से दर्ज है। प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयानों में उसकी संलिप्तता की पुष्टि होती है। इस कारण जमानत देने से मना कर दिया।